धोनी ने तोड़ा 141 दिन का मौनव्रत

धोनी का ये बयान जवाब है या इशारा, ये आप तय कीजिए लेकिन सच्चाई है कि अगले साल धोनी कुछ तो बड़ा करने वाले हैं. धोनी आखिरी बार 9 जुलाई 2019 को वर्ल्ड कप मैच के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ नीली जर्सी में नजर आए.

विराट कोहली ने कहा- धोनी खुद संन्यास पर फैसला लेंगे. सौरव गांगुली ने कहा- महेंद्र सिंह धोनी से उनके भविष्य पर बात करूंगा. कोच रवि शास्त्री ने कहा- 2020 IPL में धोनी के प्रदर्शन तक का इंतजार कीजिए. अब धोनी ने पहली बार कहा- जनवरी तक इंतजार करो.

दरअसल, धोनी की टीम में वापसी को लेकर पत्रकारों ने मुंबई में हुए एक इवेंट में सवाल पूछा. धोनी से कहा गया कि आपकी वापसी को लेकर सब बयान दे रहे हैं तो फिर आप क्यों नहीं. इस पर धोनी ने कहा- जनवरी तक बोलने दीजिए. 141 दिनों के बाद धोनी ने टीम में वापसी और अपने भविष्य पर पहली बार कहा और सिर्फ एक ही शब्द कहा- जनवरी तक बोलने दीजिए.

धोनी का ये बयान जवाब है या इशारा, ये आप तय कीजिए लेकिन सच्चाई है कि अगले साल धोनी कुछ तो बड़ा करने वाले हैं. धोनी आखिरी बार 9 जुलाई 2019 को वर्ल्ड कप मैच के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ नीली जर्सी में नजर आए. उसके बाद से ही वो टीम इंडिया से बाहर हैं. इस दौरान धोनी ने वेस्टइंडीज दौरा, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज, बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज छोड़ी.

सवाल उठने लगे कि धोनी का नाम टीम में क्यों नहीं है. वेस्टइंडीज दौरे से पहले धोनी ने खुद को टीम से अलग रखा और ब्रेक लेकर भारतीय सेना के साथ बॉर्डर पर ड्यूटी करते नजर आए. वहीं दक्षिण अफ्रीका और फिर बांग्लादेश के खिलाफ भी धोनी का नाम नहीं आया तो चीफ सेलेक्टर एमएसके प्रसाद ने कह दिया कि टीम अब धोनी से ऊपर सोच रही है. बहरहाल इस दौरान धोनी लगातार अपने फिटनेस पर काम करते नजर आए. कभी टेनिस खेलते तो कभी रांची में अंडर 23 टीम के साथ नेट्स में भी बल्लेबाजी करते दिखे.

धोनी ने इस दौरान कोई बयान तो नहीं दिया लेकिन IPL में उनकी फ्रेंचाइजी की ओर से एक बात साफ हो गई कि वो 2020 में भी चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी करेंगे. इस बीच ये भी खबर आई कि धोनी ने खुद फ्रेंचाईजी को कहा है कि 2021 IPL में वो प्लेयर्स ऑक्शन में शामिल होगें. यानी कि अगले 2 साल तक धोनी मैदान पर क्रिकेट खेलते दिखेंगे. तो फिर टीम इंडिया के लिए क्यों नहीं. धोनी फिट हैं और दूसरी तरफ उनकी जगह टीम में आजमाए जा रहे युवा खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर रहे. ऐसे में धोनी की वापसी की उम्मीदें और बढ़ गई हैं. खास तौर से अगले साल की शुरुआत में ही धोनी फिर मैदान पर दिख सकते हैं.

धोनी की वापसी क्यों है जरूरी
टी-20 वर्ल्ड कप से पहले विराट को अपनी टीम तैयार करनी है. अब तक टी-20 में विराट की टीम अधूरी ही नजर आई है. खास तौर से मिडिल ऑर्डर जहां किसी की जगह पक्की नहीं है. दूसरी ओर धोनी के विकल्प तो छोड़िए उनके आसपास भी कोई खिलाड़ी नहीं पहुंच पाया है. ऋषभ पंत विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी दोनों में फेल हुए हैं. विराट को धोनी की सबसे ज्यादा कमी तो DRS के दौरान महसूस होती होगी. ऋषभ अब तक DRS की पहेली को समझ नहीं पाए हैं, दूसरी ओर धोनी ने तो DRS का मतलब बदलकर उसे धोनी रिव्यू सिस्टम ही बना दिया. ये तो हुई विकेटकीपिंग की बात. दूसरी सबसे जरूरी चीज ये है कि विराट को धोनी के जरिए वो सलाहकार भी मिलता है जो मुश्किल परिस्थितियों में सही फैसले लेने में उनकी मदद करते हैं. धोनी को बड़े मुकाबलों का मास्टर कहा जाता है.

हां, ये बात सच है कि टी-20 में धोनी के रन बनाने की रफ्तार जरूर कम हुई है लेकिन धोनी का प्रदर्शन टी-20 में भी इतना खराब नहीं है. धोनी ने इस साल 5 टी-20 खेले जिसमें उन्होंने 43.3 की औसत से 130 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 116 का रहा. धोनी ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी में स्ट्राइक रेट अचानक से बढ़ाने का दम रखते हैं. और वो अपने साथ क्रीज पर मौजूद साथी खिलाड़ी को इस कदर हौसला देते हैं कि वो भी टीम के लिए मैच विनिंग पारी खेल सकता है. ऐसा लग रहा है कि धोनी अभी वेट एंड वॉच की रणनीति आजमा रहे हैं. क्योंकि वो ऋषभ पंत और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को पूरा मौका देना चाहते हैं. अगर ये युवा खिलाड़ी अपनी जगह पक्की नहीं कर पाते तो मुमकिन है कि धोनी एक बार फिर जिम्मेदारी संभालने के लिए मैदान पर लौटे.