रॉजर फेडरर से बेहतर हैं राफेल नडाल! क्या कहते हैं आंकड़े

राफेल नडाल को क्ले कोर्ट का सबसे दमदार खिलाड़ी माना जाता है तो रॉजर फेडरर को ग्रास कोर्ट का. फेडरर ने नडाल को क्ले कोर्ट में कभी भी किसी ग्रैंडस्लैम में नहीं हराया है.

जिस तरह से क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर, रिकी पोंटिंग, विराट कोहली, एबी डिविलियर्स हैं. फुटबॉल में पेले, मैराडोना, रोनाल्डो और मेस्सी. उसी तरह टेनिस में खिलाड़ी हैं रॉजर फेडरर और राफेल नडाल जिन्होंने खेल के भूत-भविष्य को बदल कर रख दिया.

विश्व के तीसरे सबसे लोकप्रिय खेल में भी सबसे बेहतर होने की ये जंग बदस्तूर जारी है. पिछले दो दशकों में इस खेल नें कई खिलाड़ी देखे. कई ने वर्ल्ड रिकार्ड्स बनाये, कई ने उन्हें तोड़ा लेकिन हर एक रिकॉर्ड पर धीरे-धीरे इनका एकाधिकार होता चला गया. बीते 20 सा में इन दोनों ने कुल मिलाकर 39 ग्रैंड स्लैम टाइटल्स जीते हैं.

क्या होता हैं ग्रैंडस्लैम

ग्रैंडस्लैम टेनिस खेल का सबसे बड़ा खिताब है. इसे ठीक उसी तरह समझिये जैसे क्रिकेट या फुटबॉल खेलों में वर्ल्डकप, या बैडमिंटन में वर्ल्ड चैंपियनशिप (कुछ दिन पहले पीवी सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीता था).

एक साल में 4 ग्रैंडस्लैम खेले जाते हैं. जिनमें सबसे पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन उसके बाद फ्रेंच ओपन, विंबलडन और अंत में यूएस ओपन खेला जाता है. इन चारों में से ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन हार्ड कोर्ट (सीमेंट वाली पिच) पर, फ्रेंच ओपन क्ले कोर्ट (लाल बजरी) पर और विंबलडन को ग्रास कोर्ट पर खेला जाता है.

अब तक पुरुषों में सबसे ज्यादा एकल ग्रैंड स्लैम जीतने का रिकॉर्ड स्विट्ज़रलैंड के रॉजर फेडरर के नाम है. जिन्होंने अपने करियर में अब तक 20 बार ग्रैंडस्लैम ख़िताब जीता है. वहीं इस लिस्ट में दूसरा नाम है स्पेन के राफेल नडाल का जिन्होंने इस साल 2 ग्रैंडस्लैम ( फ्रेंच ओपन 2019, यूएस ओपन 2019) जीत कर अपने नाम कुल 19 ग्रैंडस्लैम खिताब कर लिए हैं.

एक नज़र रॉजर फेडरर के करियर रिकार्ड्स पर

38 की उम्र पार कर चुके रॉजर फेडरर अब तक रिकॉर्ड 20 ग्रैंडस्लैम जीत चुके हैं. जिनमें से उन्होंने 8 बार विंबलडन, 1 बार फ्रेंच ओपन, 6 ऑस्ट्रेलियाई ओपन और 5 बार यूएस ओपन शामिल हैं. सबसे अधिक उम्र में ग्रैंडस्लैम जीतने वाले फेडरर अपने हर टूर्नामेंट के साथ नया रिकॉर्ड बना रहे हैं. वो जीतें या हारें रिकॉर्ड बनना बदस्तूर जारी है.

आज भी वो सभी तरह के टूर्नामेंट जीतने के प्रबल दावेदार माने जाते हैं. रॉजर फेडरर ने साल 1998 में डेब्यू किया था जिसके बाद उन्होंने साल 2003 में विंबलडन जीत कर अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किया. फेडरर ने अब तक 54 मेजर टाइटल्स जीते हैं लेकिन वो ये करने वाले अकेले खिलाड़ी नहीं हैं. इतने ही टाइटल जोकोविक और नडाल के पास भी हैं. अपने अब तक के करियर में फेडरर ने 82.1% (1223-267) की जीत-हार के अनुपात के साथ 102 ATP टाइटल्स जीते हैं.

