वर्ल्ड कप के लिए पाक खिलाड़ियों को वीजा न देने पर भारत पर हुई कड़ी कार्रवाई

पाकिस्तान से तीन सदस्यों की टीम को बुधवार को दिल्ली में होने वाले शूटिंग वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए पहुंचना था. ये टूर्नामेंट अगले साल टोक्यो में होने वाले ओलंपिक के लिए क्वालीफाइंग इवेंट भी है.

नई दिल्ली.  शूटिंग वर्ल्ड का आयोजन दिल्ली में शनिवार से होना है. ऐसे में पाकिस्तान से हिस्सा लेने आने वाली तीन सदस्यों की टीम को भारत ने वीजा देने से मना कर दिया है. इसपर सख्त कदम उठाते हुए अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने भविष्य में ओलंपिक से संबंधित किसी भी टूर्नामेंट की मेजबानी करने के भारत के सभी आवेदनों को निलंबित कर दिया है. भारत को अब तभी किसी टूर्नामेंट की मेजबानी मिलेगी जब वह टूर्नामेंटों में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को इसमें प्रवेश देने का लिखित आश्वासन देगा.

घटाए गए दो क्वालीफिकेशन कोटे
पाकिस्तान के दो निशानेबाज और एक मैनेजर की टीम को वर्ल्ड कप के लिए आना था. वीजा न मिलने से वो इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, जोकि टोक्यो ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए जरुरी था. इस वर्ल्ड कप में टोक्यो ओलम्पिक-2020 के 16 कोटा दांव पर थे, जिसे ओलंपिक समिति ने अब घटाकर 14 कर दिया है. 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा से ओलंपिक क्वालीफिकेशन के दो कोटों को हटाया गया है. इसी में दो पाकिस्तानी निशानेबाजों भाग लेने वाले थे.

पुलवामा हमले के बाद भारत की कार्रवाई
भारत ने 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी निशानेबाजों को वीजा देने से मना कर दिया. पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. आईओसी ने बयान में कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद से और भारत सरकार के अधिकारियों के साथ अंतिम मिनट तक प्रयासों और चर्चा के बावजूद, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को भारत में प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए कोई समाधान नहीं निकला

IOC ने भारत पर लगाए प्रतिबन्ध
IOC के कार्यकारी बोर्ड ने भारत के साथ सभी मामलों को स्थगित करने का फैसला किया, ताकि भविष्य में खेल और भारत में ओलंपिक से संबंधित कार्यक्रमों की मेजबानी न हो सके. इतना ही नहीं IOC ने साथ ही अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों से भारत में होने वाले कार्यक्रमों को आयोजित न करने और भविष्य में किसी भी टूर्नामेंटों के लिए उसे मेजबानी अधिकार नहीं देने का आग्रह किया है, जब तक कि वह (भारत) सभी प्रतिभागियों को भाग लेने की इजाज न दे और इसके लिए वह लिखित आश्वासन न दे.

बता दें कि IOC का ये फैसला उस वक्त आया है जब भारत, 2026 का यूथ ओलंपिक, 2030 का एशियाई खेल और 2032 ओलंपिक की मेजबानी पाने के लिए प्रयास कर रहा है.

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