पाकिस्तान जीता था विश्व कप लेकिन वकार यूनुस दुखी थे… जानिए पूरी कहानी

वकार यूनुस (Waqar Younis) आज पाकिस्तान टीम के गेंदबाजी कोच हैं. वो पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाजों में शुमार हैं और साल 1992 में वो विश्व कप टीम के हिस्सा भी थे.

विश्व क्रिकेट (World cricket) में आज तक पाकिस्तान टीम (Pakistan cricket team) सिर्फ एक बार विश्व विजेता बनी है. पाकिस्तान ने 1992 में विश्व कप जीता था. उसके बाद से अब तक पाकिस्तान वर्ल्ड कप जीतने के लिए तरस रहा है लेकिन जब पाकिस्तान विश्व चैंपियन बना था उस वक्त पाकिस्तान टीम का ही एक खिलाड़ी ऐसा था जो खुश होने की बजाए निराश था. वो खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तान के दिग्गज वकार यूनुस (Waqar Younis) हैं. वकार यूनुस ने कहा कि जिस वक्त पाकिस्तान टीन में 1992 में विश्व कप जीता था वो मेरे लिए खुशनुमा पल नहीं था.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

विश्व कप से बाहर हो गए थे वकार

वकार यूनुस आज पाकिस्तान टीम के गेंदबाजी कोच हैं. वो पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाजों में शुमार हैं. साल 1992 में वो विश्व कप टीम के हिस्सा भी थे. लेकिन इंजरी की वजह से वो विश्व कप से बाहर हो गए थे. इसी वजह से वकार पाकिस्तान की एतिहासिक जीत के बाद भी खुश नहीं थे. वकार ने कहा कि 1992 विश्व कप मेरे लिए सर्वश्रेष्ठ वक्त नहीं था. मैं चोटिल हो गया था. विश्व कप के शुरु होने से पहले ही मेरी कमर में चोट लग गई थी और मुझे स्ट्रेस इंजरी हो गई थी. मैं उस टूर पर टीम के साथ था. वॉर्म-अप के दौरान मेरे साथ कुछ गलत हुआ और मुझे कमर में चोट लग गई. विश्व कप के बाद भी काफी वक्त तक मैं चल भी नहीं पा रहा था. वो मेरे लिए शायद सबसे खराब वक्त था. क्योंकि मैं उस समय पर अपनी फॉर्म में था और शानदार गेंदबाजी कर रहा था. मेरी मौजूदगी की वजह से पाकिस्तान टीम फेवरेट मानी जा रही थी. हालांकि पाकिस्तान मेरे बिना भी विश्व विजेता बना लेकिन उस जीत में मैं शामिल नहीं था और यही वजह है कि ये पल शायद मेरे लिए उतना सुखद नहीं था.

जीत के जश्न में समझ नहीं आया कि खुश हूं या दुखी

1992 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड को 22 रन से हराकर पाकिस्तान वर्ल्ड चैंपियन बना था. इस जीत के बाद पाकिस्तान टीम ऑस्ट्रेलिया से घर लौटी तो एयरपोर्ट पर वकार यूनुस टीम को रिसीव करने पहुंचे थे. वकार ने कहा कि उस वक्स में बहुत ज्यादा खुश थी. मुझे याद है कि टीम पाकिस्तान लौटी. लाहौर एयरपोर्ट पर खिलाड़ी उतरे, मैं उस वक्त मुख्यमंत्री के साथ टीम को रिसीव करने पहुंचा हुआ था. वो पल ऐसा था जो खुशियां और गम साथ लेकर आया था. वो भावनाएं जज्बात से भरी हुई थीं. लेकिन मैं ज्यादा खुश था. खिलाड़ियों ने मुझे पहचाना कि मैं टूर्नामेंट से बाहर हो गया था. उसके बाद उन्होंने मुझे अपने साथ ट्रक पर चढ़ा लिया और मुझे प्यार और सम्मान दिया.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

Related Posts