शाहिद अफरीदी का असली चेहरा आया सामने- बाहर बांटते हैं ज्ञान, घर में करते हैं हिंदू-मुसलमान

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो हिंदू रीति रिवाज के खिलाफ नफरत जाहिर करते नजर आ रहे हैं.
Shahid Afridi viral video, शाहिद अफरीदी का असली चेहरा आया सामने- बाहर बांटते हैं ज्ञान, घर में करते हैं हिंदू-मुसलमान

पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों से क्रिकेटर दानिश कनेरिया के हिंदू होने की वजह से उनके साथ भेदभाव ज्यादती की खबरों को लेकर हंगामा मचा हुआ है. पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार कोई नहीं बात नहीं है. इस बीच पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो हिंदू रीति रिवाज के खिलाफ नफरत जाहिर करते नजर आ रहे हैं. अफरीदी, टीवी पर इंडियन सीरियल देखने के दौरान अपनी बेटी को आरती करते देख इतने गुस्से में आ गए थे कि उन्होंने टीवी ही तोड़ दिया था. अफरीदी के इस वीडियो से एक बार फिर साबित हो गया कि पाकिस्तान की सोच में ही दूसरे धर्मों को लेकर जहर भरा है.

शाहिद अफरीदी, पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रहे हैं. बड़े-बड़े छक्के लगाते थे. पूरी दुनिया में क्रिकेट फैंस इनके दीवाने हैं. आजकल पाकिस्तान में जब कई पूर्व क्रिकेटर, क्रिकेट की दुनिया के ही इर्द-गिर्द नजर आते हैं, लेकिन शाहिद अफरीदी आजकल पूरे पाकिस्तान में बेटियों की पढ़ाई-लिखाई के लिए मुहिम चलाते हैं.

अपने एनजीओ के जरिए अफरीदी, पूरे पाकिस्तान को ये बताते हैं कि बेटी की पढ़ाई-लिखाई पूरे मुल्क को आगे बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है. लेकिन हिंदू होने की वजह से दानिश कनेरिया के साथ पाकिस्तान में हुए भेदभाव और ज्यादती की खबर आने के बाद अफरीदी का ये वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है, जिसमें उनके साथ पाकिस्तान के दोहरे चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है.

पाकिस्तान टीवी के टॉक शो में शाहिद अफरीदी का एक इंटरव्यू वायरल है, जिसमें वो हिंदू आस्था के अपमान करते दिख रहे हैं. शाहिद अफरीदी से जब ये पूछा गया कि क्या कभी उन्होंने गुस्से में मोबाइल और टीवी तोड़ा है. तो इसके जवाब में शाहिद अफरीदी ने जो कहा उससे ये सवाल उठता है कि बेटियों की परवरिश को लेकर शाहिद अफरीदी कहते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं. शाहिद अफरीदी ने कहा- एक वक्त था, जब उनकी बेटी घर में टीवी पर इंडियन सीरियल देख कर आरती की नकल कर रही थी. तो उन्होंने गुस्से में टीवी तोड़ दिया था.

अफरीदी ने कहा- “एक दफा बेगम की वजह से टीवी तोड़ा था, बेगम बता रहा हूं तुम्हें. पहले ये स्टार प्लस के ड्रामे बहुत चला करते थे. तो मैं बेगम को मना करता था कि आप अकेले में देख लिया करो, वो भी टीवी बहुत कम देखती हैं.. मैंने कहा- अकेले में देख लिया करो टीवी.. आप बच्चों को न बिठाया करो. मैं एक दफा घर आया तो मैं कमरे से बाहर निकला तो अंशा थी या अक्शा थी, टीवी के सामने स्टार प्लस चल रहा था और वो ये.. इंडियन ड्रामों में क्या होता है थाली लेकर …ऐसे करते हैं क्या कहते हैं उसको पता नहीं वो (बेटी) यूं यूं कर रही थी टीवी के सामने खड़े होकर.. तो मैंने यूं करके देखा तो पता नहीं क्या हुआ कि मैंने यूं करके दीवार के अंदर ही टीवी कर दिया..तो वो वो एक दफा टीवी तोड़ा था”

