टी-20 विश्व कप में PAK के खिलाफ बॉल आउट मैच को रॉबिन उथप्पा ने किया याद, कहा- पहले ही की थी प्रैक्टिस

रॉबिन उथप्पा ने धोनी की भी तारीफ की. रॉबिन उथप्पा को गेंद देने का फैसला धोनी ने ही किया था. उथप्पा ने उनसे जाकर कहा कि वो सही निशाना लगा सकते हैं और धोनी मान गए.

2007 टी-20 विश्व कप भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अहम मोड़ है. भारत ने दक्षिण अफ्रीका में खेले गए पहले टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान को फाइनल में हराकर खिताब पर कब्जा किया था. धोनी की कप्तानी यहीं से चमकी. इस मुकाम तक पहुंचने में सबसे दिलचस्प था भारत का पाकिस्तान से ग्रुप स्टेज का वो मैच जब भारत ने पाकिस्तान को बॉल आउट में हराया था. दोनों देशों के करोड़ो क्रिकेट फैंस वो मैच कभी नहीं भूल सकते.

पाकिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया था. भारत ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 141 रन बनाए थे. इसमें रॉबिन उथप्पा के 50 रन शामिल थे. जवाब में पाकिस्तान की टीम भी निर्धारित 20 ओवर में 141 रन ही बना पाई. आखिरी ओवर की आखिरी गेंद पर मिस्बाह उल हक के रनआउट होने ने मैच को कमाल का रोमांचक बना दिया. मामला बॉल आउट तक पहुंच गया. जहां भारत ने पाकिस्तान को हराया. रॉबिन उथप्पा ने 13 साल बाद उसी बॉल आउट को याद किया है.

वेंकटेश प्रसाद कराते थे बॉल आउट की प्रैक्टिस

रॉबिन उथप्पा ने बताया कि उस बॉल आउट की तैयारी भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच वेंकटेश प्रसाद ने पहले ही कराई थी. भारत की तरफ से उस मैच में रॉबिन उथप्पा, वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह ने स्टंप पर सही निशाना लगाया था.

रॉबिन उथप्पा ने कहा, “मैच से पहले प्रैक्टिस के दौरान वेंकटेश प्रसाद बॉल आउट की प्रैक्टिस कराते थे. वो फुटबॉल खेलने की बजाए गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच बॉल आउट का मुकाबला कराते थे. जिसमें मैं, सहवाग और रोहित शर्मा अक्सर सही निशाना लगाते थे. जब मैच टाई हुआ तो हम बहुत उत्साहित थे. क्योंकि वो मैच हम लगभग हार चुके थे और मुश्किल से टाई तक पहुंचे थे. श्रीसंत ने शानदार गेंदबाजी की थी.”

धोनी की भी जमकर की तारीफ

रॉबिन उथप्पा ने धोनी की भी तारीफ की. रॉबिन उथप्पा को गेंद देने का फैसला धोनी ने ही किया था. उथप्पा ने उनसे जाकर कहा कि वो सही निशाना लगा सकते हैं और धोनी मान गए.

उथप्पा ने उस मैच को याद करके कहा- “इतनी कम उम्र में वो पहले मैच में कप्तानी कर रहे थे. ऐसे में एक खिलाड़ी उनके पास जाता है और कहता है मैं गेंदबाजी करूंगा मैं सही निशाना लगाऊंगा. वो भी तब जबकि वो खिलाड़ी मुख्य तौर पर गेंदबाज नहीं हैं. मैं कसम खाकर कह रहा हूं कि धोनी ने एक सेंकेंड के लिए पलक झपकाए बिना भी कहा- ठीक है जाओ गेंद फेंको.” उथप्पा ने 2006 से 2015 तक भारत के लिए 46 वनडे और 13 टी-20 मैच खेले हैं.

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