आज ही के दिन टूटा था विश्व कप जीतने का करोड़ों हिंदुस्तानियों का सपना, छलके थे टीम इंडिया के आंसू

आज ही के दिन वर्ल्ड कप 2019 में भारत का सफर खत्म हुआ था. सेमीफाइनल मुकाबले में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों हार झेलनी पड़ी थी और 8 साल बाद विश्व कप जीतने का भारत का सपना टूट गया था.
India vs New Zealand 2019 world cup semifinal, आज ही के दिन टूटा था विश्व कप जीतने का करोड़ों हिंदुस्तानियों का सपना, छलके थे टीम इंडिया के आंसू

आज का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है. ठीक एक साल पहले आज ही के दिन भारतीय टीम विश्व कप 2019 के सेमीफाइनल मैच में न्यूजीलैंड के हाथों हार गई थी. इस हार के साथ ही भारत का विश्व कप का सफर थम गया था और करोड़ों हिंदुस्तानियों के सपने टूट गए थे. लेकिन ये ऐसा सेमीफाइनल मैच था जो विश्व कप के इतिहास में दर्ज हुआ.

दो दिन चला भारत-न्यूजीलैंड विश्व कप सेमीफाइनल

इंग्लैंड में हुए 2019 विश्व कप में भारतीय टीम ने शानदार आगाज किया. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत के साथ शुरू हुआ सफर सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ रुका था. भारत को पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच में हार का मुंह देखना पड़ा था. इसके बाद भारत का मुकाबला सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हुआ. बारिश ने कई बार इस मैच में खलल डाला और मैनचेस्टर में दो दिन तक भारत और न्यूजीलैंड के बीच सेमीफाइनल मैच खेला गया. ये विश्व कप के इतिहास में पहला मौका था जब सेमीफाइनल मैच दो दिन तक चला.

न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. न्यूजीलैंड की ओर से गप्टिल और निकोलस ने धीमी शुरूआत की. चौथे ओवर में बुमराह ने कीवियों का पहला विकेट गिरा दिया. एक रन के स्कोर पर गप्टिल पवेलियन लौट गए. इसके बाद निकोलस और कप्तान विलियमसन के बीच 68 रन की साझेदारी हुई. फिर जडेजा ने निकोलस को बोल्ड कर साझेदारी तोड़ी.

न्यूजीलैंड के दो विकेट गिरने के बाद मैदान पर उतरे अनुभवी रॉस टेलर. टेलर और विलियमसन ने पारी को संभाला. इसके बाद चहल ने विलियमसन को अपनी फिरकी में फंसाया. कप्तान विलियमसन के आउट होने के बाद नीशम और ग्रैंडहोम भी जल्दी-जल्दी अपना विकेट गवां बैठे. भारतीय गेंदबाजों ने अपनी पकड़ बनाए रखी. जडेजा ने टेलर को रनआउट किया. न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 239 बनाए.

240 रन का लक्ष्य नहीं हासिल कर पाया भारत

विश्व क्रिकेट में अपना लोहा मनवाने वाली टीम इंडिया के सामने 240 रन का लक्ष्य बड़ा नहीं था. हर भारतीय फैन जीत का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा था. रोहित शर्मा और केएल राहुल ने भारतीय पारी का आगाज किया. लेकिन दूसरे ओवर में ही भारत को सबसे बड़ा झटका लगा. मैट हैनरी ने रोहित शर्मा को एक रन के निजी स्कोर पर चलता कर दिया. इस मैच से पहले रोहित इसी विश्व कप में पांच शतक लगा चुके थे.

रोहित के आउट होने के बाद स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया. फिर भी उम्मीद थी कि विराट और केएल राहुल पारी को संभालेंगे. लेकिन भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर पूरी तरह फेल हो गया. रोहित, केएल और विराट एक-एक रन के निजी स्कोर पर बैक टू पवेलियन हो चुके थे. भारत 5 रन के स्कोर पर अपने पहले तीन बल्लेबाज खो चुका था. इसके बाद क्रीज पर पहली बार विश्व कप खेल रहे ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक खड़े थे. लेकिन इन बल्लेबाजों से सिर्फ चमत्कार की उम्मीद की जा रही थी. कार्तिक भी 6 रन बनाकर आउट हो गए.

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सभी को लग रहा था कि धोनी ऊपर बल्लेबाजी करने आएंगे. लेकिन पंत का साथ देने हार्दिक आए. दोनों के बीच साझेदारी बन ही रही थी कि पंत आउट हो गए. 71 रन के स्कोर पर आधी टीम इंडिया पवेलियन लौट चुकी थी. 240 रन का लक्ष्य जो छोटा लग रहा था. वो बहुत बड़ा लगने लगा. फिर मैदान पर उतरे एमएस धोनी. 2011 विश्व कप का फाइनल छक्का मारकर जीताने वाले धोनी से फैंस ऐसी ही उम्मीद बांध रहे थे. लेकिन 38 साल के धोनी इस बार थोड़े अलग थे. 31वें ओवर में पांड्या के आउट होने के बाद माही और जडेजा ने मोर्चा संभाला.

धोनी से उम्मीद थी लेकिन उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन जडेजा ने किया. जडेजा ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करना शुरू कर दिया. दूसरे छोर से धोनी भी साथ दे रहे थे. जडेजा और धोनी भारतीय पारी को लक्ष्य के करीब ले आए. लेकिन 208 रन के स्कोर पर भारत को जडेजा के रूप में फिर एक बड़ी चोट लगी. जडेजा 59 गेंद पर 77 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद जो हुआ वो भारतीय टीम से लेकर फैंस की आंखे नम कर गया.

भारतीय टीम 221 रन पर ऑलआउट हो गई. इसी के साथ सेमीफाइनल में भारत को 18 रन से हार झेलनी पड़ी. विश्व कप में पांच शतक लगाने वाले रोहित शर्मा भी इस हार की वजह से अपने आंसुओं को छिपा नहीं पाए और 8 साल बाद विश्व कप जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया.

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