सचिन की बल्लेबाजी की ऐसी दीवानगी थी कि स्कूल बंक कर देते थे सुरेश रैना

बचपन में जिस रैना ने सचिन की बैटिंग देखने के लिए स्कूल बंक किया था, साल 2005 में उनकी मेहनत ने उन्हें टीम इंडिया (Team India) के ड्रेसिंग रूम में पहुंचा दिया.

biggest fan of Sachin, सचिन की बल्लेबाजी की ऐसी दीवानगी थी कि स्कूल बंक कर देते थे सुरेश रैना

भारत में क्रिकेट धर्म है और सचिन (Sachin Tendulkar) उसके भगवान. साल 1989 में पाकिस्तान दौरे पर 16 साल के सचिन ने डेब्यू कर अपने शिखर पर पहुंचने के संकेत दे दिए थे. उसके बाद कारवां बढ़ता गया और 24 साल सचिन ने विश्व क्रिकेट में अपने बल्ले की ऐसी धूम मचाई जो आज तक कोई नहीं कर पाया. 90 के दशक में क्रिकेट प्रेमियों में सचिन की दीवानगी बढ़ रही थी. बच्चे से लेकर हर उम्र के लोग सचिन की बल्लेबाजी के मुरीद हो रहे थे. उन्हीं में से एक टीम इंडिया (Indian Cricket Team) के ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने सचिन की बल्लेबाजी देखने के लिए अपना स्कूल तक बंक कर दिया था. वो कोई और नहीं बल्कि भारतीय खिलाड़ी सुरेश रैना (Suresh Raina) हैं.

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सचिन के डेजर्ट स्ट्रोम को देखने के लिए रैना ने किया था स्कूल बंक

सहवाग से लेकर विराट तक ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों के सचिन फेवरेट रहे हैं. इस लिस्ट रैना भी पीछे नहीं हैं. 1998 के कोका-कोला कप (Coca-Cola Cup) में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शारजाह में मुकाबला होना था. उस वक्त रैना 12 साल के थे और उत्तरप्रदेश के मुरादनगर के स्कूल में पढ़ते थे. रैना ने कहा कि मैं और मेरे दोस्त अमित हम घड़ी की तरफ देख रहे थे. भारत के लिए ये मैच फाइनल के लिए लिहाज से बहुत जरूरी था. सचिन की बैटिंग थी और हमसे इंतजार नहीं हो रहा था. इसलिए हमने आखिरी दो क्लासेस बंक कर दी. सुनील भईया के घर पूरा माहौल बना हुआ था. उनके पास ब्लेक एंड व्हाइट टीवी था. साथ ही उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स चैनल के लिए केबल भी लगाया हुआ था. इसके अलावा जामिल भाई ने कबाब का इंतजाम किया हुआ था. उस मैच में सचिन ने 143 रन की शानदार बल्लेबाजी की थी. हम सचिन पाजी की बैटिंग देखने के लिए ही मैच देखते थे या फिर राहुल द्रविड़ भाई की बल्लेबाजी देखते थे. सचिन पाजी के आउट होते ही हम भी घर के लिए निकल जाते थे. उस टूर्नामेंट में सचिन पाजी ने लगातार दो शतक लगाए थे. साथ ही जिस तरह से महान कमेंटेटर टोनी ग्रेग कमेंट्री कर रहे थे वो कमाल था. हालांकि उस वक्त हमारी इंग्लिश अच्छी नहीं थी, लेकिन सचिन की बल्लेबाजी में जिस तरह इंग्लिश कमेंट्री हो रही थी उससे और भी रोमांच बढ़ रहा था.

शारजाह में आया था सचिन का डेजर्ट स्ट्रोम

यूं तो सचिन ने कई शानदार पारियां अपने जीवन में खेली लेकिन शारजाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली उनकी पारी आज तक क्रिकेट प्रशंसकों के जहन में ताजा हैं. 22 अप्रैल 1998 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कोका कोला कप में सचिन की एक दमदार पारी देखने को मिली थी. सचिन ने मुश्किल हालात में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शरजाह में 131 गेंदों पर 143 रनों की पारी खेली थी. इसमें उन्होंने 9 चौके और 5 तुफानी छक्के भी जड़े थे. इस मैच के दौरान शारजाह में रेतिला तूफान आया था जिसकी वजह से मैच रुक गया थ. रेतिला तूफान रूकने के बाद सभी ने सचिन के बल्ले का तूफान देखा था. हालांकि भारतीय टीम से मैच जीत नहीं पाई थी. लेकिन भारत फाइनल में पहुंचा था और उसने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था. फाइनल मैच में भी सचिन ने शतक लगाया था.

बचपन में जिस रैना ने सचिन की बैटिंग देखने के लिए स्कूल बंक किया था. फिर साल 2005 में रैना की मेहनत ने उन्हें टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में पहुंचा दिया. उसी ड्रेसिंग रूम में जहां सचिन भी थे. और फिर सचिन और रैना एक साथ भारतीय जर्सी में मैदान पर भी उतरे.

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