सुशील कुमार ने जताई थी 2021 ओलंपिक में खेलने की चाहत, अब आई ये अच्छी खबर

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने फैसला किया है कि कुश्ती के बाकी सभी ओलंपिक क्वॉलीफायर 2021 में होंगे, जबकि पहले ये इसी साल होने थे.

यह कहावत पुरानी है- जहां चाह वहां राह. सुशील कुमार (Sushil Kumar) ने हाल ही में कहा था कि वे 2021 टोक्यो ओलंपिक (2020 Tokyo Olympics) में देश की नुमाइंदगी करना चाहते हैं. अब उनके इस सपने को उड़ान मिलने की खबर आई है. यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने फैसला किया है कि कुश्ती के बाकी सभी ओलंपिक क्वॉलीफायर 2021 में होंगे, जबकि पहले ये इसी साल होने थे. यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक में ये बड़ा फैसला किया गया. यह बैठक फोन के जरिए की गई थी.

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अब से कुछ ही घंटे पहले हुए इस फैसले में कहा गया है कि ओलंपिक क्वॉलीफायर की तारीखों में मामूली बदलाव हो सकते हैं, लेकिन इसके अलावा और कोई बदलाव नहीं होगा. ओलंपिक क्वॉलीफायर के आयोजक वही होंगे, जो 2020 में थे. आपको याद दिला दें कि 2020 टोक्यो ओलंपिक का आयोजन 24 जुलाई से होना था. लेकिन कोरोना के लगातार बढ़ते विश्वव्यापी संक्रमण की वजह से इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी को इसे एक साल के लिए टालना पड़ा. अब टोक्यो ओलंपिक 23 जुलाई से 8 अगस्त 2021 तक होगा. यानी अब ओलंपिक में करीब 15 महीने का वक्त है.

सपना पूरा करना है तो सुशील को क्वालीफाई करना होगा

सुशील कुमार भारत के सबसे फेमस पहलवानों में से एक हैं. वे अब तक दो ओलंपिक मेडल जीत चुके हैं. 2008 बीजिंग ओलंपिक में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इसके बाद 2012 लंदन ओलंपिक में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था. 2016 में तमाम विवादों की वजह से उन्हें ओलंपिक में जाने का मौका नहीं मिला.

बता दें कि रियो ओलंपिक से पहले नरसिंह यादव और सुशील कुमार के बीच तनातनी हुई थी. नरसिंह यादव को डोपिंग के आरोप में बैन किया गया था. उन्होंने इसे अपने खिलाफ साजिश बताया था. खैर, सुशील कुमार ने 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर वापसी की थी.

हालांकि, उनकी वापसी अगले ही साल 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में कमजोर दिखी थी. उन्हें शुरुआती दौर में ही चैंपियनशिप से बाहर होना पड़ा था. अब जब ओलंपिक के क्वालीफायर स्थगित हुए हैं तो सुशील कुमार ने अपनी मेहनत और बढ़ा दी है. हाल ही में उन्होंने कहा था कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके आलोचक क्या कहते हैं. उनका काम मेहनत करना है और वे कर रहे हैं. अगर आलोचकों की सुनी होती तो बीजिंग ओलंपिक के बाद ही उन्हें पहलवानी छोड़ देनी चाहिए थी.

कितना वक्त है सुशील कुमार के पास

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की सभी चैंपियनशिप जो 30 जून तक होनी थी, वो बाद की तारीखों के लिए टाली गई हैं. यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने कहा है कि क्वालीफायर की नई तारीखों का फैसला संबंधित आयोजकों के साथ बातचीत के बाद किया जाएगा. कोरोना के बढ़ते खतरे की वजह से यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने इस साल 30 जून तक के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट रद्द कर दिए हैं. इसके अलावा पूरी दुनिया में कुश्ती के खेल को संचालित करने वाली संस्था ने सभी राष्ट्रीय कुश्ती महासंघों को सलाह दी थी कि वे अपने-अपने नेशनल चैंपियनशिप रद्द कर दें. इसका पूरी तरह पालन हो रहा है. लिहाजा मानकर चला जाए कि ये वक्त सुशील कुमार को अपनी चुस्ती फुर्ती के साथ-साथ फॉर्म पर काम करने के लिए मिलेगा.

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