टीम इंडिया के पहले डे-नाइट टेस्ट में ‘विराट’ जीत के ये हैं 5 प्लान

बांग्लादेश के खिलाफ भारत कोलकाता में पहली बार गुलाबी गेंद से डे-नाइट टेस्ट मैच खेलेगा.

कोलकाता में 22 नवंबर को इतिहास रचा जाएगा. टीम इंडिया पहली बार डे-नाइट टेस्ट मैच खेलेगी. नई चुनौती है और इसके लिए टीम इंडिया ने नई रणनीति तैयार की है. विराट ने कोलकाता टेस्ट में जीत के लिए 5 प्लान बनाए हैं.

पहला प्लान – टॉस जीतकर बल्लेबाजी

विराट कोहली ने पहले डे-नाइट टेस्ट में इतिहास रचने के लिए सबसे पहले टॉस जीतने का लक्ष्य बनाया है. टीम इंडिया टॉस जीती तो पहले बल्लेबाजी कर सकती है. इसकी वजह है गुलाबी गेंद का इतिहास. अब तक डे-नाइट टेस्ट में 11 में से 8 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है. हालांकि कोलकाता में गुलाबी गेंद किस तरह से व्यवहार करेगी ये सवाल है.

विराट का मानना है कि अगर टीम इंडिया के बल्लेबाज पहले सेशन में गुलाबी गेंद को संभलकर खेल गए तो बाकी के सेशन में बल्लेबाजी आसान हो जाएगी, क्योंकि कोलकाता में पिच पर हल्की घास होगी. जिसकी वजह से गेंद को स्विंग मिलेगी. बल्लेबाजों ने अगर तेज गेंदबाजों को सही ढंग से खेल लिया तो एक बार फिर से भारतीय टीम बड़ा स्कोर बना सकती है. वैसे भी टीम इंडिया ने पिछली 5 में से 4 पारियों में करीब 500 रन बनाए हैं. एक बार दूसरी पारी में 323 रन पर पारी घोषित की थी.

दूसरा प्लान – पुजारा करेंगे बल्लेबाजी का नेतृत्व

कोलकाता में मयंक अग्रवाल और रोहित शर्मा की जोड़ी तो पारी की शुरुआत करेगी लेकिन पुजारा को खास जिम्मेदारी दी गई है. पुजारा को गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव है. 2016 में दिलीप ट्रॉफी फाइनल गुलाबी गेंद से खेला गया था और इस मैच में पुजारा ने नाबाद 256 रन बनाए थे. पुजारा ने खुद कहा है कि उनको गुलाबी गेंद से खेलने में वैसी तकलीफ नहीं हुई है. दूसरी ओर विराट कोहली ने भी गुलाबी गेंद से खेलने की खास प्रैक्टिस की है. कोलकाता में वो मोहम्मद शमी के साथ गुलाबी गेंद से अभ्यास करते नजर आए थे.

तीसरा प्लान – शाम को तेज गेंदबाज करेंगे गेंदबाजी

शाम को दिन ढलते वक्त जब रोशनी कम होगी उस वक्त गुलाबी गेंद को देखने में दिक्कत होती है. बांग्लादेश की पारी के दौरान इस आधे घंटे में तेज गेंदबाज ही गेंदबाजी करेंगे क्योंकि कम रोशनी में तेज गेंदबाजों को खेलना मुश्किल है. गुलाबी गेंद की सीम भी बमुश्किल ही नजर आती है, इस वजह से बल्लेबाजों को ये समझने में दिक्कत होती है कि गेंदबाज इनस्विंग कर रहा है या आउट स्विंग.

चौथा प्लान – ओस के दौरान रन बनाओ, रन बचाओ

कोलकाता में टेस्ट मैच के हर दिन तीसरे सेशन में ओस का असर दिखेगा. ओस की वजह से गेंदबाजी मुश्किल होगी. ऐसे वक्त में अगर टीम इंडिया बल्लेबाजी कर रही होगी तो तेजी से रन बनाने की कोशिश की जाएगी. वहीं बांग्लादेश के बल्लेबाजी के वक्त रन रोकने की कोशिश होगी.

पांचवां प्लान – कुलदीप होंगे तुरुप का इक्का

कुलदीप यादव भले ही काफी वक्त से टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन का हिस्सा ना हों, लेकिन कोलकाता डे-नाइट टेस्ट में कुलदीप का मौका मिल सकता है. इसकी वजह है गुलाबी गेंद से कुलदीप का अनुभव और उनका WRIST स्पीनर होना. गुलाबी गेंद में कुलदीप के वेरिएशन को पकड़ना बेहद मुश्किल है. दूसरी बात ये है कि वो स्पिन के लिए कलाई का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से ड्यू होने पर भी वो कारगर साबित हो सकते हैं.

मुमकिन है कि अश्विन की जगह विराट कुलदीप को मौका दें. वहीं जडेजा भी गुलाबी गेंद से बेहद कामयाब रहे हैं. 2016 के दिलीप ट्रॉफी में जडेजा ने गुलाबी गेंद से 10 विकेट अपने नाम किए थे. दूसरा जडेजा बल्ले से भी कमाल कर रहे हैं. ऐसे में बाएं हाथ के ये दो गेंदबाज कमाल कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: विरोधी टीम का एक भी बल्लेबाज नहीं खोल सका खाता…फिर 754 रनों से जीती रोहित शर्मा की ये टीम