जिस गेंद पर मैंने सचिन को आउट किया, वो शेन वॉर्न की ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ से बेहतर थी: मॉन्टी पानेसर

पानेसर कहते हैं- आप उस गेंद को देखिए. सचिन का बैलेंस बिल्कुल सही था, लेकिन वो गेंद की लेंथ को पूरी तरह गलत जज कर गए. उन्हें लगा था कि गेंद ‘स्किड’ करके चली जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वो एक महान गेंद थी. मेरे हिसाब से शेन वॉर्न की उस गेंद से बेहतर.
Monty Panesar on Ball of the century, जिस गेंद पर मैंने सचिन को आउट किया, वो शेन वॉर्न की ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ से बेहतर थी: मॉन्टी पानेसर

सचिन तेंदुलकर दुनिया के उन बल्लेबाजों में से एक हैं, जिनके विकेट की चाहत हर गेंदबाज को होती है. सचिन के खिलाफ गेंदबाजी करना और उनका विकेट हासिल करना बड़ी उपलब्धि है. ऐसा इसलिए क्योंकि क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक में बल्लेबाजी के तमाम रिकॉर्ड्स सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज हैं.

वो 200 टेस्ट मैच खेलने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं. वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं. इसके अलावा टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी सचिन के खाते में ही है. ऐसे में उनके विकेट की कीमत बताने की जरूरत नहीं है. सचिन तेंदुलकर के विकेट की कीमत इंग्लैंड के स्पिनर मॉन्टी पानेसर को भी पता है. जिन्होंने 2012 के दौरे में सचिन तेंदुलकर को मुंबई टेस्ट मैच में आउट किया था. सचिन तेंदुलकर ही मॉन्टी पानेसर के पहले टेस्ट शिकार भी रहे हैं.

दोनों पारियों मे पानेसर को मिला था सचिन का विकेट

साल 2012 की बात है. इंग्लैंड की टीम भारत के दौरे पर थी. अहमदाबाद में खेले गए पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था. अगला टेस्ट मैच मुंबई में था. मॉन्टी पानेसर को मुंबई टेस्ट मैच के लिए प्लेइंग 11 में शामिल किया गया था. भारत ने मुंबई टेस्ट में पहले बल्लेबाजी की थी. मॉन्टी पानेसर ने पहली ही पारी में पांच विकेट लिए थे. इसमे सचिन तेंदुलकर का विकेट भी शामिल था.

Monty Panesar on Ball of the century, जिस गेंद पर मैंने सचिन को आउट किया, वो शेन वॉर्न की ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ से बेहतर थी: मॉन्टी पानेसर

तेंदुलकर उस वक्त 8 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे. पानेसर ने उन्हें ‘फ्लाइटेड’ गेंद फेंकी. लेग स्टंप के बाहर टप्पा खाने के बाद सचिन तेंदुलकर के ‘डिफेंस’ को चकमा देते हुए उस गेंद ने विकेट बिखेर दिए थे. इसके बाद दूसरी पारी में भी मॉन्टी पानेसर ने ही सचिन को आउट किया था. 11 टेस्ट मैचों में उन्हें चार बार सचिन तेंदुलकर का विकेट मिला.

गेंद को पढ़ने में गलती कर गए थे सचिन तेंदुलकर

मॉन्टी पानेसर ने पहली पारी की उस गेंद को याद करके कहा- मैंने जब वो गेंद सचिन को फेंकी तो मुझे अपनी ट्रेनिंग याद आ रही थी. मैं खुद को बहुत फिट, बहुत ताकतवर महसूस कर रहा था. मेरा एक्शन सटीक था. मुझे ऐसा लग रहा था मैं अच्छी फ्लाइट करा पाऊंगा. मुझे याद है कि मैं अपने आप से कहा था कि मैं ऑफ स्टंप के ऊपरी हिस्से को ‘हिट’ करना चाहता हूं. उस रोज ऐसा ही हुआ था. सचिन उस गेंद को मिड ऑन की तरफ खेलना चाहते थे.

क्या पानेसर की उस गेंद की तुलना शेन वॉर्न की माइक गैटिंग को फेंकी गई उस गेंद से की जानी चाहिए, जिसे बॉल ऑफ द सेंचुरी कहा जाता है? पानेसर कहते हैं- आप उस गेंद को देखिए. सचिन का बैलेंस बिल्कुल सही था, लेकिन वो गेंद की लेंथ को पूरी तरह गलत जज कर गए. उन्हें लगा था कि गेंद ‘स्किड’ करके चली जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वो एक महान गेंद थी. मेरे हिसाब से शेन वॉर्न की उस गेंद से बेहतर.

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