अब जानकारी न होने का नहीं चलेगा बहाना, NADA ने लॉन्च किया प्रतिबंधित दवाई बताने वाला मोबाइल एप

इस एप का मकसद नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) और खिलाड़ियों के बीच एक संपर्क बनाए रखने का है. इस एप से न सिर्फ एथलीट्स को प्रतिबंधित दवाओं के बारे में जानकारी मिलेगी बल्कि उनके इस्तेमाल से बचने के बारे में भी पता चल सकेगा.
National Anti Doping Agency, अब जानकारी न होने का नहीं चलेगा बहाना, NADA ने लॉन्च किया प्रतिबंधित दवाई बताने वाला मोबाइल एप

खेल प्रेमियों को आए दिन ये खबर पढ़ने को मिलती है कि फलां खिलाड़ी डोपिंग में फंस गया है. डोपिंग का डंक हमेशा खिलाड़ी के करियर को तबाह करता है. अफसोस तब ज्यादा होता है जब पता चलता है कि खिलाड़ी ने अनजाने में कोई ऐसी दवा ले ली जो प्रतिबंधित थी. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि कुछ खिलाड़ी जानबूझकर की गई गलती को छुपाने के लिए ये दलील देते हैं. लेकिन कभी-कभी कुछ खिलाड़ियों के साथ वाकई ऐसी स्थितियां आ जाती हैं, जहां उसे जानकारी का न होना भारी पड़ता है.

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नेशनल डोपिंग एजेंसी में अक्सर खिलाड़ियों के ऐसे मामले आते हैं. ऐसी खबरें भी छपती ही हैं. लेकिन अब स्थितियां अलग होंगी. नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने इस तरह की तमाम जानकारियों से लैस एक मोबाइल एप तैयार किया है. जिसे खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने लॉन्च किया.

खिलाड़ियों को हर वक्त मिलेगी जानकारी

इस एप का मकसद नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) और खिलाड़ियों के बीच एक संपर्क बनाए रखने का है. इस एप से न सिर्फ एथलीट्स को प्रतिबंधित दवाओं के बारे में जानकारी मिलेगी बल्कि उनके इस्तेमाल से बचने के बारे में भी पता चल सकेगा. नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी खिलाड़ियों को लगातार डोपिंग के विषय में जागरूक करती रहती है.

किरन रिजिजू ने भी इस बारे में यही कहा कि इस एप से खिलाड़ी प्रतिबंधित पदार्थों की सूची देख सकेंगे और उन्हें मदद और सही जानकारी के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना होगा. कई बार कोच और सपोर्ट स्टाफ भी खिलाड़ियों को भ्रमित कर देते हैं.

गूगल स्टोर पर उपलब्ध है ये एप

नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी का ये एप गूगल स्टोर पर उपलब्ध है. दरअसल पेंच खिलाड़ियों की शिक्षा से भी जुड़ा हुआ है. कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो पढ़ाई लिखाई में पिछड़े हुए हैं. उन्हें ‘कॉम्यूनिकेशन’ में समस्या रहती है. ऐसे में वो सपोर्ट स्टाफ या फिर कोच के भरोसे ही सब कुछ करते हैं. अब इस एप का फायदा ये होगा कि सही जानकारी खिलाड़ियों के पास रहेगी.

खिलाड़ियों का डोप टेस्ट जल्दी और आसानी से कराने के लिए भी इस एप में सटीक जानकारी दी गई है. अगले साल टोक्यो ओलंपिक होना है. ओलंपिक के पहले इस तरह के एप से भारतीय एथलीटों को निश्चित तौर पर खुद को अपडेट रखने में सहूलियत होगी.

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