हाथ आए मौके को भुनाना कोई मयंक अग्रवाल से सीखे

विशाखापट्टनम टेस्ट का दूसरा दिन मयंक ने अपने नाम कर लिया. जो खिलाड़ी पहले शतक के लिए इंतजार कर रहा था, उसे जश्न मनाने का दोहरा मौका मिला. मयंक के दोहरे शतक की बदौलत टीम इंडिया ने 400 का आंकड़ा पार कर लिया.

मयंक अग्रवाल के टेस्ट क्रिकेट में पहले दोहरे शतक के जश्न में पूरी टीम इंडिया शामिल हुई. कप्तान से लेकर कोच तक सभी मयंक के लिए खड़े होकर तालियां बजा रहे थे. अपना पांचवां टेस्ट खेल रहे मयंक अग्रवाल भारत के चौथे ऐसे ओपनर बल्लेबाज हैं जिन्होंने शतक को दोहरे शतक में तब्दील किया. मयंक ने विशाखापट्टनम में बड़ी सुलझी हुई पारी खेली. मयंक शुरुआत में संभलकर खेले. फिर रनों की रफ्तार को रोहित शर्मा के साथ बढ़ाया. मंयक अग्रवाल ने रोहित शर्मा के साथ टीम इंडिया को वो शुरुआत दी जो पिछले 13 साल से नहीं मिली थी.

रोहित शर्मा और मयंक अग्रवाल के बीच पहले विकेट के लिए 317 रन की साझेदारी हुई. साल 2006 के बाद पहली बार भारतीय सलामी जोड़ी ने 300 से ज्यादा रनों की साझेदारी की. रोहित शर्मा तो दोहरे शतक से चूक गए लेकिन मयंक अग्रवाल ने रनों के रथ को आगे बढ़ाना जारी रखा. मयंक के सामने ही विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा सरीखे अनुभवी खिलाड़ी पवेलियन लौट गए. हालांकि दूसरे छोर पर मयंक अड़े रहे और खड़े रहे.

विशाखापट्टनम टेस्ट का दूसरा दिन मयंक ने अपने नाम कर लिया. जो खिलाड़ी पहले शतक के लिए इंतजार कर रहा था, उसे जश्न मनाने का दोहरा मौका मिला. मयंक के दोहरे शतक की बदौलत टीम इंडिया ने 400 का आंकड़ा पार कर लिया. आखिरकार मयंक की पारी खत्म हुई 215 रन के निजी स्कोर पर. मयंक ने 371 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 23 चौके और 6 छक्के लगाएं.

इस जबरदस्त पारी के साथ ही मयंक अपनी काबिलियत का लोहा मनवा चुके हैं. मयंक ने अबतक सिर्फ 5 टेस्ट खेले हैं, जिसमें उन्होंने 61 की औसत से 490 रन बनाए हैं. इसमें एक दोहरा शतक और 3 अर्धशतक शामिल है.

मयंक अग्रवाल आक्रामक बल्लेबाज माने जाते हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट के मुताबिक उन्होंने इस पारी में अच्छी टैंप्रामेंट दिखाई. ये सबक है उन खिलाड़ियों के लिए जो पिछले कुछ वक्त में लापरवाही भरे शॉट्स खेलते नजर आए. ये सबक है पंत और केएल राहुल के लिए कि अगर वो लगातार गलती करेंगे तो उनकी जगह लेने के लिए काबिल खिलाड़ी तैयार बैठे हैं.