वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में हारीं मंजू रानी, सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष

मंजू रानी, मैरी कॉम के बाद भारत की ऐसी दूसरी महिला बॉक्सर बन गई हैं जो अपने पहले ही वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच गईं.

मंजू रानी को विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर पदक से ही संतोष करना पड़ा है. 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मंजू रसियन बॉक्सर एकातेरिना पाल्टसेवा से 4-1 से हार गईं. रूस के उलान-उदे में ये चैंपियनशिप खेली गई.

मंजू के लिए ऐतिहासिक रही ये चैंपियनशिप 
हार के बावजूद, मंजू के लिए ये चैंपियनशिप ऐतिहासिक रही. मंजू, मैरी कॉम के बाद भारत की ऐसी दूसरी महिला बॉक्सर बन गई हैं जो अपने पहले ही वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच गईं. मैरी कॉम ने साल 2001 में अपने डेब्यू मुकाबले में फाइनल में पहुंची थीं.

भारत की ओर से मंजू रानी अकेली बॉक्सर रहीं जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई. भारत ने विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में एक सिल्वर और तीन कांस्य पदक जीता.

थाईलैंड की बॉक्सर को हराकर फाइनल में पहुंची
मंजू थाईलैंड की बॉक्सर Chuthamat Raksat को 4-1 से हराकर फाइनल में पहुंची थीं. सेमीफाइनल मुकाबला जीतने के बाद मंजू ने कहा था कि ‘मैं थाईलैंड ओपन के सेमी फाइनल में पहले ही उनके साथ खेली चुकी थी. ऐसे में मेरे पास उनके साथ खेलने का अनुभव था और मैं उनका खेल जानती थी.’

उन्होंने कहा था कि पहले राउंड में तो वो कुछ खास नहीं कर पाईं लेकिन सेकंड राउंड में जरूर उन्होंने मुझे थोड़ा परेशान किया. कोच द्वारा बनाई गई रणनीति का मैंने पालन किया और अंतिम राउंड में जीत दर्ज की.

भारत ने जीते कुल चार पदक
मंजू के फाइनल में हार के बाद विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की चुनौती भी समाप्त हो गई. मंजू रानी ने रजत पदक, मैरी कॉम, जमुना बोरो और लवलीना ने भारत के लिए कांस्य पदक जीते.

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