इन सब के साथ फेडरर ने रिकॉर्ड 6 ईयर एन्ड चैंपियनशिप (ATP वर्ल्ड टूर फाइनल्स) भी जीते हैं. रॉजर फेडरर के नाम 310 हफ़्तों तक नंबर वन की रैंकिंग पर काबिज रहने का रिकॉर्ड है. फेडरर एक मात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने दो ग्रैंडस्लैम को 6 या उससे ज्यादा बार जीता है. जिसमें 6 ऑस्ट्रेलियाई ओपन और 8 विंबलडन शामिल है.

एक नज़र राफेल नडाल के करियर रिकार्ड्स पर

लाल बजरी के बादशाह के नाम से मशहूर 33 साल के नडाल ने 2001 में जब इस खेल में अपना डेब्यू किया तब पीट सेम्प्रास और आंद्रे अग्गासी जैसे दिग्गज खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम दौर में थे. नडाल ने बीते दिन अपना 19th ग्रैंड स्लैम (यूएस ओपन 2019) जीता. इस जीत के साथ नडाल ने कई नए रिकार्ड्स बनाए. नडाल 30 की उम्र के बाद 5 ग्रैंडस्लैम जीतने वाले पहले खिलाड़ी हैं.

नडाल ने अब तक सर्वाधिक 12 बार फ्रेंच ओपन, 1 बार ऑस्ट्रेलियाई ओपन, 2 बार विंबलडन और 4 बार यूएस ओपन जीता है. नडाल ने 2005 में अपना पहला ग्रैंडस्लैम जीता था. 54 मेजर टाइटल्स जीत चुके नडाल ने अब तक सबसे ज्यादा 35 बार ATP 1000 मास्टर्स ख़िताब जीते हैं. इसके साथ ही नडाल ने एक बार ओलिंपिक भी जीता है.

अपने करियर में नडाल को लम्बे वक्त तक चोट की वजह से खेल से बाहर रहना पड़ा. नडाल क्ले कोर्ट में दुनिया में सबसे ज्यादा 59 टाइटल्स जीत चुके हैं. इसके साथ ही किसी भी ग्रैंडस्लैम को सबसे ज्यादा बार जीतने का रिकॉर्ड (12 बार फ्रेंच ओपन) भी उनके ही नाम है. इसी तरह सबसे ज्यादा बार किसी मास्टर्स टूर्नामेंट (11 बार मोंटे कार्लो मास्टर्स) को जीतने का भी रिकॉर्ड उनके ही नाम है. क्ले कोर्ट के मामले में दुनिया का कोई भी खिलाड़ी दूर-दूर तक उनके रिकॉर्ड के बराबर नहीं है.

ज्यादा बेहतर कौन

इन दोनों के बीच ज्यादा बेहतर कौन है? पूरी दुनिया में हमेशा से इस बात को लेकर चर्चा होती रही है. दोनों खिलाड़ियों के बीच उम्र में महज़ 4 साल का फर्क है. हालांकि रॉजर फेडरर की तुलना में नडाल ने कम उम्र में ही अपने करियर की शुरुआत कर दी थी. दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक 40 मैच खेले जा चुके हैं. जिनमे से नडाल ने 24 तो वहीं फेडरर ने 16 मुकाबले जीते हैं. इन दोनों खिलाड़ियों ने कम उम्र में ही टॉप रैंकिंग्स में दस्तक दे दी थी.

ग्रैंडस्लैम की बात करें तो नडाल कभी भी फेडरर के रिकॉर्ड के इतने नजदीक नहीं पहुंचे जीतने वो इस वक़्त यूएस ओपन की अपनी जीत के बाद हैं. फेडरर के 2003 में अपने पहले ग्रैंडस्लैम जीतने के दो साल बाद नडाल ने अपना पहला ग्रैंडस्लैम जीता था. साल 2005 में जब नडाल ने अपना पहला ग्रैंडस्लैम जीता तब फेडरर उनसे 4 ग्रैंडस्लैम ज्यादा जीत चुके थे. जिसके बाद ये अंतर आगे भी जारी रहा. दोनों खिलाड़ी अपने-अपने पसंदीदा कोर्ट में एक दूसरे पर हावी रहे हैं लेकिन अगर तुलना की जाये तो नडाल इस रेस में आगे हैं.