मुमकिन है उनकी बेटी को हिंदू धर्म में आरती के महत्व को लेकर पता न हो. बच्चों के लिए तो ईश्वर-अल्लाह में फर्क नहीं होता, लेकिन शाहिद अफरीदी को तो आरती की अहमियत पता होगी. फिर उन्होंने बच्चों के बीच धर्म को लेकर दीवार खींचने वाली हरकत क्यों की. क्या अफरीदी अपने घर में बेटियों को धर्म को लेकर भेदभाव करना सिखाते हैं और पूरे पाकिस्तान में बेटियों की तालीम की अहमियत बताते हैं.

अफरीदी के इस कबूलनामे से पाकिस्तान का दोहरा चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है. अफरीदी चार-चार बेटियों के पिता हैं. पूरे पाकिस्तान में वो बेटियों की तालीम की अहमियत बताते फिरते हैं. लेकिन वो किस तालीम की बात करते फिरते हैं. जिसमें दूसरे धर्मों के खिलाफ नफरत की सिखाते हैं. अफरीदी के इस वीडियो की चर्चा इसलिए भी ज्यादा हो रही है, क्योंकि अभी पाकिस्तान में क्रिकेटर दानिश कनेरिया का मामला बहुत गर्म है. शोएब अख्तर ने ये खुलासा किया था कि दानिश कनेरिया के हिंदू होने की वजह से उनके साथ भेदभाव और ज्यादती हुई थी.

दानिश जब खेलते थे तो पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में कई खिलाड़ी, दानिश कनेरिया के साथ खाना तक नहीं खाते थे. अख्तर के इस खुलासे के बाद कनेरिया ने भी अपनी आपबीती दुनिया के सामने रखी थी. कनेरिया ने कहा था कि पाकिस्तान में फिक्सिंग करने वालों को टीम में दोबारा मौका मिला, सम्मान मिला, लेकिन उनके केस को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया, उनकी किसी ने मदद नहीं की. लेकिन दो दिनों में पाकिस्तान इस मुद्दे पर बंट गया. एक पक्ष दानिश कनेरिया के साथ था, तो दूसरा ये बताने में लगा था कि पाकिस्तान ऐसा मुल्क नहीं है और दानिश के साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ था.

दानिश को लेकर खुलासा करने वाले शोएब अख्तर भी दो दिन बाद पलट गए थे. शोएब अख्तर भी अब ये बताने में लगे हैं कि पाकिस्तान ने दानिश के साथ कभी गलत नहीं किया. इक्का-दुक्का लोग तो सभी जगह गलत होते हैं. शोएब से लेकर इंजमाम उल हक तक पाकिस्तान को सभी धर्मों का सम्मान करने वाला देश बता रहे हैं. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक, जिनकी कप्तानी में दानिश कनेरिया ने सबसे ज्यादा खेला. वो इंजमाम भी पहले ही कह चुके हैं. उन्होंने अपनी कप्तानी में दानिश या यूसुफ योहाना, जो बाद में इस्लाम धर्म कबूल कर मोहम्मद यूसुफ हो गए, उनके साथ धर्म को लेकर कोई भेदभाव नहीं देखा. पाकिस्तान का दिल बहुत बड़ा है. हम सबको अपने दिल में जगह देते हैं.

पाकिस्तान भले कितना भी खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने की कोशिश कर ले, दुनिया इस पर भरोसा करने का जोखिम नहीं उठा सकती. शाहिद अफरीदी, पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रहे हैं. पाकिस्तान में उनके चाहने वाले भी बहुत हैं, लेकिन जब आप घर में अपनी बेटियों के लिए अलग पैमाना बनाते हैं, और बाहर कुछ और चेहरा आपका दिखता है. तो इस दोहरे चरित्र के साथ न आप अपनों के लिए सही रास्ता दिखा सकते हैं और न ही मुल्क के लिए.

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