सुपर ओवर के सुपरस्टार रोहित शर्मा ने दिया ऐसा बयान, चौंक गए लोग

रोहित शर्मा ने हैमिल्टन टी-20 में सुपर ओवर में आखिरी दो गेंदों पर लगातार छक्के लगाकर टीम को जीत दिलाई थी.

  • अनुराधा तंवर
  • Publish Date - 1:06 pm, Thu, 30 January 20

हैमिल्टन टी-20 में भारतीय टीम की रोमांचक जीत के बाद हर कोई रोहित शर्मा की तारीफ कर रहा है. उन्होंने सुपर ओवर में आखिरी दो गेंदों पर लगातार छक्के लगाकर टीम को जीत दिलाई. इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने पहली बार न्यूजीलैंड में टी-20 सीरीज जीती है. दिलचस्प बात ये है कि इस जीत के बाद रोहित शर्मा जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आए तो उन्होंने कहा कि जीत के हीरो वो नहीं बल्कि मोहम्मद शमी हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि शमी ने आखिरी ओवर में 9 रन डिफेंड किए. आप भी जानिए कि रोहित शर्मा ने और क्या क्या कहा.

मुझे सुपर ओवर का बिल्कुल अंदाजा नहीं था

सुपर ओवर हमेशा मजेदार होते हैं. आपको पता होता है कि अगर आप स्ट्राइक बदलते रहेंगे तो लगभग आधी गेंद आपको खेलनी है. ये सबकुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आपके सामने लक्ष्य कितने रनों का है या सामने गेंदबाज कौन है? ये पहला मौका था जब मैंने सुपर ओवर में बल्लेबाजी की. मैं ऐसे मैच में खेला जरूर हूं जो सुपर ओवर तक पहुंचे लेकिन पहली बार मैं सुपर ओवर में बल्लेबाजी कर रहा था.

मुझे अंदाजा नहीं था कि सुपर ओवर में बल्लेबाजी की शुरुआत कैसे करनी चाहिए, पहले एक रन लेना चाहिए या शुरू से ही बड़े शॉट्स खेलने चाहिए. मैंने और केएल ने शुरुआत से ही आक्रामक होने का फैसला किया. क्योंकि 18 रनों का लक्ष्य हासिल करने के लिए 3 अच्छे शॉट्स चाहिए थे. अंत में नतीजा हमारी टीम के लिए अच्छा रहा लेकिन न्यूजीलैंड की टीम ने भी बहुत अच्छी क्रिकेट खेली. बावजूद इसके हार देखना उनके लिए हताश करने वाला होगा.

मैं जानता हूं कि मुझे सुपरओवर में क्यों भेजा

मुझे नहीं लगता कि आप सुपर ओवर के लिए किसी को ट्रेनिंग दे सकते हैं. हमारे पास टी-20 स्पेशलिस्ट बुमराह हैं. उनके लिए टी-20 मैच में कोई ओवर और सुपर ओवर एक जैसा ही होगा. इसलिए गेंदबाजों को अलग से सुपर ओवर के लिए ट्रेनिंग देने की जरूरत नहीं है. बल्लेबाजों में ये देखना पड़ता है कि उस वक्त कौन सा बल्लेबाज गेंद के साथ बेहतर कनेक्ट कर रहा है. अगर मैंने मैच में 65 रन नहीं बनाए होते तो शायद मैं सुपर ओवर खेलने के लिए नहीं भेजा जाता बल्कि ये जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर या किसी और बल्लेबाज को मिलती.

केएल राहुल अच्छी फॉर्म में हैं तो उनको लेकर कोई प्रश्न नहीं था, लेकिन मुझे इसीलिए भेजा गया क्योंकि मैंने मैच में अच्छी बल्लेबाजी की थी. सुपर ओवर को प्लान नहीं किया जा सकता है. हालात के हिसाब से फैसला लेना होता है. बुमराह पर भी इसी तरह फैसला हुआ, क्योंकि वो कंसिस्टेंट हैं. शमी और जडेजा को लेकर भी चर्चा थी क्योंकि गेंद अच्छा ‘ग्रिप’ कर रही थी लेकिन अंत में हमने बुमराह को ही जिम्मेदारी सौंपी.

मैंने नहीं शमी ने दिलाई जीत

वो जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे थे हमने सोचा नहीं था कि मैच सुपरओवर में जाएगा. लग रहा था कि वो आसानी से मैच जीत जाएंगे, लेकिन मुझे लगता है कि शमी के आखिरी ओवर ने बाजी पलटी. असल में शमी के उस ओवर से टीम को जीत मिली मेरे दो छक्कों से नहीं. आखिरी ओवर में 9 रन को डिफेंड करना आसान नहीं है.

उस पर से ड्यू थी, विकेट अच्छा खेल रहा था दो जमे जमाए बल्लेबाज क्रीज पर थे. एक बल्लेबाज 95 रन पर बल्लेबाजी कर रहा था और दूसरा न्यूजीलैंड का सबसे अनुभवी खिलाड़ी है. फिर भी शमी ने शानदार गेंदबाजी की. वो हमें मैच में वापस लेकर आए.

आगे भी जारी रखेंगे जीत का सिलसिला

हमारे पास शानदार टॉप ऑर्डर बैटिंग लाइनअप है. जिसे भी मौका मिलता है वो खुद को साबित करना चाहता है. शिखर को भी जब श्रीलंका के खिलाफ आखिरी सीरीज में मौका मिला था तो वो अच्छी फॉर्म में थे. उन्होंने एक अर्धशतक भी लगाया था. केएल अच्छी फॉर्म में हैं. पिछले 7-8 टी-20 में वो चार पांच अर्धशतक लगा चुके हैं. ये हमारी टीम के लिए बहुत अच्छी बात है कि ज्यादातर खिलाड़ी फॉर्म में हैं.

आखिरी 11 खिलाड़ी चुनने का फैसला कप्तान और टीम मैनेजमेंट का होता है कि कौन से खिलाड़ी टीम के लिए बेहतर हैं. इन चीजों को मैं इस तरह देखता हूं कि मैं चाहता हूं कि हर खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में रहे. जो इस सीरीज में अब तक होता आया है. इस फॉर्मेट में आगे बढ़ने से लिए ये पॉजिटिव है. मैं चाहता हूं कि अगले दो मैच में भी हम इस लय को बनाए रखें.

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