नडाल को क्ले कोर्ट का सबसे दमदार खिलाड़ी माना जाता है तो वहीं फेडरर को ग्रास कोर्ट का. फेडरर ने नडाल को क्ले कोर्ट में कभी भी किसी ग्रैंडस्लैम में नहीं हराया है लेकिन नडाल ने 2008 में फेडरर को ग्रास कोर्ट पर खेले जाने वाले विंबलडन के फाइनल में तब हराया जब फेडरर रैंकिंग्स में शीर्ष पर थे और ग्रास कोर्ट में उन्हें हारना असंभव माना जाता था. इसके बाद भी नडाल ने कई मौकों पर फेडरर को ग्रास कोर्ट पर हराया है. फेडरर ने क्ले कोर्ट पर अपना एक मात्रा ग्रैंडस्लैम तब जीता था जब नडाल फ्रेंच ओपन के चौथे दौर में ही हार कर बाहर हो गए थे.

इन दोनों खिलाड़ियों के बीच एक तुलनात्मक मतभेद हमेशा रहा है कि नडाल की काबिलियत सिर्फ क्ले कोर्ट पर है जबकि फेडरर ने हार्ड कोर्ट और ग्रास कोर्ट दोनों पर ख़ुद को सर्वश्रेष्ठ साबित किया है. लेकिन यह तुलना सिर्फ टाइटल्स की संख्या पर निर्भर नहीं है यह उससे भी ज्यादा है. आंकड़ों के अनुसार नडाल ने फ्रेंच ओपन में 96 मैच खेलें हैं. वहीं फेडरर ने विंबलडन में 108 मैच खेले हैं लेकिन विनिंग परसेंटेज की बात करें तो फेडरर के 69% की तुलना में नडाल का यह आंकड़ा 79% का है.

हालांकि अगर जीत हार के आंकड़ों पर ध्यान दिया जाये तो-

अपने पूरे करियर में नडाल की जीत हार का अनुपात 83.2% (965-195) का है, वहीं फेडरर की जीत हार का अनुपात का रिकॉर्ड 82.1% (1223-267) का है. यहां नडाल फेडरर पर भारी नज़र आते हैं.

हार्ड कोर्ट पर जीत-हार की बात करें तो नडाल ने 77.8% (456-130) के रिकॉर्ड के साथ 21 ख़िताब जीते हैं. वहीं फेडरर का रिकॉर्ड 83.5% (762-151) का है. फेडरर ने हार्ड कोर्ट पर 70 टाइटल्स जीते हैं. हार्ड कोर्ट पर होने वाले टूर्नामेंटों में सबसे ज्यादा 11 ग्रैंडस्लैम जीतने का रिकॉर्ड फेडरर के पास है.

क्ले कोर्ट की बात करें तो नडाल का रिकॉर्ड यहां 91.8% (436-39) का है. उन्होंने 59 (12 फ्रेंच ओपन) टाइटल्स जीते हैं तो वहीं फेडरर ने अपने 76.1% (223-70) के रिकॉर्ड के साथ सिर्फ 11 टाइटल्स ही जीते हैं. यानी यहां पर फेडरर, नडाल से काफी पीछे हैं.

ग्रास कोर्ट की बात करें तो नडाल ने जहां 78.0% (71-20) के रिकॉर्ड के साथ सिर्फ 4 टाइटल्स जीते हैं तो वहीं फेडरर ने 87.4% (187-27) के रिकॉर्ड के साथ 19 ख़िताब जीते हैं. जिनमे 8 विंबलडन शामिल है. यहां फेडरर नडाल पर हावी हैं.

वहीं कारपेट सरफेस की बात करें तो नडाल का रिकॉर्ड जहां 25.0% (2-6) का है तो वहीं फेडरर का रिकॉर्ड 72.5% (50-19) का है जिसमे उन्होंने 2 ख़िताब जीते हैं. इस मामले में नडाल फेडरर से काफी ज्यादा पीछे हैं.

मास्टर्स 1000 की बात करें तो नडाल के पास जहां 35 तो वहीं फेडरर के पास 28 टाइटल्स हैं.

आंकड़ों के मुताबिक फेडरर के पास नडाल से ज्यादा उपलब्धियां हैं लेकिन अपने प्रतिद्वंद्वियों पर जीत के मामले में नडाल फेडरर से ज्यादा बेहतर हैं. यहां एक बात और मायने रखती है की नडाल के पास अब भी फेडरर से ज्यादा समय तक टेनिस खेलने का मौका है. जिसमें वो फेडरर के कई रिकार्ड्स तोड़ भी सकते हैं. रिकार्ड्स भले जो भी कहें लेकिन इन दो खिलाड़ियों ने इस खेल को जो दिया है वो शायद आने वाले समय में कभी कोई दो च‍िर प्रतिद्वंद्वी इस खेल को न दे पाए.

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