नंबर 3 वाला विराट ही चाहिए, नहीं तो ऐसे ही होना पड़ेगा शर्मसार

विराट को अपने फैसले में फिर बदलाव करना होगा. भारतीय टीम को अगर फिर से जीत की पटरी पर लौटना है, तो विराट को नंबर 3 पर ही खेलना होगा.

विराट कोहली का बलिदान, टीम इंडिया के लिए काफी भारी पड़ा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वन डे में विराट ने के एल राहुल के लिए अपने बैटिंग ऑर्डर में बदलाव कर नंबर तीन से नंबर चार किया, लेकिन इस बदलाव या प्रयोग की कीमत टीम इंडिया को 10 विकेट की शर्मनाक हार से चुकानी पड़ी. अब विराट ने भारतीय फैंस को भरोसा दिया है कि वो एक मैच से ज्यादा परेशान न हो, वो अपने बैटिंग ऑर्डर पर फिर से विचार करेंगे. अब विराट फिर से विचार करें या बदलाव करें, लेकिन उनका ये साहसिक फैसला न टीम के हित में रहा और उनके खुद के हित में.

वन डे और टेस्ट क्रिकेट में दुनिया का नंबर वन बल्लेबाज, वन डे में 43 शतक लगाने वाला बल्लेबाज, वन डे में साढ़े 11 हजार से ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज, नंबर तीन पर रनों का अंबार लगाने वाला बल्लेबाज. ये सारी खूबियां विराट कोहली की हैं, लेकिन उनको अपना ही एक फैसला बहुत भारी पड़ा, उनके लिए भी और टीम के लिए भी. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विराट कोहली नंबर चार पर बल्लेबाजी करने आए. विराट का नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने का नतीजा क्या हुआ, वो मैच के नतीजे ने बता दिया. विराट कोहली सिर्फ 16 रन बनाकर पवेलियन लौट गए.

नंबर 4 पर बल्लेबाजी का फैसला क्यों करना पड़ा था ?

चोट के बाद वापसी करने वाले शिखर धवन और फॉर्म में चल रहे के एल राहुल को एक साथ प्लेइंग 11 में खिलाना था, अब सवाल ये था कि रोहित शर्मा के साथ शिखर धवन और के एल राहुल में से कौन ओपनिंग करेगा ? शिखर की गैरमौजूदगी में केएल राहुल, रोहित के साथ ओपनिंग कर रहे थे. इस उधेड़बुन से परेशान विराट कोहली ने खुद के बैटिंग ऑर्डर में बदलाव करने का फैसला मैच से पहले ही कर लिया था. उन्होंने केएल राहुल को नंबर तीन पर बल्लेबाजी का मौका दिया, लेकिन बैटिंग ऑर्डर बदलने से विराट की लय टूटी और टीम भी जीत की पटरी से उतरी गई.

विराट का कहना है कि कभी-कभी खिलाड़ियों को मौका देने के लिए बदलाव आजमाने पड़ते हैं, लेकिन ये हमारे हक में नहीं गया, अब इस पर दोबारा सोचने की जरूरत है. मुंबई वन डे में हार के बाद अपनी बैटिंग ऑर्डर को बदलने पर विराट ने कहा, “बैटिंग ऑर्डर को लेकर पहले भी काफी चर्चा हो चुकी है. केएल राहुल जिस शानदार फॉर्म में बल्लेबाजी करते आ रहे थे, उसको देखते हुए उन्हें हमने ऊपरी क्रम में आजमाया, लेकिन जैसा कि ये पहले भी हुआ है कि जब मैंने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की है, तो वो हमारे लिए अच्छा साबित नहीं हुआ है.”

कोहली ने आगे कहा, “लगता है कि हमें इस पर दोबारा सोचना होगा, लेकिन आपको खिलाड़ियों को मौका भी देना होता है. जब तक आप बदलाव को आजमाएंगे नहीं तब तक आपको पता नहीं चलेगा कि ये कारगर होगा या नहीं. एक ही तरीके पर लगातार चलना और दूसरी चीजों को नहीं आजमाना आसान है. खिलाड़ियों को अलग-अलग ऑर्डर में आजमा कर देखना जरूरी है. लोगों को एक मैच से परेशान होने की जरूरत नहीं है.”

विराट को नंबर-3 पर ही लौटना होगा

विराट अपने फैंस से परेशान नहीं होने की बात कर रहे हैं, लेकिन इस परेशानी का हल एक ही है, विराट को फिर से नंबर 3 पर आना होगा. विराट कोहली ने अब तक खेले कुल 243 वन डे मैचों में 59.61 की औसत से 11625 रन बनाए हैं, जिसमें 43 शतक और 55 अर्धशतक शामिल है. अब देखिए जब विराट ने नंबर 3 पर बल्लेबाजी की तो उनका प्रदर्शन कितना शानदार रहा. 182 मैचों में विराट ने नंबर तीन पर बल्लेबाजी की, जिसमें उन्होंने 63.39 की औसत से 9509 रन बनाए. इनमें 36 शतक और 45 अर्धशतक हैं. नंबर चार पर विराट नीचे गिर जाते हैं. नंबर 4 पर 42 मैचों में बल्लेबाजी की, जिसमें उन्होंने 55.21 की औसत से 1767 रन बनाए, 7 शतक र 8 अर्धशतक लगाए.

अंतर साफ है. कुल 43 में 36 शतक विराट ने नंबर तीन पर लगाए हैं. इसका अहसास विराट को भी है. जब कोई बल्लेबाज लंबे समय से किसी ऑर्डर पर बल्लेबाजी कर रहा होता है. तो वो उस माइंडसेट के मुताबिक सेट हो चुका होता है. उसकी लय बनी होती है और जब ऑर्डर में बदलाव होता है. तो बल्लेबाज कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसके फेल होने का जोखिम ज्यादा होता है. एक और आंकड़े से समझिए कि विराट के बैटिंग ऑर्डर से क्या बदल जाता है. साल 2019 में विराट ने नंबर 3 पर 25 मैचों में बल्लेबाजी की, जिसमें उन्होंने 1370 रन बनाए और जिसमें 5 शतक और 7 अर्धशतक शामिल है, लेकिन नंबर 4 पर रंग में नहीं दिखे, 1 मैच खेला जिसमें वो सिर्फ 7 रन बना पाए.

सौ की सीधी बात ये है कि विराट को अपने फैसले में फिर बदलाव करना होगा. भारतीय टीम को अगर फिर से जीत की पटरी पर लौटना है, तो विराट को नंबर 3 पर ही खेलना होगा.

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