IPL में धोनी को लेने से क्यों रुक गई थी RCB की टीम, 12 साल बाद हुआ खुलासा

कोलकाता की टीम के मालिकों ने एक बार कहा था कि अगर उन्हें कई खिलाड़ियों को बेचकर धोनी को लेना पड़े तो भी वो नहीं हिचकिचाएंगे. धोनी IPL के इतिहास के दूसरे सबसे कामयाब कप्तान हैं.
Why Royal Challengers Bangalore team stopped from taking MS Dhoni, IPL में धोनी को लेने से क्यों रुक गई थी RCB की टीम, 12 साल बाद हुआ खुलासा

हमारे यहां दो कहावतें बड़ी मशहूर है ‘ऊंची दुकान के फीके पकवान’ और ‘नाम बड़े दर्शन छोटे’. दरअसल इन्हीं दोनों कहावतों का डर था कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने 2008 IPL के लिए करिश्माई कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को नहीं खरीदा. बाद में धोनी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम के खाते में आए और उन्होंने एक से बढ़कर एक करिश्मा किया.

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IPL को शुरू हुए एक दशक से ज़्यादा का समय बीत जाने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम के एक बड़े अधिकारी ने अपने इंटरव्यू में बताया कि धोनी के ‘बिडिंग’ के लिए चेन्नई के साथ-साथ बैंगलोर की टीम भी इच्छुक थी. लेकिन जब धोनी की क़ीमत बढ़ती गई तो बैंगलोर की टीम के मालिकों को ये डर सताने लगा कि इतना पैसा देकर लेने वाला खिलाड़ी अगर कुछ मैचों में फ़्लॉप हो गया तो क्या होगा?

उस वक़्त RCB के मालिकों के मन में यह बात भी आई थी कि क्रिकेट एक टीम गेम है और सिर्फ़ एक खिलाड़ी पर इतने पैसे ख़र्च करना ठीक नहीं. हालांकि आज बैंगलोर की टीम अपने इस फ़ैसले पर ज़रूर पछता रही होगी.

1.5 मिलियन देकर पहले सीज़न में चेन्नई ने धोनी को ख़रीदा था

चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL के पहले सीज़न के लिए महेंद्र सिंह धोनी को 1.5 मिलियन डॉलर की रक़म देकर ख़रीदा था. जल्द ही धोनी ने अपनी उपयोगिता साबित की. टूर्नामेंट के पहले ही सीज़न में उनकी कप्तानी में चेन्नई की टीम ने फ़ाइनल तक का सफ़र तय किया. हालांकि फ़ाइनल में राजस्थान के हाथों उसे हार का सामना करना पड़ा.

Why Royal Challengers Bangalore team stopped from taking MS Dhoni, IPL में धोनी को लेने से क्यों रुक गई थी RCB की टीम, 12 साल बाद हुआ खुलासा

इसके बाद धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने 2010 में पहली बार IPL का ख़िताब जीता. 2011 में चेन्नई की टीम एक बार फिर चैंपियन बनी. इसके बाद उसे ख़िताब के लिए थोड़ा इंतज़ार करना पड़ा. लेकिन 2018 में चेन्नई में IPL के ख़िताब की हैट्रिक लगाई. वहीं दूसरी तरफ़ RCB की टीम अब तक अपना पहला IPL ख़िताब जीतने के लिए इंतज़ार कर रही है.

बतौर कप्तान धोनी ने और भी कई कमाल किए

तीन बार IPL का ख़िताब जीतने के साथ-साथ धोनी की कप्तानी में चेन्नई की टीम पांच बार उपविजेता रही. इसके अलावा दो बार धोनी की अगुवाई में चेन्नई की टीम ने चैंपियंस लीग टी-20 का ख़िताब जीता. इस सफ़र के दौरान 2011 में धोनी ने भारत को 28 साल के लंबे अंतराल के बाद विश्व कप भी जिताया. जो उनके लिए बहुत बड़ी कामयाबी थी.

शायद यही वजह है कि कोलकाता की टीम के मालिकों ने एक बार कहा था कि अगर उन्हें कई खिलाड़ियों को बेचकर धोनी को लेना पड़े तो भी वो नहीं हिचकिचाएंगे. धोनी IPL के इतिहास के दूसरे सबसे कामयाब कप्तान हैं.

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