ओलंपिक क्वालीफायर ट्रायल्स में विवाद, मुक्केबाजी परिषद बोली- मैरीकॉम सीनियर, इसलिए जिताया

यह ओलम्पिक ट्रायल्स निकहत की लड़ाई का नतीजा थीं जो बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के उस बयान से शुरू हुई थी जिसमें उन्होंने नियमों को पलट मैरी कॉम को सीधे ओलम्पिक क्वालीफायर में जाने की बात कही थीं.
Olympic Qualifiers Mary Kom Beats Nikhat Zareen, ओलंपिक क्वालीफायर ट्रायल्स में विवाद, मुक्केबाजी परिषद बोली- मैरीकॉम सीनियर, इसलिए जिताया

नई दिल्ली: 6 बार की विश्व विजेता मैरी कॉम ने शनिवार को ओलम्पिक क्वालीफायर के ट्रायल्स के फाइनल में महिलाओं के 51 किलोग्राम भारवर्ग में निकहत जरीन को 9-1 से हरा दिया है. इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई ट्रायल्स में मैरी कॉम ने दमदार खेल दिखाते हुए निकहत को पटखनी दी.

इस मैच के बाद हालांकि तेलंगाना मुक्केबाजी परिषद का विरोध प्रदर्शन चर्चा में आया. परिषद के सचिव ए.एस. रेड्डी फैसले से खुश नहीं थे उन्होंने बाद में कहा कि तेलंगाना खेल मंत्रालय के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ में इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “निकहत साफ तौर पर जीती हुई थीं. मैरी कॉम को सिर्फ इसलिए जीत मिली क्योंकि वह सीनियर हैं और साथ ही राज्य सभा सांसद हैं.” इस भारवर्ग में दो दिन तक चली ट्रायल्स में चार मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था. निकहत ने शुक्रवार को ज्योति गुलिया को 10-0 और मैरी कॉम ने रितू ग्रेवाल को 10-0 से मात दे एक दूसरे से भिड़ंत तय की थी.

यह ओलम्पिक ट्रायल्स निकहत की लड़ाई का नतीजा थीं जो बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के उस बयान से शुरू हुई थी जिसमें उन्होंने नियमों को पलट मैरी कॉम को सीधे ओलम्पिक क्वालीफायर में जाने की बात कही थीं. इस पर निकहत ने अपना विरोध जताया और ट्रायल्स की मांक की.

दरअसल, रूस में खेली गई विश्व चैम्पियनशिप में मैरी कॉम ने 51 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य जीता था. इस जीत के बाद अजय सिंह ने मैरी कॉम को ओलम्पिक क्वालीफायर में सीधे भेजने की बात कही थी जो बीएफआई के नियमों के उलट थी. बीएफआई ने सितंबर में जो नियम बनाए थे उनके मुताबिक विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण या रजत पदक जीतने वाली खिलाड़ियों को ही ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए डायरेक्ट एंट्री मिलेगी और जिस भारवर्ग में भारत की मुक्केबाज फाइनल में नहीं पहुंची हैं उस भारवर्ग में ट्रायल्स होंगे.

निकहत की मेहनत रंग लाई और बीएफआई अपने पुराने नियमों पर लौट ट्रायल्स आयोजित कराने पर राजी हो गईं. इस बीच मैरी कॉम ने हमेशा कहा था कि वह बीएफआई की चयन प्रक्रिया के साथ हैं. उन्होंने हालांकि अन्य खेलों का बहाने देकर ट्रायल्स से बचने की भी कोशिश की ती.

उन्होंने कहा था कि, “अन्य खेलों जैसे बैडमिंटन में कौन ट्रायल देता है? क्या आपने सायना नेहवाल और पीवी सिंधु को ट्रायल्स देते हुए देखा है, लेकिन हमारे मामले में यह अलग है.” वहीं, 57 किलोग्राम भारवर्ग में साक्षी ने सोनिया लाथेर को 9-1 से हराया. 60 किलोग्राम भारवर्ग में अनुभवी मुक्केबाज सरिता को हार झेलनी पड़ी. सिमरन ने सरिता को 8-2 से मात दी.
69 किलोग्राम भारवर्ग में लवलिना बोरगेहेन ने ललिता को 10-0 से शिकस्त दी और 75 किलोग्राम भारवर्ग में पूजा ने नुपूर को भी 10-0 से हराया.

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