अश्विन और जडेजा की जोड़ी कैसे बन गई जीत की नंबर 1 जोड़ी ?

भारत में अश्विन और जडेजा ने एक साथ 29 टेस्ट खेले जिसमें से 22 टेस्ट में टीम इंडिया को जीत मिली.
Ravichandran Ashwin, अश्विन और जडेजा की जोड़ी कैसे बन गई जीत की नंबर 1 जोड़ी ?

रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की जोड़ी टीम इंडिया के लिए जीत की जोड़ी बन गई है और ऐसा हम क्यों कह रहे हैं, ये इन आंकड़ों के जरिए समझ लीजिए. अश्विन और जडेजा एक साथ टीम इंडिया के लिए 33 टेस्ट मैच खेले हैं. जिसमें से 25 टेस्ट में टीम इंडिया जीती. इन 33 टेस्ट में जडेजा और अश्विन ने मिलकर 360 विकेट हासिल किए. 9 मैचों में दोनों में से कोई एक खिलाड़ी ‘मैन ऑफ द मैच’ रहा.

भारत में ये जोड़ी विरोधी टीम के लिए बेहद खतरनाक साबित हुई है. भारत में दोनों ने एक साथ 29 टेस्ट खेले जिसमें से 22 टेस्ट में टीम इंडिया को जीत मिली. इन मैचों में दोनों ने मिलकर 329 विकेट हासिल किए.

सबसे सफल फिरकी जोड़ी
आंकड़े ये भी कहते हैं कि रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की जोड़ी, अबतक की सबसे सफल फिरकी जोड़ी में से है. जडेजा-अश्विन की जोड़ी जीत प्रतिशत के मामले में हरभजन और अनिल कुंबले की जोड़ी से आगे निकल गई है.

 

हरभजन और कुंबले ने एक साथ भारत के लिए 54 मैच खेले जिसमें से 21 में टीम इंडिया को जीत मिली. जीत का प्रतिशत है 38.8. वहीं, जडेजा और अश्विन की जोड़ी के रहते टीम इंडिया की जीत का प्रतिशत है 75.7.

दोनों जोड़ियों की गेंदबाजी औसत भी इस बात को साबित करता है कि अश्विन-जडेजा की जोड़ी ज्यादा बेहतर है. जडेजा और अश्विन की जोड़ी की गेंदबाजी औसत 22 की है जबकि हरभजन और कुंबले की जोड़ी की गेंदबाजी औसत 30 की है.

कुंबले-हरभजन से ज्यादा कामयाब
कम से कम आंकड़ों के लिहाज से अश्विन और जडेजा की साझेदारी कुंबले और हरभजन की साझेदारी से ज्यादा कामयाब है. और इनकी कामयाबी का राज इनका वेरिएशन है. एक तरफ ऑफ स्पिनर अश्विन तो दूसरी और लेफ्ट ऑर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज जडेजा. किसी भी बल्लेबाज के लिए इन दो गेंदबाजों को एक साथ खेलना मुश्किल हो जाता है.

अश्विन बल्लेबाज को शॉट्स खेलने पर मजबूर करते हैं. अश्विन फ्लाइट के जरिए उन्हें फंसाते हैं. कुछ ऐसा ही विशाखापत्तनम टेस्ट में भी देखने को मिला. पहली पारी में अश्विन ने 7 विकेट अपने नाम किए थे. जबकि दूसरी पारी में उन्हें 1 विकेट मिला.

बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ अश्विन बेहद असरदार हैं. दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक तो अब भी यही सोच रहे होंगे कि अश्विन की गेंद पर विकेट कैसे बचाया जाए.

विकेट टू विकेट गेंदबाजी करते हैं जडेजा
दूसरी ओर रवींद्र जडेजा विकेट टू विकेट गेंदबाजी करते हैं. जडेजा की गेंद खेलने में बल्लेबाज अगर चूका तो वो एलबीडब्ल्यू या बोल्ड होता है. विशाखापत्तनम टेस्ट में जडेजा ने पहली पारी में 2 विकेट अपने नाम किए थे जबकि दूसरी पारी में 4.

अश्विन और जडेजा ने मिलकर पहले टेस्ट में कुल 14 विकेट अपने नाम किए थे. अश्विन और जडेजा की जोड़ी ने विशाखापत्तनम टेस्ट में धमाल मचाया था. अब पुणे में भी दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को पटखनी की जिम्मेदारी इनपर ही होगी.

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