डेब्यू मैच में गेंद लगने से थम गयीं थी इस क्रिकेटर की सांसे

Share this on WhatsAppनयी दिल्ली चार दशक तक प्रोफेशनल क्रिकेट खेलते रहना किसी अचंभे से कम नहीं है. इसको अंजाम दिया न्यूजीलैंड के मध्यम गति के तेज गेंदबाज इवन चैटफील्ड ने. डेब्यू मैच में मौत का सामना करीब से करने वाले चैटफील्ड 44 सालों तक प्रोफेशनल क्रिकेट खेलते रहे और जब उन्होंने क्रिकेट को अलविदा […]

नयी दिल्ली

चार दशक तक प्रोफेशनल क्रिकेट खेलते रहना किसी अचंभे से कम नहीं है. इसको अंजाम दिया न्यूजीलैंड के मध्यम गति के तेज गेंदबाज इवन चैटफील्ड ने. डेब्यू मैच में मौत का सामना करीब से करने वाले चैटफील्ड 44 सालों तक प्रोफेशनल क्रिकेट खेलते रहे और जब उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहने का मन बनाया तब उनकी उम्र 68 साल की थी. वह न्यूजीलैंड में उस हीरो के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने 80 के दशक में महान गेंदबाज रिचर्ड हेडली के साथ मिलकर न्यूजीलैंड क्रिकेट की किस्मत बदल कर रख दी थी. आइये एक नजर डालते हैं इस करिश्माई क्रिकेटर के असाधारण क्रिकेट करियर पर…

डेब्यू मैच में हुआ था जानलेवा हादसा

फरवरी 1975 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड में टेस्ट मुकाबला खेला जा रहा था. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम कम रन बनाकर सिमट गयी और दूसरी पारी में फॉलो ऑन खेलने को मजबूर हो गयी. हार से एक विकेट दूर न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट डेब्यू कर रहे चैटफील्ड 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे. उन्होंने होवार्थ के साथ मिलकर 44 रनों की साझेदारी की. चैटफील्ड की टिकाऊ बल्लेबाजी से परेशान इंग्लैंड के तेज गेंदबाज पीटर लीवर ने बाउंसर अजमाई जो कि चैटफील्ड के सिर पर जा लगी और वह वहीं गिर पड़े. उन्होंने सांस लेना भी बंद कर दिया था. तभी इंग्लैंड के फ़िज़ियोथेरेपिस्ट बर्नार्ड थॉमस ने हार्ट मसाज और मुंह से सांस देकर उनकी जान बचाई. बर्नार्ड ने चैटफील्ड की जान बचना एक चमत्कार ही माना.

टेस्ट में यादगार प्रदर्शन

डेब्यू मैच में हादसे का शिकार हुए चैटफील्ड ने दो साल बाद टेस्ट टीम में वापसी की. उन्होंने 1983 में इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड को मिली पहली टेस्ट जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. लीड्स में खेले गए इस मुकाबले की दूसरी पारी में चैटफील्ड ने 95 रन देकर 5 विकेट झटके और न्यूजीलैंड ने 101 रनों का पीछा कर इंग्लैंड में पहली जीत दर्ज की. इसके बाद उन्होंने 1984 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ़ स्पेन में खेले गए पहले टेस्ट मुकाबले की पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 6 विकेट झटककर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. एक बार उन्होंने नाबाद 21 रनों की पारी खेलकर पाकिस्तान के खिलाफ टीम को जीत दिलाई थी. 43 टेस्ट मैचों के करियर में उन्होंने 32.17 की औसत से 123 विकेट झटके. उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 1989 में खेला.

शानदार रहा ODI करियर

चैटफील्ड ने केवल अपने दूसरे ODI मुकाबले में ही 5 विकेट झटक लिए थे. 1980 में एडीलेड मैदान पर खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 विकेट से आसान जीत दर्ज की थी. उन्होंने सही लाइन लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए 114 ODI मैचों में 25.84 की शानदार औसत से 140 विकेट झटके. वह भी 3.75 की किफायती इकॉनमी के साथ. उन्होंने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर को 1989 में अलविदा कहा.

68 की उम्र में क्रिकेट को कहा अलविदा

अंतर्राष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने के बाद उन्होंने कई तरह के काम किये. वह लोकल क्रिकेट क्लब हट वैली एसोसिएशन के कोच रहे. उन्होंने कैब चलाने के साथ ही मैदानों में घास काटने का काम भी किया. वह भले ही 1989 से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट न खेले हों पर उन्होंने क्रिकेट खेलना 68 साल की उम्र तक नहीं छोड़ा. वह 26 जनवरी 2019 को अपने स्थानीय क्लब नैने ओल्ड बॉयज के लिए आखिरी क्लब मैच खेलकर रिटायर हुए. उनका करियर उसी नैने पार्क पर ख़त्म हुआ जहां लगभग 51 साल पहले शुरू हुआ था.

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