दादा का फॉर्मूला आजमाएंगे विराट, केएल राहुल बनेंगे कोहली के द्रविड़

राहुल की वजह से टीम में संतुलन आया है. अगर वो इसी तरह उस नंबर पर बल्लेबाजी करते रहे तो ये संतुलन बना रहेगा: कोहली

कहते हैं कि अगर आप में काबिलियत है तो दुनिया आपको कुछ देर के लिए नजरअंदाज कर सकती है लेकिन दरकिनार नहीं. केएल राहुल की कहानी कुछ ऐसी ही है.

केएल राहुल के लिए विराट कोहली ने अपनी योजना को सबके सामने रख दिया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में केएल की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग को देख विराट का चेहरा खिला हुआ है. विराट के दिमाग में जो चल रहा है उससे यही लगता है कि विराट ने सौरव गांगुली वाला फॉर्मूला अपनाने का फैसला कर लिया है.

बेंगलुरू वनडे के बाद विराट कोहली के सामने सवाल था कि क्या वो केएल राहुल को आगे विकेटकीपर के तौर पर भी देख रहे हैं? इस सवाल के जवाब में कोहली ने कहा- हम फिलहाल इसी ऑर्डर में चलेंगे, जैसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में चले थे.

कोहली ने कहा कि- “हमें जो चाहिए वो टीम में है. राहुल की वजह से टीम में संतुलन आया है. अगर वो इसी तरह उस नंबर पर बल्लेबाजी करते रहे तो ये संतुलन बना रहेगा. वो अचानक उस नंबर पर आए और उन्होंने अच्छा किया. हमें इस फैसले पर कुछ दिन बने रहना होगा और देखना होगा कि ये हमें कहां तक ले कर जाता है. विकल्प क्या है इसको लेकर भ्रम में पड़ने से बचना होगा. मेरा मानना है कि टीम में खिलाड़ियों के स्थान को लेकर साफ सोच नहीं होने से हमें पहले नुकसान हुआ. अब हम इस बात को अच्छी तरह समझते हैं. हम इसी ऑर्डर के साथ कुछ वक्त तक आगे चलेंगे और समझेंगे कि इसको जारी रखना सही होगा या नहीं. आप जल्द-जल्दी बदलाव नहीं कर सकते हैं. इसको पूरी टीम में गलतफहमी हो सकती है. टीम में बिना कोई बदलाव किए हम अच्छा खेल रहे हैं. हमने लगातार दो मैच जीते हैं. मुझे टीम में बदलाव करने की कोई वजह दिखाई नहीं देती. इससे टीम अच्छा कर रही है. हम इसे कुछ दिन जारी रखेंगे.”

केएल राहुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में विकेट के आगे और पीछे शानदार प्रदर्शन कर, कोहली की एक उलझन तो खत्म कर दी कि वो किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं. राजकोट वन डे में केएल ने ताबड़तोड़ पारी खेली. जिसकी बदौलत टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया 341 रनों का लक्ष्य दे पाई. राजकोट में केएल राहुल ने 52 गेंदों में 80 रन बनाए थे, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल थे .

केएल राहुल को मुंबई में विराट ने अपनी पोजिशन नंबर 3 पर उतारा था. इस मैच में भी राहुल ने 47 रनों की पारी खेली थी. मुंबई से लेकर बेंगलुरू तक केएल राहुल ने विकेटकीपिंग का रोल भी अच्छे से निभाया. पिछले एक साल से केएल राहुल शानदार फॉर्म में हैं. केएल राहुल ने पिछले एक साल में खेले 16 मैचों में 47.86 की औसत से 718 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक शामिल है.

ये फॉर्मूला सौरव गांगुली ने अपनी कप्तानी में आजमाया था. साल 2003 विश्व कप में एक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज को टीम में रखने के लिए, गांगुली ने राहुल द्रविड़ को ही विकेटकीपर बना दिया था, राहुल द्रविड़ के विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर टीम में रहने से उस वक्त, गांगुली को एक भरोसेमंद बल्लेबाज की कमी महसूस नहीं होती थी. राहुल ने ये दोहरी जिम्मेदारी बखूबी निभाई थी.

राहुल द्रविड़ ने 2003 विश्व कप में 11 मैचों की 10 पारी में 63.60 की औसत से 318 रन बनाए थे, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल थे. साल 2003 के विश्व कप में द्रविड़ ने नंबर 5 पर 6 मैचों में बल्लेबाजी की, 66.58 की औसत से 282 रन बनाए, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल थे. पाकिस्तान के खिलाफ नंबर पांच पर ही द्रविड़ ने नाबाद 44 रनों की अहम पारी खेली थी. आपको याद दिला दें कि 2003 में भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया था. इसके अलावा द्रविड़ ने विकेट के पीछे 15 कैच लपके थे और एक स्टंप किया था.

अब कोहली की इस प्लानिंग से तो यही दिख रहा है कि ऋषभ पंत रेगुलर से बैकअप की ओर जा सकते हैं. केएल राहुल की वजह से जो उलझन कप्तान कोहली और टीम मैनेजमेंट के दिमाग में चल रही थी, वो खत्म होती दिख रही है. केएल राहुल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी तब सौंपी गई जब ऋषभ पंत चोट की वजह से मुंबई वन डे के बीच से बाहर हुए थे. अब वो टीम के साथ तो हैं, लेकिन उनकी वापसी पर बड़ा सवाल है.

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