क्या टेस्ट क्रिकेट में अश्विन का पुनर्जन्म होने जा रहा है?

अश्विन ने ज्यादातर गेंद 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से की, जिसका फायदा ये हुआ कि बल्लेबाज को शॉट्स खेलने में दिक्कत हुई.
Ravichandran Ashwin, क्या टेस्ट क्रिकेट में अश्विन का पुनर्जन्म होने जा रहा है?

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम टेस्ट की पहली पारी में टीम इंडिया का अगर कोई गेंदबाज असरदार रहा तो वो थे रविचंद्रन अश्विन. करीब 10 महीने के बाद टीम इंडिया में जगह पाने वाले अश्विन ने विशाखापत्तनम में जोरदार वापसी की. अश्विन ने जाल बिछाया, जिसमें दक्षिण अफ्रीका की टीम फंस गई. कल मैच के आखिरी दिन भी उनका रोल अहम रहेगा.

दिलचस्प बात ये है कि इस टेस्ट मैच में जिन दो खिलाड़ियों पर सबसे ज्यादा निगाहें थीं वो हैं रोहित शर्मा और आर अश्विन. इन दोनों ही खिलाड़ियों ने अपने अपने खेल से टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.

विशाखापत्तनम टेस्ट में अश्विन का हर एक विकेट चक्रव्यूह की तरह रणनीति के तहत हासिल किया गया. अश्विन ने विशाखापत्तनम टेस्ट की पहली पारी में 145 रन देकर 7 विकेट अपने नाम किए. अश्विन ने मेहमान टीम के बल्लेबाजों के लिए जाल बुना.

‘दूसरा’ में फंसे क्विंटन डी कॉक

जिस ओवर में क्विंट डी कॉक आउट हुए, उस ओवर में अश्विन का चक्रव्यूह देखिए. अश्विन की पहली दो गेंद डी कॉक के लिए मिडिल स्टंप पर गिरने के बाद बाहर की ओर गई, लेकिन तीसरी गेंद पर अश्विन ने ‘दूसरा’ डाला. डी कॉक को गेंद समझ तक नहीं आई. शतक लगाने के बाद वो बोल्ड हो गए. किसी भी बल्लेबाज का बोल्ड होना या दिखाता है कि वो गेंद की लाइन को बिल्कुल समझ ही नहीं पाया.

बल्लेबाजों का फ्लाइट में फंसाया

पहली पारी में अश्विन ने फ्लाइट का बेहतरीन इस्तेमाल किया और इसी फ्लाइट के जरिए, एडन मार्करम, ब्रुयेन और फिलेंडर जैसे बल्लेबाजों को फंसाया.

धीमी गेंद का इस्तेमाल

अश्विन की गेंदबाजी में रफ्तार का बड़ा रोल रहा. अश्विन ने धीमी गेंदबाजी की. अश्विन ने ज्यादातर गेंद 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से की, जिसका फायदा ये हुआ कि बल्लेबाज को शॉट्स खेलने में दिक्कत हुई.

फाफ डूप्लेसी अश्विन की धीमी गेंद पर ही गलत शॉट खेलकर आउट हुए. अश्विन की गेंदबाजी में वेरिएशन दिखा और यही वजह है कि वो विशाखापत्तनम में इतने कामयाब हुए. अश्विन ने 27वीं बार एक पारी में 5 से ज्यादा विकेट अपने नाम किए. अनिल कुंबले के बाद अश्विन दूसरे सबसे ज्यादा ‘एक पारी में 5 विकेट’ हासिल करने वाले भारतीय गेंदबाज हैं.

इस कामयाबी के साथ ही अश्विन ने कामयाब कमबैक किया. चोट की वजह से वो पिछले साल दिसंबर में टेस्ट टीम से बाहर हो गए थे. इसके बाद उन्हें टीम में वापसी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. एक वक्त ऐसा भी आ गया था जब वो बतौर स्पिनर विराट कोहली की तीसरी पसंद थे. विराट उनसे पहले जडेजा और कुलदीप यादव को वरीयता देते थे. मायूस होकर अश्विन ने टीवी देखना तक छोड़ दिया था.

अश्विन वेस्टइंडीज दौरे में टीम इंडिया के साथ तो थे लेकिन प्लेइंग 11 में उन्हें हिस्सा नहीं मिला, आखिरकार अश्विन को विशाखापत्तनम में मौका मिला और अश्विन ने दोनों हाथों से इस मौके को लपका. अश्विन 66 टेस्ट में 349 विकेट हासिल कर चुके हैं और 350 के आंकड़े से सिर्फ एक विकेट दूर हैं.

इस टेस्ट मैच में भारत को जीत का सपना वही दिखा सकते हैं. भारतीय टीम की कोशिश होगी कि चौथी पारी में दक्षिण अफ्रीका को 70-75 ओवर बल्लेबाजी का मौका दिया जाए और कोशिश की जाए कि टेस्ट मैच में जीत मिले. आर अश्विन ही इस सपने को पूरा कर सकते हैं.

 

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