समलैंगिक हैं ‘स्प्रिंट क्वीन’ दूती चंद, दुनिया के सामने कबूल किया गांव की लड़की से रिश्ता

भारत में भले ही LGBT शादियों को मान्यता न दी गई हो, लेकिन समान लिंग के लोगों के साथ रहने के खिलाफ किसी तरह का कोई कानून नहीं है.

नई दिल्ली. भारत की सबसे तेज महिला धावक दूती चंद ने कहा है कि उनका उनके ही शहर की एक लड़की के साथ कुछ सालों से समलैंगिक रिश्ते हैं. 100 मीटर फर्राटा दौड़ की राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर और  2018 एशियाई खेलों में दो सिल्वर मेडल जीतने वाली दूती चंद ऐसी पहली भारतीय स्पोर्ट्स स्टार हैं, जिन्होंने समलैंगिक संबंध में होने की बात कबूली है.  23 साल की चंद ने अपनी साथी का नाम नहीं बताया क्योंकि वह उसे विवादों में नहीं लाना चाहती.

अगले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप और टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के लिए स्प्रिंटर दूती चंद कठिन ट्रेनिंग से गुजर रही हैं. इसी कारण से दोनों ने रिश्ते को अधिकारिक रूप देने के प्लान को टाल दिए हैं. दूती ने ‘द सन्डे एक्सप्रेस’ से कहा, “मुझे कोई ऐसा मिल गया है, जो दिल के बहुत करीब है. मुझे लगता है कि हर किसी को अपना पार्टनर चुनने की आजादी होनी चाहिए. मैंने हमेशा ऐसे लोगों का समर्थन किया है जो अपने ही लिंग के लोगों के साथ संबंध बनाने की इच्छा रखते हैं. ये एक व्यक्तिगत चॉइस है. अभी मेरा ध्यान वर्ल्ड चैंपियनशिप पर और ओलंपिक खेलों पर है, लेकिन भविष्य में मैं उसके साथ सेटल होना चाहूंगी.”

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दूती ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के सेक्शन 377 को अपराध के दायरे से बाहर किए जाने के बाद मुझे LGBT कम्युनिटी के अधिकारों के लिए बोलने का साहस मिला. उन्होंने ये भी कहा कि उनके इस फैसले का सम्मान होना चाहिए.

भारत में भले ही LGBT शादियों को मान्यता न दी गई हो, लेकिन समान लिंग के लोगों के साथ रहने के खिलाफ किसी तरह का कोई कानून नहीं है. सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने 158 साल पुराने कानून को हटाते हुए लैंगिक संबंधों को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया था. दुती चंद ने कहा कि, “मेरा सपना था कि कोई ऐसा मिले जो मेरे पूरे जीवन का साथी बने.मैं किसी ऐसे के साथ रहना चाहती थी, जो मुझे बतौर खिलाड़ी प्रोत्साहित करे. मैं बीते 10 साल से स्प्रिंटर हूं और अगले 5 से 7 साल दौड़ती रहूंगी. मैं कम्पटीशन में हिस्सा लेने पूरी दुनिया में घूमती हूं. यह आसान नहीं है. मुझे किसी का सहारा भी चाहिए.”