IPL को डोपिंग से बचाने के लिए क्या है एक और एक ग्यारह की रणनीति?

IPL का आयोजन 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच UAE में किया जाएगा. इस दौरान दुबई (Dubai), शारजाह (Sharjah) और अबुधाबी (Abu Dhabi) में मैच खेले जाएंगे.
strategy to prevent IPL from doping, IPL को डोपिंग से बचाने के लिए क्या है एक और एक ग्यारह की रणनीति?

IPL को डोपिंग से मुक्त रखने के लिए दो संस्थाएं मिलकर काम करेंगी. इस संदर्भ में भारत की नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (National Anti-Doping Agency) यानि नाडा (NADA) और UAE के नेशनल एंटी डोपिंग कमेटी नाडो के बीच सहमति बन गई है. ये दोनों एजेंसी IPL के मैचों के दौरान मिलकर खिलाड़ियों के सैंपल लेंगी.

19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच UAE में होंगे IPL मैच

IPL का आयोजन 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच UAE में किया जाएगा. इस दौरान दुबई, शारजाह और अबुधाबी में मैच खेले जाएंगे. IPL का आयोजन इस साल मार्च में होना था, लेकिन कोरोना की वजह से इसे टालना पड़ा. इसके बाद भारत में कोरोना संक्रमण की चिंताजनक स्थिति में इस टूर्नामेंट को UAE में कराने का फ़ैसला बीसीसीआई ने लिया. जिस पर अब भारत सरकार के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने मुहर लगा दी है.

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नो कॉन्टेक्ट पॉलिसी के तहत लिए जाएंगे सैंपल

UAE के नाडो के डोप कंट्रोल ऑफ़िसर्स को IPL में खेलने वाले खिलाड़ियों के सैंपल इकट्ठा करने में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानि एसओपी के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा. भारत की नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी ने इस विषय में नाडो के साथ बातचीत कर ली है. जिसमें ये तय किया गया है कि खिलाड़ियों के डोप सैंपल टूर्नामेंट के दौरान और टूर्नामेंट से पहले भी लिया
जाएंगे.

इस दौरान डोप कंट्रोल ऑफ़िसर्स ‘नो कॉन्टैक्ट पॉलिसी’ का पालन करेंगे. जिसमें यूएई के स्थानीय स्वास्थ्य विभागों की मदद ली जाएगी. खिलाड़ियों के यूरीन सैंपल के लिए एक तय जगह पर उनकी मौजूदगी में किट रख दी जाएगी. सैंपल देने के बाद खिलाड़ियों को भी तय नियमों का पालन करना होगा.

तीन अलग-अलग शहरों में भी किए जा सकते हैं टेस्ट

अभी तक की तय बातचीत के मुताबिक़, नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी डोप कंट्रोल ऑफ़िसर्स को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत क्वारंटीन करेगी और उन्हें सेल्फ़ आइसोलेशन में भी भेजा जाएगा. IPL के दौरान ये अधिकारी BCCI के बनाए बायो सिक्योर में रहेंगे.

इसके अलावा इस पूरी प्रक्रिया को बेहद खर्चीला न बनाने के लिए अबूधाबी, शारजाह और दुबई में स्थानीय स्तर पर भी सैंपल इकट्ठे किए जा सकते हैं. जबकि नाडा किसी एक शहर में अपना बेस तैयार कर सकती है. नाडा इन अधिकारियों की उड़ान और इनके ठहरने के ख़र्च उठाएगी. इसके अलावा खिलाड़ियों के सैंपल लेने और उसे दोहा लैबोरेटरी तक भेजने का ख़र्च भी नाडा की ज़िम्मेदारी होगी. एक टेस्ट की क़ीमत तक़रीबन 350 डॉलर है. ऐसे में संभव है कि बहुत ज़्यादा खिलाड़ियों की बजाय चुनिंदा खिलाड़ियों का टेस्ट ही कराया जाए.

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