अपनी ही टीम पर क्यों आग बबूला हुए विराट कोहली ?

क्रिकेट में कहते हैं कि कैच पकड़ो मैच जीतो, कैच फिसला, मैच फिसला... तिरुवनंतपुरम में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया की फील्डिंग की कहानी नहीं बदली. टीम इंडिया ने मैच में अहम मौकों पर कैच छोड़ा और उसे इसकी कीमत हार से चुकानी पड़ी.

तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में हार से विराट कोहली उतने खफा नहीं हैं, जितने टीम की खराब फील्डिंग से. विराट लगातार दूसरे मैच में खराब फील्डिंग को लेकर आग बबूला हैं. कोहली ने अपनी टीम को तो सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर ऐसी फील्डिंग रही तो कोई भी टोटल सुरक्षित नहीं है.

क्रिकेट में कहते हैं कि कैच पकड़ो मैच जीतो, कैच फिसला, मैच फिसला… तिरुवनंतपुरम में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया की फील्डिंग की कहानी नहीं बदली. टीम इंडिया ने मैच में अहम मौकों पर कैच छोड़ा और उसे इसकी कीमत हार से चुकानी पड़ी. 171 रनों का लक्ष्य इतना छोटा भी नहीं था कि वेस्टइंडीज की टीम इतनी आसानी से उसे हासिल कर ले, लेकिन टीम इंडिया की बेहद खराब फील्डिंग से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के हौसले बुलंद हो गए और वो 9 गेंद रहते ही मैदान मार कर सीरीज को 1-1 से बराबरी पर ले आए.

एक ही ओवर में छोड़े 2 कैच
भुवनेश्वर कुमार का पांचवां ओवर था. ओवर की दूसरी गेंद पर सिमंस ने मिड ऑफ के ऊपर से मारने की कोशिश की, गेंद हवा में थी, नीचे वॉशिंगटन सुंदर थे, लेकिन उन्होंने हाथ में आई गेंद को छोड़ दिया, और सिमंस को जीवनदान मिल गया. सिमंस तब 6 रन पर खेल रहे थे, बाद में यही सिमंस वेस्टइंडीज को जीता कर ही नॉट आउट 67 रन बनाकर लौटे. इसी ओवर की चौथी गेंद पर इविन लुइस ने कट करने की कोशिश की, गेंद विकेटकीपर ऋषभ पंत के दास्ताने में पहुंची, लेकिन पंत खुद भी गिरे, और कैच भी छोड़ दिया. ये कैच ड्रॉप भी टीम इंडिया को काफी महंगा पड़ा, लुईस का जब ये कैच छूटा तो वो 16 रन पर थे, बाद में वो 40 रन बना गए. इन दोनों कैचों का छूटना विराट कोहली के दिमाग से इतनी आसानी से नहीं निकलने वाला है.

मैच के बाद कोहली ने खराब फील्डिंग पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- अगर ऐसी ही फील्डिंग रही तो कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होगा. ”पिछले दो मैचों में हमारी फील्डिंग काफी खराब रही है. हमने अच्छी गेंदबाजी की और पहले 4 ओवर में विपक्षी टीम पर दबाव भी बनाया, लेकिन टी-20 मैच में एक ओवर में अगर आप दो कैच ड्रॉप कर देते हैं तो ये आपको काफी महंगा पड़ता है. अगर एक ओवर में 2 विकेट ले लेते हैं तो विपक्षी टीम पर दबाव होता है. हमें समझना होगा कि हमसे कहां गलती हो रही है. हमें इससे सबक लेकर अपनी फील्डिंग में सुधार करना होगा और छोड़े गए कैच के बारे में ज्यादा चिंता नहीं करनी होगी. हमारे लिए अब करो या मरो का मुकाबला है. मुंबई में हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना होगा. ”

अहम मौके पर दो कैच गंवाने के बाद टीम इंडिया ने तिरुवनंतपुरम में तीसरा कैच छोड़ा. 17वें ओवर में दीपक चाहर की गेंद पर निकोलस पूरन ने हवा में शॉट खेला, रोहित और श्रेयस अय्यर दौड़े, श्रेयस के हाथ से गेंद निकल गई और पूरन भी बच गए.

दूसरी तरफ इसी टी-20 में कप्तान कोहली ने अपनी टीम के खिलाड़ियों को बताया कि फील्डिंग में बहादुरी कैसी दिखानी चाहिए. जडेजा की गेंद पर कोहली ने शिमरॉन हेटमायर का बाउंड्री पर दौड़ते शानदार कैच पकड़ा. सांसे रोक देने वाले इस को कोहली ने जिस अंदाज में पकड़ा, उससे उनकी फिटनेस का भी पता चलता है. बाउंड्री पर शानदार कैच लपकने को कोहली ने कहा- ” कुछ इस तरह के कैच होते हैं जब गेंद हाथ में फंस जाती है. मैं गेंद को देख रहा था, फिर दोनों हाथों को आगे बढ़ाया और सौभाग्य रहा कि गेंद हाथों में आ गई. पिछले मैच में मैंने एक हाथ बढ़ाया था,लेकिन वो कैच छूट गया था.”

इससे पहले हैदराबाद टी-20 मैच में भी टीम इंडिया ने 5 कैच छोड़े थे और अपनी खराब फील्डिंग से एक्सट्रा रन भी वेस्टइंडीज को दिए थे. विराट समझ रहे हैं कि अगर जल्दी ही इस गलती को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में टीम को ये काफी महंगा पड़ेगा.