जिस पाकिस्तानी गेंदबाज से खौफ खाते थे विराट कोहली, टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास

आमिर ने बताया, "क्रिकेट के सबसे पारंपरिक प्रारूप में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है. हालांकि, मैंने सीमित ओवर क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अब टेस्ट से संन्यास लेने का फैसला किया है."

नई दिल्ली: पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने शुक्रवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की. अपने देश के लिए 36 टेस्ट मैच खेलने वाले आमिर ने कहा है कि वह सीमित ओवर क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं और इसलिए वह टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं.

आमिर ने बताया, “क्रिकेट के सबसे पारंपरिक प्रारूप में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है. हालांकि, मैंने सीमित ओवर क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अब टेस्ट से संन्यास लेने का फैसला किया है.”

आमिर ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वो बोल रहे हैं, ” अस्साला वालेकुम, मैं हूं मोहम्मद आमिर और मेरा आज जो वीडियो बनाने का मकसद था वो था टेस्ट क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट के बारे में मैं बताना चाह रहा था. ये जो टेस्ट क्रिकेट एक ऐसा क्रिकेट है इसमें सभी क्रिकेटर की ड्रीम पूरी नहीं होती हैं. वो अपनी कंट्री को रिप्रेजेंट करते हैं टेस्ट क्रिकेटर कहलाते हैं और हमेशा आप देखिए जब बंदा टेस्ट क्रिकेटर से रिटायर होता है तो टेस्ट क्रिकेटर कहलाता है. मेरे लिए भी ये ऑनर की बात थी कि मैं पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला और मैंने बहुत सारी परफॉर्मेंस भी कराई. मैं अकेला बॉलर था जिसने 14 मैंचों में 51 विकेट लिए. फिर लॉर्ड्स में 6 आउट किए थे. मैं नंबर 1 टेस्ट टीम का हिस्सा भी रहा. फिर जहां तक मुझे याद पड़ता है. आई थिंक हम वेस्टइंडीज में टेस्ट सीरीज जीते थे. 26 साल के बाद. उस टीम का भी मैं हिस्सा था. ये मेरा एक ड्रीम था कि मैं पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट टीम का हिस्सा रहूं और अल्ला ने मुझे वो जगह दी वो मुकाम दिया इज्जत भी दी. मुझसे कई वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनवाए लेकिन बदकिस्मती से और क्रिकेटिंग रीजन से मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्सास ले रहा हूं.


आमिर ने 17 वर्ष की उम्र में 2009 में श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था. उन्होंने अबतक टेस्ट क्रिकेट में कुल 119 विकेट लिए हैं. वह आखिरी बार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच खेले थे. वर्ष 2010 में मैच फिक्सिंग में शामिल होने के कारण उनपर पांच साल का प्रतिबंध लगा था. उन्होंने 2016 में टेस्ट क्रिकेट में वापसी की.