15 साल इंतजार के बाद मिला टेस्‍ट खेलने का मौका, शाहबाज नदीम से धोनी ने कही ये बात

शाहबाज नदीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्‍यू मैच में चार विकेट लिए. रांची टेस्ट मैच के बाद धोनी ने ड्रेसिंग रूम में नदीम से मुलाकात की.
शाहबाज नदीम, 15 साल इंतजार के बाद मिला टेस्‍ट खेलने का मौका, शाहबाज नदीम से धोनी ने कही ये बात

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए रांची टेस्ट में एक नाम ऐसा भी था जिसने अपने पहले मैच में ही सब का ध्यान अपनी ओर खिंचा. यह नाम था झारखण्ड के 30 साल के लेफ्ट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम का. नदीम को आखिरकार 15 साल के लंबे अतंराल के बाद अपने घरेलू मैदान रांची में भारत के लिए टेस्ट खेलने का मौका मिला. नदीम की गेंदबाजी के मुरीद हुए लोगों में भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम भी है. रांची टेस्ट मैच के बाद धोनी ने ड्रेसिंग रूम में नदीम से मुलाकात की. धोनी ने नदीम से कहा कि, ‘तुम जो कर रहे तो वो बेस्ट कर रहे हो और जो भी करोगे बेस्ट ही करोगे’.

नदीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) मैदान पर खेले गए अपने पदार्पण मैच में चार विकेट लिए. नदीम ने बताया कि वह धोनी से बात करने और अपनी गेंदबाजी के बारे में पूछने के लिए खुद गए थे.

धोनी से खुद की बात

नदीम ने कहा की, “मैंने खुद माही भाई से बात की और पूछा कि आपको मेरी गेंदबाजी कैसी लगी. जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि तुम्हे फर्स्ट क्लास खेलने का अनुभव है. तुमने अच्छा किया ओर जो तुम्हे जो करना चाहिए था वो किया”. पूर्व भारतीय कप्तान धोनी झारखंड के लिए घरेलू क्रिकेट में कप्तानी कर चुके हैं जिसमें नदीम भी शामिल थे.

मैच से एक दिन पहले अचानक मिला मौका

नदीम को सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच में कुलदीप यादव के तौर पर मैच से एक दिन पहले अचानक भारतीय टीम में शामिल किया गया था. बीते तीन-चार साल से घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे नदीम को उम्मीद तो थी कि एक दिन उन्हें भारतीय टीम की जर्सी मिलेगी लेकिन इस तरह से अचानक यह सब होगा इसकी उम्मीद नहीं थी.

बाएं हाथ के इस स्पिनर ने कहा, “मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि मैं भारत के लिए नहीं खेल पाऊंगा. मुझे भरोसा था कि मुझे मौका मिलेगा क्योंकि मैं घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा था. मैं जनता था ये होगा, लेकिन जब ये हुआ उस समय मैं यह होने की उम्मीद नहीं कर रहा था. मैं खेल के लौटा ही था कि मेरे पास फोन आया और मुझे अगले ही दिन मैच खेलना था”.

रवि शास्त्री ने बढ़ाया हौसला

टीम के हेड कोच रवि शास्त्री ने मैदान के उतरने से पहले उनका काफी हौसला बढ़ाया. शाहबाज नदीम ने कोच शास्त्री के बारे में कहा, “उन्होंने मुझे वार्मअप के समय बोला कि तुम आज पहली बार भारतीय टीम के लिए टेस्ट मैच खेल रहे हो, तुमने इतने दिनों तक घरेलू क्रिकेट खेला और अब जब मौका मिला है तो इसे भुनाओ, इसे लेकर दबाव मत लो”.

द्रविड़ को था भरोसा

शाहबाज नदीम लंबे समय से इंडिया-ए के लिए खेल रहे हैं. उन्होंने रांची जाने से पहले इंडिया-ए के कोच रहे राहुल द्रविड़ को फोन किया और उन्हें इस बारे में बताया. द्रविड़ से अपनी बात को लेकर बताया की “मैं जब रांची के लिए जा रहा था तब मैंने उन्हें फोन किया और इस बारे में बताया. द्रविड़ ने कहा कि मुझे पता था कि तुम्हें मौका मिलेगा. द्रविड़ जब इंडिया-ए के कोच थे तब भी वो मुझसे यही कहते थे कि तुम्हे मौका जरूर मिलेगा, धैर्य रखो और अपने मौके का इंतजार करो. इतने बड़े खिलाड़ी से तारीफ सुनना अलग आत्मविश्वास देता है खासकर जब वो राहुल द्रविड़ जैसे शख्स से आती हो.”

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