विद्रोह करती तो 23 साल की उम्र में शादी नहीं करती : सानिया मिर्ज़ा

दरअसल, सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza) के इस बयान के पीछे उनका वो दर्द है जो करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने झेला. टेनिस कोर्ट से लेकर सानिया मिर्ज़ा की निजी ज़िंदगी तक उनके शुरुआती दिनों में कई विवाद हुए हैं.

भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza) ने कहा है कि ‘निगेटिवटी’ यानी नकारात्मकता बिकती है. मुझे विद्रोही क़रार दिया गया था. मेरे ऊपर विद्रोही का लेवल लगाया गया था. अगर ऐसा होता तो मैंने 23 साल की उम्र में शादी नहीं की होती.

दरअसल, सानिया मिर्ज़ा के इस बयान के पीछे उनका वो दर्द है जो करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने झेला. टेनिस कोर्ट से लेकर सानिया मिर्ज़ा की निजी ज़िंदगी तक उनके शुरुआती दिनों में कई विवाद हुए हैं. जिसमें उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था. बावजूद इसके सानिया ने कभी हार नहीं मानी. बल्कि उन्होंने देश को तमाम ऐसे मौक़े दिए जिस पर सभी को गर्व है.

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सानिया ने मई में भी हासिल की थी बड़ी उपलब्धि

सानिया ने मई के महीने में भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी. उन्होंने फेड कप हर्ट पुरस्कार जीता था. ये पुरस्कार खेलों में किसी खिलाड़ी के समर्पण, प्रतिबद्धता या ‘कमिटमेंट’ के लिए दिया जाता है. एशिया ओशियाना क्षेत्र में इंडोनेशिया की प्रिस्का मेडलीन के साथ सानिया मिर्ज़ा को भी नॉमिनेट किया गया था. इस पुरस्कार का फ़ैसला ऑनलाइन वोटिंग से होना था. 8 मई तक चली वोटिंग कुल 16985 वोट पड़े. इसमें 10000 से ज़्यादा वोट सानिया मिर्ज़ा को मिले थे.

आपको ये भी बता दें कि सानिया मिर्ज़ा ने मां बनने के बाद टेनिस कोर्ट पर वापसी की थी. भारत को पहली बार फेड कप के प्लेऑफ़ में जगह दिलाने में भी सानिया मिर्ज़ा की अहम भूमिका थी. इसके अलावा सानिया मिर्ज़ा ने इसी साल ऑस्ट्रेलिया में डब्लूटीए होबार्ट इंटरनेशनल ट्रॉफ़ी का ख़िताब जीता था. उस वक़्त भी उन्होंने कहा था कि लंबे अंतराल के बाद कोर्ट में इससे बेहतर वापसी के बारे में वो सोच भी नहीं सकती थी. आपको बता दें कि सानिया मिर्ज़ा के लिए वापसी करना इतना आसान नहीं था.

उन्होंने अपने बच्चे को जन्म देने के बाद ख़ुद को फ़िट करने के लिए कड़ी मशक़्क़त की. सानिया मिर्ज़ा सोशल मीडिया में लगातार अपने वीडियो डालती रहती थीं. जिसमें वो फ़िटनेस एक्सरसाइज करती दिखती थीं. सानिया मिर्ज़ा ने सिर्फ़ 4 महीने में 26 किलो से ज़्यादा का वज़न कम किया था. इतनी सारी मशक़्क़त के बाद वो टेनिस कोर्ट में वापसी कर पाई थीं.

सानिया मिर्ज़ा ने देखे हैं कई विवाद

ये वही सानिया मिर्ज़ा है जिनके ख़िलाफ़ एक वक़्त पर फ़तवा जारी कर दिया गया था. सानिया अब भी उन दिनों को भूली नहीं है. अपनी किताब ‘एस अगेन्स्ट ऑड्स’ में उन्होंने इस पर एक पूरा चैप्टर लिखा भी है. जिसमें वो सितंबर 2005 की उस घटना को याद करते हुए लिखती हैं कि वो अचानक रातों-रात विवादित हो गई थी. जब उनके ख़िलाफ़ इस बात के लिए फ़तवा जारी किया गया था कि टेनिस कोर्ट में स्कर्ट, हाफ़ पैंट या खुली बाजू वाली ड्रेस पहनकर लोगों के सामने उतरना इस्लाम के ख़िलाफ़ है. आज वही सानिया मिर्ज़ा तमाम बड़े मंचों पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं.

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