पठानकोटः बुआ के परिवार से मिले सुरेश रैना, अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को कहा शुक्रिया

घटना के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मामले की जांच के लिए आईजीपी बॉर्डर रेंज (अमृतसर) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया था. एसआईटी ने जांच के लिए 100 से अधिक संदिग्धों को तलब किया था.
Suresh Raina Pathankot Punjab Police, पठानकोटः बुआ के परिवार से मिले सुरेश रैना, अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को कहा शुक्रिया

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना (Suresh Raina) ने पंजाब के पठानकोट (Pathankot) में अपराधियों की वारदात का शिकार हुए अपने रिश्तेदारों के घर जाकर उनसे मुलाकात की. रैना ने इसके साथ ही इस मामले की जांच कर रहे पंजाब पुलिस (Punjab Police) के अधिकारियों से भी मुलाकात की. पंजाब पुलिस ने इस मामले में एक अपराधी गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार कर इस मामले को हल कर लिया है. पिछले महीने हुई इस घटना में सुरेश रैना की फूफा की मौत हो गई थी. घटना के कुछ ही दिनों बाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के लिए UAE पहुंचे रैना दुबई में चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) का कैंप छोड़कर देश वापस लौट आए थे.

CSK के स्टार बल्लेबाज रैना ने बुधवार 16 सितंबर को पठानकोट के थारयाल गांव में जाकर अपनी बुआ के परिवार से मुलाकात की. सुरेश के साथ उनके भाई दिनेश रैना, भाभी और उनकी मामी भी मौजूद थीं. रैना ने इसके बाद घटना की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात की.

रैना ने इस बारे में ट्वीट कर बताया, “आज सुबह पंजाब में जांच अधिकारियों से मुलाकात की, जिन्होंने 3 अपराधियों को गिरफ्तार किया है. मैं उनके इस प्रयास की प्रशंसा करता हूं. हमने जो खोया है, उसे वापस नहीं पा सकते, लेकिन आने वाले समय में होने वाले अपराध को ये रोकेगा. पंजाब पुलिस और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का मदद के लिए धन्यवाद.”

19 अगस्त की रात हुई थी वारदात

19 अगस्त की रात, पठानकोट जिले के थारयाल गांव में एक गिरोह ने रैना के फूफा और ठेकेदार अशोक कुमार की हत्या कर दी थी. वहीं इस घटना में गंभीर रूप से घायल अशोक के बेटे कौशल ने 31 अगस्त को दम तोड़ दिया, जबकि रैना की बुआ और अशोक की पत्नी आशा रानी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं. लुटेरों ने दो अन्य व्यक्तियों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया था.

घटना के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए आईजीपी बॉर्डर रेंज (अमृतसर) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया था. डीजीपी ने कहा कि एसआईटी ने जांच के लिए 100 से अधिक संदिग्धों को तलब किया था. 15 सितंबर को, एसआईटी को सूचना मिली कि तीनों संदिग्धों को सुबह डिफेंस रोड पर देखा गया. छापेमारी की गई और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

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