कभी विकेटकीपिंग से तौबा करते थे केएल राहुल…आज वो इतनी अच्छी क्यों लगने लगी

केएल राहुल पिछले चार मैच से विकेटकीपिंग कर रहे हैं और अब यही विकेटकीपिंग, उनकी बल्लेबाजी को और निखारती जा रही है.

कहते हैं कि कई बार जो चीज आप करना नहीं चाहते, वही आपके लिए वरदान साबित हो जाती है. केएल राहुल की कहानी कुछ ऐसी ही है, पहले तो उनके लिए टीम में बल्लेबाजी का क्रम तय नहीं हो पा रहा था, फिर दोहरी भूमिका निभाने की जिम्मेदारी आ गई और अब वो विकेट के पीछे भी हिट हैं और विकेट के आगे भी. के एल राहुल पिछले चार मैच से विकेटकीपिंग कर रहे हैं और अब यही विकेटकीपिंग, उनकी बल्लेबाजी को और निखारती जा रही है. केएल राहुल, अब टीम की ऐसी जरूरत बन गए हैं, जिनको दरकिनार करना न कप्तान के लिए आसान है और न टीम मैनेजमेंट के लिए.

केएल राहुल हिट हैं, फिट हैं और टीम इंडिया की मौजूदा जरूरतों के हिसाब से सबसे मुफीद खिलाड़ी हैं. विकेटकीपिंग की चुनौती को भी केएल राहुल ने पूरे जोश के साथ लिया. अब वही विकेटकीपिंग उन्हें अपनी बल्लेबाजी को और बेहतर करने में मददगार साबित हो रही है. न्यूजीलैंड के खिलाफ बतौर ओपनर, राहुल ने एक बार फिर दिखा दिया कि फॉर्मेट कोई हो, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, उनका फोकस, टीम के लिए रन बनाने पर होता है.

विकेट के पीछे लुत्फ उठा रहे हैं केएल राहुल

केएल राहुल ने कहा है कि विकेट के पीछे के रोल का वो पूरा आनंद उठा रहे हैं. विकेट के पीछे रहने से उन्हें पिच के मिजाज को समझने में मदद मिलती है. बल्लेबाजी के दौरान उन्हें शॉट्स चुनने में आसानी होती है, साथ में वो टीम के गेंदबाजों और कप्तान को भी रणनीति बनाने में मदद करते हैं. केएल राहुल ने कहा, “विकेट के पीछे की जिम्मेदारी का पूरा आनंद उठा रहा हूं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये नया लग रहा होगा और ऐसा लगता है कि मैंने कभी कीपिंग नहीं की, लेकिन ऐसा नहीं है. IPL में अपनी टीम के लिए मैंने तीन-चार साल तक कीपिंग की है और साथ में मैने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी टीम के लिए ओपनिंग के साथ कीपिंग भी की है.”

राहुल ने आगे कहा, “मैं अब भी विकेट के पीछे की जिम्मेदारी को निभाते हुए खुश होता हूं. विकेट के पीछे रहने से मैं जान जाता हूं कि विकेट कैसा खेल रही है. गेंदबाजों को ये बात बता सकता हूं. साथ में कप्तान को फील्ड प्लेसमेंट में मदद कर सकता हूं. एक कीपर के तौर पर मेरी जिम्मेदारी अलर्ट रह कर कप्तान को ये मैसेज देने की होती है कि किस बल्लेबाज को कौन सी लेंथ पर गेंदबाजी की जानी चाहिए. विकेट के पीछे रहने से ये एक्सट्रा जिम्मेदारी होती है, इससे बल्लेबाजी में भी फायदा होता है. 20 ओवर तक कीपिंग करने के बाद आपको पता चल जाता है कि पिच पर कैसे शॉट्स खेलने हैं. मैं इस जिम्मेदारी का लुत्फ उठा रहा हूं.”

विकेट के आगे भी बेहतर हैं केएल राहुल

विकेट के पीछे तो राहुल कमाल कर ही रहे हैं. विकेट के आगे भी वो दिनों-दिन और बेहतर होते जा रहे हैं. राहुल को अब बल्लेबाजी क्रम की परवाह नहीं होती. नंबर कोई भी हो, स्कोर बोर्ड पर उनके बल्ले से रन बरसते दिखते हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ केएल राहुल के लंबे-लंबे शॉट्स देख कर कप्तान कोहली भी खुश थे. वो लगातार उनकी तारीफ कर रहे थे, हौसला बढ़ा रहे थे. अपनी बल्लेबाजी से वो हर दिन कप्तान का भरोसा और बढ़ाते जा रहे हैं. केएल अपनी बल्लेबाजी की मजबूती में तकनीक को अहम मानते हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी-20 मैच में केएल राहुल ने 27 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 3 छक्के शामिल थे.

केएल राहुल पिछले एक साल से शानदार फॉर्म में हैं. टी-20 में उन्होंने 10 अर्धशतक लगाए हैं. पिछले 12 महीनों में केएल राहुल ने 13 टी-20 मैचों में 511 रन बनाए हैं, जिसमें उनकी स्ट्राइक रेट 148.11 की रही है, इसके साथ 6 अर्धशतक भी शामिल हैं. विराट कोहली कह चुके हैं कि केएल राहुल आने वाले दिनों में दोहरी भूमिका को निभाते रहेंगे. यानि अब केएल टीम के लिए जरूरी बन गए हैं. बड़ी बात ये भी है कि वो तीनों फॉर्मेट में टीम के की-प्लेयर हैं.

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