COVID-19: जापान, IOC एक साल के लिए ओलंपिक टालने को तैयार

ओलंपिक को स्थगित करने का फैसला इस समय फैली भयंकर बीमारी कोरोनावायरस (corona virus) के कारण लिया गया है. जिससे पूरी दुनिया में अभी तक 16,500 लोगों का जान जा चुकी है.

टोक्यो ओलंपिक-2020 (Tokyo Olympic) को एक साल तक के लिए टाल दिया गया है. जापान (Japan) के प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe)  मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के साथ खेलों के महाकुंभ को 2021 तक के लिए टालने को तैयार हो गए हैं. आईओसी और टोक्यो ओलम्पिक-2020 की आयोजन समिति ने बाद में एक संयुक्त बयान (joint statement) में कहा कि आईओसी अध्यक्ष थॉमस बाक और आबे खेलों को 2020 के बाद, 2021 में पुर्ननिर्धारित (reschedule) करने को तैयार हो गए हैं.

संयुक्त बयान में कहा गया है कि खेलों को स्थगित करने का फैसला इस समय फैली भयंकर बीमारी कोरोनावायरस के कारण लिया गया है जिसने लोगों के गतिविधियों पर पाबंदियां लगा दी हैं. इस बीमारी से अभी तक पूरे विश्व में 16,500 लोगों का जान जा चुकी है.

बयान में कहा गया है, “मौजूदा स्थिति में और डब्ल्यूएचओ (WHO) की मंगलवार को दी गई जानकारी के आधार पर, आईओसी अध्यक्ष और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे इस नतीजे पर पहुंचे कि टोक्यो ओलम्पिक को 2020 के बाद पुर्ननिर्धारित किया जाए लेकिन 2021 ग्रीष्मकाल के बाद नहीं, ताकि खिलाड़ियों और ओलंपिक खेलों से जुड़े सभी लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की जा सके.”

उन्होंने कहा, “अधिकारियों का मानना है कि टोक्यो ओलंपिक खेल इस मुश्किल समय में पूरे विश्व के लिए एक उम्मीद की किरण बन सकते हैं और ओलंपिक मशाल मुश्किल समय के अंत में मौजूद रोशनी, जिसमें यह विश्व इस समय खड़ा है, इसलिए यह फैसला लिया गया है कि ओलंपिक मशाल जापान में ही रहेगी. साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि खेलों का नाम टोक्यो ओलंपिक और पैरालं‍पिक-2020 ही रहेगा.”

आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक से बातचीत करने के बाद आबे ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मैंने एक साल के लिए खेलों को स्थगित करने का प्रस्ताव रखा था और अध्यक्ष बाक ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है.” आबे ने बाक के साथ मंगलवार को फोन पर बात की और दोनों स्थगित करने के समझौते पर तैयार हो गए. आईओसी पर काफी दिनों से कोरोनावायरस के कारण खेलों को स्थगित करने का दबाव था.

कनाडा ने साफ तौर पर कह दिया था कि अगर ओलम्पिक को एक साल तक के लिए आगे नहीं बढ़ाया जाता है तो वह इस बार खेलों में हिस्सा नहीं लेगा. यही बात आस्ट्रेलिया ने भी कही थी और अमेरिका तथा ग्रेट ब्रिटेन ने भी खेलों को टालने की बात कही थी.

दूसरे विश्व युद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि ओलम्पिक खेलों को स्थगित किया गया हो.

-IANS

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