MS Dhoni Retired: 23 दिसंबर 2004 को शुरू हुआ सफर आखिरकार खत्म, लंबा चला अटकलों का दौर

एमएस धोनी (MS Dhoni) को लेकर अटकलों का बाजार इसलिए भी गर्म था क्योंकि क्रिकेट के खेल में एक के बाद एक घटनाएं हो रही थीं. अव्वल तो वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के बाद धोनी ने खुद को टीम में सेलेक्शन के लिए ‘अवेलेबल’ नहीं कराया.
mahendra singh dhoni, MS Dhoni Retired: 23 दिसंबर 2004 को शुरू हुआ सफर आखिरकार खत्म, लंबा चला अटकलों का दौर

क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का 23 दिसंबर 2004 को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में जो सफर शुरू हुआ था वो 15 अगस्त 2020 को खत्म हुआ. 39 साल और ठीक 39 दिन की उम्र में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा. उन्होंने शनिवार शाम को सोशल मीडिया के जरिए अपने संन्यास का ऐलान कर दिया.

धोनी के इस सफर में तमाम कामयाबियां रहीं. कई करिश्मे रहे. कुछ विवाद रहे और कुछ सवाल भी. लेकिन भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे करिश्माई कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अब पूर्व कप्तान के साथ साथ पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर हो गए.

इसके साथ ही अटकलों, चर्चाओं, बहसों और कानाफूसियों का एक दौर भी खत्म हो गया. आइए आपको वो पूरा घटनाक्रम समझाते हैं जिसके तहत धोनी का संन्यास हुआ.

शनिवार की शाम नीली जर्सी की अपनी तस्वीर और फिल्म कभी-कभी के गाने ‘मैं पल दो पल का शायर हूं’ के साथ महेंद्र सिंह धोनी ने अपने संन्यास का एलान कर दिया.

क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा सस्पेंस खत्म

इसके साथ ही 10 जुलाई 2019 से चला आ रहा क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा सस्पेंस भी खत्म हो गया. धोनी आखिरी बार पिछले साल खेले गए विश्वकप के सेमीफाइनल में मैदान में उतरे थे. भारत वो मैच हार गया था. उस हार के साथ ही करोड़ों भारतीयों का एक और विश्व कप जीतने का सपना भी टूटा था. और टूटी थी महेंद्र सिंह धोनी की वो छवि जिसमें उन्हें अनहोनी को होनी बनाने वाला धोनी कहा जाता था.

न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में धोनी का रन आउट होना उनकी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की आखिरी याद रहेगी. इस मैच के तुरंत बाद ही धोनी इंडियन आर्मी के साथ अपने एसाइनमेंट पर चले गए थे. इसकी मंजूरी उन्होंने पहले से ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से ले रखी थी. भारतीय टीम भारी मन से इंग्लैंड से लौट आई और धोनी अपने असाइनमेंट पर चले गए.

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इसके बाद से लेकर 15 अगस्त की शाम तक हर दिन धोनी चर्चा में रहे. धोनी को लेकर इक्का-दुक्का खिलाड़ियों को छोड़कर हर किसी ने अपनी राय रखी. किसी ने कहा कि धोनी अभी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट और खेलेंगे, किसी ने कहा कि अब टीम में उनकी जगह नहीं बनती.
धोनी ने कुछ नहीं बोला. वो हमेशा की तरह चुप रहे और सीधे ऐसे दिन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से अपनी आजादी का ऐलान किया जिस दिन पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था.

धोनी को लेकर लंबा चला अटकलों का दौर

धोनी को लेकर अटकलों का बाजार इसलिए भी गर्म था क्योंकि क्रिकेट के खेल में एक के बाद एक घटनाएं हो रही थीं. अव्वल तो वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के बाद धोनी ने खुद को टीम में सेलेक्शन के लिए ‘अवेलेबल’ नहीं कराया. फिर उसके बाद जब बीसीसीआई ने अपने सालाना करार वाले खिलाडियों के नाम का ऐलान किया तो धोनी का नाम उस लिस्ट में नहीं था.

इसी बीच सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली, उन्होंने बयान भी दिया कि धोनी के भविष्य का फैसला हो चुका है लेकिन अभी उसकी जानकारी नहीं दी जा सकती है. धोनी उस पर भी नहीं बोले. ये कोरोना काल से पहले की बात है जब उन्होंने एक कैमरे के सामने से गुजरते हुए यूं ही कहा- जनवरी तक इंतजार कीजिए. हालांकि जनवरी में भी कुछ हुआ नहीं.

अब आईपीएल होना था. धोनी का भविष्य सीधे तौर पर आईपीएल से जोड़कर देखा गया. ऐसी चर्चा हुई कि धोनी आईपीएल खेलेंगे. अपनी फिटनेस और फॉर्म को परखेंगे. अगर सबकुछ मन माफिक लगा तो साल के अंत में टी-20 विश्वकप के लिए अपनी दावेदारी ठोंकेगे. लेकिन पूरी की पूरी कहानी ही भगवान ने पलट दी.

धोनी को IPL कैंप से वापस लौटना पड़ा

पूरी दुनिया कोरोना की चपेट में आ गई. खेलों की दुनिया ठप पड़ गई. धोनी को आईपीएल के कैंप से वापस लौटना पड़ा. टी-20 विश्व कप भी टल गया. अब धोनी के पास विकल्प कम ही बचे थे.

भूलिएगा नहीं कि धोनी टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके थे. अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट वो भी किसी बड़े टूर्नामेंट में भारत के लिए खेलने के लिए उन्हें जितना इंतजार करना पड़ता तब तक वो 40 पार हो चुके होते. ऐसे में धोनी संन्यास का ही फैसला ले सकते थे.

अब रह गई बात धोनी के मैदान में दिखने की. तो उनके ‘हार्डकोर फैंस’ इस बात की खुशी मना सकते हैं कि धोनी आईपीएल में नजर आएंगे. आईपीएल में भी उनका करिश्मा पूरी दुनिया ने देखा है. वो आईपीएल के इतिहास के दूसरे सबसे कामयाब कप्तान हैं. उनकी कप्तानी में चेन्नई सुपरकिंग्स ने तीन बार खिताब जीता है.

चेन्नई टीम मैनेजमेंट की तरफ से तो कुछ दिनों पहले ही ये बयान आया था कि धोनी उनके उनके लिए 2022 तक खेल सकते हैं. धोनी चेन्नई के कैंप में पहुंच भी चुके हैं. लेकिन आईपीएल, आईपीएल है और टीम इंडिया, टीम इंडिया. दोनों में जमीन आसमान का फर्क है. और इसी फर्क के बीच अब धोनी मिलेंगे. नीली नहीं बल्कि पीली जर्सी के साथ.

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