सेरेना को हरा पहली बार विंबलडन चैंपियन बनी सिमोना हालेप ने कहा- मेरी मां का सपना पूरा हो गया

हालेप ने जीतने के बाद इस मैच को अपनी जिंदगी का अभी तक का सर्वश्रेष्ठ मैच बताया है.

लंदन. रोमानिया की सिमोना हालेप ने अमेरिका की सेरेना विलियम्स का 24वां ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना तोड़ा दिया. हालेप ने सेरेनो का शनिवार को सेंटर कोर्ट पर खेले गए विंबलडन के महिला एकल वर्ग के फाइनल में मात दे अपना दूसरा ग्रैंड स्लैम जीता. विंबलडन में पहला खिताब जीतने वाली हालेप ने सेरेना को महज 55 मिनट में 6-2, 6-2 से मात दी.

इससे पहले, हालेप 2018 में फ्रेंच ओपन जीत चुकी हैं. वह पहली बार विंबलडन के फाइनल में पहुंची थीं और सेरेना को मात देने में सफल रहीं. इस मैच में पूर्व विजेता सेरेना वर्ल्ड नंबर-7 हालेप के सामने कहीं नजर नहीं आईं. पहले सेट में हालेप ने शुरुआती चार गेम जीत 4-0 की बढ़त ले ली और इसके बाद सेरेना ने एक गेम अपने नाम किया.

चार गेम हारने के बाद हालांकि सेरना की वापसी मुश्किल थी. वह वापसी नहीं कर पाईं और सेट हार गईं. दूसरे सेट में शुरुआत में स्कोर 2-2 से बराबर था. यहां से हालेप ने पांचवां गेम अपने नाम कर स्कोर 3-2 किया और फिर सेरेना को कोई मौका नहीं दिया.

हालेप ने जीतने के बाद इस मैच को अपनी जिंदगी का अभी तक का सर्वश्रेष्ठ मैच बताया है. हालेप ने कहा, “कभी नहीं, मैंने अपनी जिंदगी में इससे अच्छा मैच कभी नहीं खेला. यह मेरे करियर का सर्वश्रेष्ठ मैच था. सेरेना ने हमेशा हमें प्रेरित किया है इसके लिए उनका शुक्रिया.”

पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 ने कहा, “मैं परेशान थी. मैं जब कोर्ट पर आई तब मेरा पेट खराब था. लेकिन मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान केंद्रित कर रही थी. मैंने ग्रास पर खेलने के लिए कुछ मैचों में अपने खेल में बदलाव किए हैं.”

किया मां के सपने को पूरा 

रोमानिया की टेनिस खिलाड़ी सिमोना हालेप ने विंबलडन के फाइनल में अमेरिका की सेरेना विलियम्स को हराने के बाद कहा कि वह अपनी मां तानिया हालेप का सपना पूरा करना चाहती थीं. मैच के बाद हालेप ने कहा, “जब मैं 10-12 साल की थी, तब मेरी मां कहा करती थी, अगर तुम टेनिस में कुछ हासिल करना चाहती हो तो विंबलडन जीतकर दिखाना. आज मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मेरी मां का सपना पूरा हो गया.”

हालेप ने 24वें ग्रैंड स्लैम के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहीं सेरेना को 6-2, 6-2 से हराते हुए अपना पहला विंबलडन और कुल दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीता. हालेप ने कहा कि वह विंबलडन इसलिए भी जीतना चाहती थीं क्योंकि उनकी सालों की इच्छा थी कि उन्हें इस क्लब की आजीवन सदस्यता मिले.  बकौल हालेप, “मैं लॉकर रूम में सोचा करती थी कि अगर मैं इस साल यहां खिताब जीत गई तो मुझे इस शानदार क्लब की आजीवन मेंबरशिप मिल जाएगा. यह मेरा सपना था और इसके लिए मैं काफी मोटिवेटेड थी. अब मैं इसे पाकर खुश हूं.”

इससे पहले फ्रेंच ओपन जीत चुकीं हालेप ने कहा कि क्ले कोर्ट पर सफलता हासिल करने के बाद ग्रास कोर्ट पर खिताब जीतना उनके लिए आसान नहीं था लेकिन इसके लिए उन्होंने अपनी शैली में बदलाव किया. हालेप ने कहा, “मैंने विंबलडन के लिए अपनी शैली में बदलाव किया। मेरे लिए यह आसान नहीं था. मेरी मेहनत रंग लाई. मैं इससे काफी खुश हूं.”

हालेप के पूरे सम्बोधन के दौरान उनकी मां तथा पिता स्टैंड में मौजूद थे और दोनों काफी भावनात्मक नजर आ रहे थे.

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