‘मानव तस्करी है IPL’ ऐसी याचिका डालने वाले वकील पर HC ने लगाया 25 हजार का जुर्माना

याचिकाकर्ता ने कहा था कि आईपाएल में खिलाड़ियों की बोली लगाना संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है.

नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खिलाड़ियों की नीलामी को चुनौती देने वाली याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया है. याचिका खारिज करने के साथ ही हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.

IPL में खिलाड़ियों की नीलामी को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर शर्मा के वकील ने कोर्ट में कहा कि, “ये गलत है. देश का कोई भी कानून ऐसा करने की इजाजत नहीं देता, लेकिन पिछले 12 साल से ऐसा चल रहा है.”

हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि ये खिलाड़ियों की खरीद-फरोख्त कैसे है? क्या इससे मानव तस्करी होती है.  कोर्ट के सवाल पर याचिकाकर्ता के वकील ने पिछले IPL में खिलाड़ियों के लिए लगाई गई रकम का ब्योरा दिया, साथ ही कहा कि या तो कोर्ट BCCI और संबंधित विभागों को नोटिस जारी करे या फिर इसे कानूनी रूप दे. वकील ने आगे कहा कि खिलाड़ियों की बोली लगाने से उनका अपमान होता है.

कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील की दलील सुनने के बाद कहा कि ये पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन नहीं बल्कि पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन है. दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की अगुवाई वाली बेंच ने सख्ती दिखाते हुए, याचिकाकर्ता पर 25 हजार का जुर्माना लगाया, ये रकम बच्चों के कल्याण के लिए खर्च की जाएगी.

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