इस गेंदबाज को क्या कहेंगे? लेफ्ट-आर्म, राईट-आर्म या मिस्ट्री स्पिनर

Share this on WhatsAppनागपुर विदर्भ के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज अक्षय कर्णेवार ने ईरानी ट्राफी मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया(ROI) के खिलाफ दाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी कर सभी को चौंका दिया. अपने इस फैसले पर सभी को चौंकते देखना कर्णेवार के लिए नया अनुभव नहीं था क्योंकि बचपन से ही उनकी दोनों हाथों […]

नागपुर

विदर्भ के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज अक्षय कर्णेवार ने ईरानी ट्राफी मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया(ROI) के खिलाफ दाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी कर सभी को चौंका दिया. अपने इस फैसले पर सभी को चौंकते देखना कर्णेवार के लिए नया अनुभव नहीं था क्योंकि बचपन से ही उनकी दोनों हाथों से गेंदबाजी करने की काबिलियत ने सभी को हैरान किया है. एक बार तो रोहित शर्मा भी ये गेंदबाजी एक्शन देखकर दंग रह गए थे, उस समय दोनों इंडियन आयल के लिए खेला करते थे. इसके बाद रोहित शर्मा के बुलाने पर कर्णेवार ने टीम इंडिया के नेट्स पर गेंदबाजी करते हुए कई भारतीय बल्लेबाजों समेत सचिन तेंदुलकर को भी चौंकाया था.

कर्णेवार का सफ़र

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के पंधारकवड़ा कस्बे में जन्मे कर्णेवार ने एक दशक पहले ऑफ-स्पिन गेंदबाजी शुरू की थी. पर उनके कोच बालू नौघरे ने उन्हें बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने की नसीहत दी. इसके बाद कर्नेवार बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के रूप में ही विदर्भ टीम से जुड़े. कर्णेवार ने पुराना समय याद करते हुए बताया “मैं दाएं हाथ से ही स्पिन गेंदबाजी करता था लेकिन थ्रो बाएं हाथ से फेंकता था. एक दिन मेरे कोच ने मुझसे पूछा कि क्या मैं बाएं हाथ से गेंदबाजी कर सकता हूं. शुरुआत में मुझे परेशानी आई पर दो साल बाद मैं बाएं हाथ से ही स्पिन गेंदबाजी करने लगा.”

टीम की जरुरत पे करते हैं ऑफ-स्पिन

कर्णेवार ने बताया कि वह दाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी तभी करते हैं जब टीम को जरूरत होती है. ईरानी ट्राफी मुकाबले में उन्होंने बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन को ऑफ-स्पिन गेंदबाजी कराई. इसके बाद दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए वह अपने रेगुलर एक्शन(लेफ्ट-आर्म स्पिन) पर ही लौट गए. इसपर कर्णेवार ने कहा कि “मैंने पहले भी इस तरह से गेंदबाजी की है पर ये पहली बार है जब टीवी पर इसे दिखाया गया. मैंने पिछले साल विजय हजारे ट्राफी में ऑफ-स्पिन से विकेट निकाले थे. आज, चूंकि ईशान किशन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और स्पिनरों के खिलाफ बड़े शॉट खेलना पसंद करते हैं तो मेरे कप्तान फैज फजल ने कहा कि मुझे ऑफ स्पिन आजमानी चाहिए. इसलिए मैंने ऑफ-स्पिन गेंदबाजी की. जब हनुमा विहारी बल्लेबाजी करने आए तो मैंने बाएं हाथ से ही गेंदबाजी की.” बता दें कि पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वार्म-अप मुकाबले में भी कर्णेवार ने दोनों हाथों से गेंदबाजी की कला अजमाई थी.

ईरानी ट्राफी में अब तक प्रदर्शन

ईरानी ट्राफी मुकाबले के पहले दिन मंगलवार को कर्णेवार ने 15 ओवरों में 50 रन देकर श्रेयस अय्यर का कीमती विकेट झटका. बाएं हाथ के गेंदबाज ने ईशान किशन को दो ओवर ऑफ-स्पिन गेंदबाजी कराकर सुर्खियां बटोरी. पहले दिन के खेल में मयंक अग्रवाल (95) और हनुमा विहारी (114) ने शानदार पारियां खेलीं. दोनों ने मिलकर पहली पारी में रेस्ट ऑफ इंडिया(ROI) का स्कोर 330 रनों तक पहुंचाया. दिन के आखिरी ओवर में अंकित राजपूत (25) के रूप में ROI ने अपना आखिरी विकेट खोया और इसी के साथ दिन का खेल समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। विदर्भ के लिए सरवाटे और वघारे ने तीन-तीन विकेट लिए।

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