कपिल देव का बड़ा बयान- बॉथम, हैडली और इमरान को मिला भी दें तो मुझसे बेहतर एथलीट नहीं

कपिल देव (Kapil Dev) की कप्तानी में ही भारत ने 1983 में विश्व कप जीता था. कपिल देव ने भारत के लिए 356 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले. इसमें उन्होंने 9031 रन बनाए और 687 विकेट लिए.
Kapil Dev statement, कपिल देव का बड़ा बयान- बॉथम, हैडली और इमरान को मिला भी दें तो मुझसे बेहतर एथलीट नहीं

80 के दशक में विश्व क्रिकेट (World Cricket) में कई ऑलराउंडर क्रिकेटर मैदान में थे. इसमें इयान बॉथम (Ian Botham ), रिचर्ड हैडली, इमरान खान जैसे नाम हैं. इसमें भारत की तरफ से थे- कपिल देव (Kapil Dev). आए दिन इन खिलाड़ियों की तुलना की जाती है. ये चारों खिलाड़ी विश्व क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में भी गिने जाते हैं. कपिल देव ने बरसों बाद इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहाकि भले ही इन चारों खिलाड़ियों में वो सर्वश्रेष्ठ न हों लेकिन इतना तय है कि वो इन चारों से कहीं बेहतर एथलीट थे. कपिल देव ने कहा कि- “मैं ये नहीं कहूंगा कि मैं महानतम था लेकिन अगर इन तीनों को एक साथ जोड़ लिया जाए तो भी वो सबसे बेहतर एथलीट थे”. कपिल देव ने ये बात भारतीय महिला टीम के हेड कोच डब्लूवी रामन के साथ बातचीत में कही. कपिल ने ये भी कहाकि हम चारों में से सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रिचर्ड हेडली थे, हम चारों में वो कंप्यूटर की तरह था.

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इमरान खान को लेकर कपिल ने क्या कहा

कपिल देव ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान पर भी अपनी राय रखी. कपिल ने कहाकि 1992 में पाकिस्तान को विश्व कप जिताने वाले इमरान खान जैसा मेहनती खिलाड़ी उन्होंने कभी नहीं देखा. कपिल ने कहा-“ मैं ये नहीं कहूंगा इमरान खान सर्वश्रेष्ठ एथलीट थे या सबसे स्वाभाविक खिलाड़ी लेकिन वो हम सभी में सबसे ज्यादा मेहनती थे. जब उन्होंने शुरूआत की तो वो एक औसत गेंदबाज की तरह थे. लेकिन इसके बाद वो एक बेहद मेहनती तेज गेंदबाज बने. उन्होंने सबकुछ खुद से सीखा. इसके अलावा उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर भी मेहनत की.

इयन बॉथम थे सही मायनों में ऑलराउंडर

इंग्लैंड के इयान बॉथम को कपिल देव ने ‘रियल ऑलराउंडर’ कहा. कपिल देव ने कहा- “बॉथम सही मायने में ऑलराउंडर थे. मनमाफिक परिस्थितियां मिलने पर वो अकेले ही अपनी टीम को मैच जिता सकते थे. बॉथम गेंद और बल्ले दोनों से विरोधियों को नुकसान पहुंचाते थे. इमरान खान पूरी विरोधी टीम को आउट कर सकते थे लेकिन टीम के लीडर के तौर पर उनकी काबिलियत बेहतर थी. पाकिस्तान की टीम को संभालना उनके लिए चुनौती था. कपिल देव ने इस बातचीत में ये भी कहा कि वो रिचर्ड हैडली को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज नहीं कहेंगे. कपिल देव की कप्तानी में ही भारत ने 1983 में विश्व कप जीता था. कपिल देव ने भारत के लिए 356 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले. इसमें उन्होंने 9031 रन बनाए और 687 विकेट लिए. 1983 विश्व कप में भी उन्होंने गेंद और बल्ले से जबरदस्त योगदान दिया था. जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रनों की उनकी नॉट आउट पारी विश्व क्रिकेट इतिहास में दर्ज है.

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