टीम इंडिया की वो तिकड़ी जिससे कांपती है पूरी दुनिया

अपनी गेंदबाजी के नए अवतार के दम पर टीम इंडिया टेस्ट विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने की लगातार सबसे प्रबल दावेदार बनती जा रही है.

एक वक्त बल्लेबाजों के लिए पहचाने जाने वाली टीम, अब अपनी गेंदबाजी के दम पर विपक्षी टीम के लिए खौफ बन गई है. भारतीय क्रिकेट फैंस से लेकर क्रिकेट के बड़े-बड़े जानकरों ने कभी ऐसी कल्पना नहीं की थी कि जो टीम इंडिया फिरकी के भरोसे मैदान में उतरती थी. वो कभी अपनी तेज गेंदबाजी के दम पर क्रिकेट की दुनिया में नाम कमाएगी. जिसमें रफ्तार और स्विंग के सिकंदर मोहम्मद शमी ICC की ताजा टेस्ट रैंकिंग में आठ पायदान की छलांग लगाकर नंबर सात पर पहुंच गए हैं.

टीम इंडिया दुनिया भर में अपने गेंदबाजों के दम पर मैदान मार रही है. हाल के दिनों में घरेलू पिचों पर दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा डंका बजाया कि विपक्षी टीमों को 5 दिन के टेस्ट मैच में 3 दिन भी मैदान में टिकना मुश्किल हो गया. कप्तान कोहली को भी मानना पड़ा कि अभी जो बॉलिंग कॉम्बिनेशन है वो किसी भी कप्तान के लिए ड्रीम कॉम्बिनेशन है. मोहम्मद शमी, उमेश यादव और ईशांत शर्मा , टीम इंडिया के वो हथियार हैं जिनके दम पर टीम इंडिया विपक्षी टीम को क्रीज पर टिकने नहीं दे रही है.

शमी हैं शानदार

मोहम्मद शमी की रिवर्स स्विंग और सटीक लाइन लेंथ के आगे बल्लेबाजों का क्रीज पर टिकना मुश्किल हो जाता है. शमी ऐसी फॉर्म में हैं, जैसे लगता है कि वो कप्तान को विकेट ऑन डिमांड दे सकते हैं. बांग्लादेश के खिलाफ पहली पारी में शमी ने 3 विकेट लिए, लेकिन दूसरी पारी में वो और घातक हो गए, इस पारी में शमी ने 4 विकेट झटक लिए.

आंकड़े बताते हैं कि फिलहाल दुनिया में दूसरी पारी में विकेट लेने के मामले में शमी सबसे आगे हैं. मोहम्मद शमी ने पिछले 2 सालों में दूसरी पारी में 20 टेस्ट मैचों में 51 विकेट लिए, जिसमें उनकी स्ट्राइक रेट 32.2 की रही है. ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस ने पिछले दो सालों में 18 टेस्ट में 48 विकेट लिए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 36.6 का रहा. दक्षिण अफ्रीका के कागिसो रबाडा ने पिछले 16 मैचों में 40.4 की स्ट्राइक रेट से 34 विकेट लिए.

उमेश की रफ्तार बरपाती है कहर

मोहम्मद शमी के अलावा टीम के साथ अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों के माथे पर पसीना लाने वाले उमेश यादव भी पूरे रंग में हैं. उमेश टीम को शुरुआती सफलता दिलाते हैं, विपक्षी टीम पर दबाव बनाकर दूसरे छोर से गेंदबाजी कर रहे गेंदबाज की भी मदद करते हैं. बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट की दोनों पारियों में उमेश ने टीम को शुरुआती सफलता दिलाई, उमेश ने पिछले दो सालों में अपनी गेंदबाजी पर काफी मेहनत की है. उनकी इन स्विंग बल्लेबाज का विकेट ले उड़ती है और बल्लेबाज देखता रह जाता है. बांग्लादेश के खिलाफ उमेश ने दोनों पारियों को मिलाकर 4 विकेट लिए.

ईशांत किसी से कम नहीं

ईशांत शर्मा को शमी और उमेश की तुलना में विकेट कम मिले हैं, लेकिन ईशांत बल्लेबाजों पर दबाव पर बनाने में किसी से कम नहीं हैं. ईशांत को अपने लंबे कद का भी फायदा मिलता है. वो अपनी गेंदबाजी में बाउंसर का हथियार इस्तेमाल करते हैं. बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर ईशांत ने 3 विकेट ही लिए, लेकिन वो टीम इंडिया के ड्रीम बॉलिंग कॉम्बिनेशन का अहम हिस्सा हैं.

बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में 20 विकेट में से 14 विकेट भारतीय तेज गेंदबाजों ने लिए. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में भी तेज गेंदबाजों ने 26 विकेट झटके थे. इन आकड़ों से साफ है कि अब टीम इंडिया तेज गेंदबाजों के दम टेस्ट की बादशाह बनी हुई है.

अभी जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार का आना बाकी है. फिट होने के बाद उन दोनों के आने से टीम इंडिया की गेंदबाजी कैसी मारक होगी, इसका अंदाजा विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को होगा. अपनी गेंदबाजी के नए अवतार के दम पर टीम इंडिया टेस्ट विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने की लगातार सबसे प्रबल दावेदार बनती जा रही है.

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