सेमीफइनल का हीरो जो फाइनल में हर कदम पर न्यूजीलैंड के लिए साबित हुआ विलेन

इंग्लैंड क्रिकेट टीम का विश्व विजेता बनने का सपना आखिरकार रविवार को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉडर्स मैदान पर बेहद नाटकीय अंदाज में 44 साल बाद पूरा हो गया.

लंदन. आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 में पहले सेमीफाइनल के हीरो रहे मार्टिन गप्टिल फाइनल में न्यूजीलैंड के लिए हर मोड़ पर विलेन साबित हुए. किसी भी टीम के सलामी बल्लेबाज का ये वर्ल्ड कप उतना खराब नहीं गया जितना मार्टिन गप्टिल का गया है. मार्टिन गप्टिल ने  वर्ल्ड कप में 10 पारियां खेल, जिसमें 20.66 के औसत से सिर्फ 186 रन बनाए हैं. इसमें से अगर श्रीलंका के खिलाफ 73 रन की पारी को हटा दिया जाए तो उनका औसत सिर्फ 12.55 का रह जाता है. जो किसी भी सलामी बल्लेबाज के लिए इस स्तर पर अच्छा नहीं माना जाएगा.

लेकिन गप्टिल के एक थ्रो ने न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ मिली जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. भारत के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में गप्टिल के थ्रो पर धोनी आउट हुए थे और यहां से भारत मैच से बाहर हो गया था. आइए जानते हैं कैसे ये खिलाड़ी फाइनल में न्यूजीलैंड के लिए हर मोड़ पर विलेन साबित हुआ-

मैच के शुरुआत में ही गप्टिल ने गंवाया DRS

मार्टिन गप्टिल न्यूजीलैंड की पारी के छठे ओवर में क्रिस वोक्स की गेंद पर एलबीडब्ल्यू करार दिए गए थे. गप्टिल साफ आउट थे. इसके बावजूद उन्होंने डीआरएस ले लिया और न्यूजीलैंड ने अपना इकलौता डीआरएस गंवा दिया. मार्टिन गप्टिल इस मैच में 18 गेंदों पर 19 रन बनाकर आउट हुए.

गप्टिल न लेते DRS तो आउट होने से बच जाते टेलर

मार्क वुड की गेंद पर रॉस टेलर को अंपायर ने एलबीडब्ल्यू आउट दिया. रीप्ले में साफ तौर पर दिख रहा था कि गेंद विकेट को मिस कर रही थी. अगर गप्टिल ने डीआरएस नहीं गंवाया होता तो रॉस टेलर आउट होने से बच सकते थे.

गप्टिल का थ्रो जो मैच के निर्णायक मोड़ पर इंग्लैंड को दे गया 6 रन

इंग्लैंड को अंतिम तीन गेंद पर जीत के लिए 9 रन चाहिए थे. तभी बेन स्टोक्स ने डीप मिडविकेट पर शॉट खेला. वहां पर गप्टिल मौजूद थे. गप्टिल ने थ्रो किया और बेन स्टोक्स ने रन आउट से बचने के लिए डाइव लगाई. गेंद स्टोक्स के बल्ले से टकराई और बाउंड्री लाइन पार कर गई. इस तरह जहां दो रन बनने थे, वहां छह रन मिल गए जिससे इंग्लैंड लक्ष्य के करीब आ गया.

सुपर ओवर में भी रन आउट हुए गप्टिल

न्यूजीलैंड को सुपर ओवर में जीत के लिए आखिरी गेंद पर दो रन चाहिए थे. यहां पर भी स्ट्राइक पर गप्टिल ही थे. उन्होंने मिडविकेट पर शॉट खेला उन्होंने एक रन पूरा किया  लेकिन दूसरा रन लेते हुए रन आउट हो गए. उनके पास एक गेंद पर दो रन बनाकर अपनी टीम को चैंपियन बनाने का एक शानदार मौका था, लेकिन गप्टिल सुपर ओवर की अंतिम गेंद  पर रनआउट हो गए  और न्यूजीलैंड वर्ल्ड चैंपियन बनने से चूक गई.

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