पूर्व भारतीय क्रिकेटर सदाशिव पाटिल का निधन, BCCI ने जताया शोक

साल 1955 में पॉली उमरीगर की कप्तानी में न्यूजीलैंड के खिलाफ ब्रेबोर्न स्टेडियम में पाटिल ने अपना टेस्ट डेब्यू किया था.

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सदाशिव पाटिल ( Sadashiv Patil) का मंगलवार को निधन हो गया. 86 साल की उम्र में उन्होंने कोल्हापुर में अंतिम सांस ली. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने भी अपने पूर्व खिलाड़ी के निधन पर शोक जताया है. साल 1955 में पॉली उमरीगर की कप्तानी में न्यूजीलैंड के खिलाफ ब्रेबोर्न स्टेडियम में पाटिल ने अपना टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने मैच की दोनों पारियों में एक-एक विकेट चटकाए थे. भारत के लिए एकमात्र टेस्ट खेलने वाले सदाशिव पाटिल को ज्यादा मौके नहीं मिले. 1952 से 1964 के बीच 36 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 866 रन और 83 विकेट लेने वाले पाटिल ने रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) में महाराष्ट्र की कप्तानी भी की थी.

पाटिल ने वेस्ट जोन के लिए खेलते हुए कीवी टीम के खिलाफ 7/74 के आंकड़े दर्ज किए थे. उनके इस प्रदर्शन से प्रभावित होकर चयनकर्ताओं उन्हें भारतीय टीम के लिए चुना था. मगर न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट में ही पाटिल का भारत के लिए लंबे समय तक खेलने का सपना टूट गया. उन्हें टीम में जगह नहीं मिली.

पाटिल ने अपने रणजी डेब्यू में कमाल की गेंदबाजी की थी. उन्होंने अपने पहले ही रणजी मुकाबले में बॉम्बे खिलाफ आठ विकेट चटकाए थे. भारत के लिए खेलने का उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला, लेकिन वो महाराष्ट्र के लिए लगातार खेलते रहे.

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