आखिर विराट कोहली पर सुनील गावस्कर को क्यों आया गुस्सा?

बांग्लादेश के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद कप्तान विराट कोहली से पूछा गया कि टीम इंडिया की ऐसी जीत का राज क्या है तो विराट कुछ ऐसा कह गए जो सुनील गावस्कर को नाराज कर गया.

टीम इंडिया लगातार 4 मैच पारी से जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है. ऐसा पहले किसी और टीम ने नहीं किया. भारत में पहली बार तेज गेंदबाजों ने विरोधी टीम के सभी विकेट हासिल किए. कोलकाता में एतिहासिक जीत के बाद कप्तान विराट कोहली ने कहा इसका श्रेय कहीं न कहीं सौरभ गांगुली को जाता है, जिन्होंने खिलाड़ियों में जीत का जज्बा जगाया. लेकिन विराट का ये बयान पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर को पसंद नहीं आया. गावस्कर ने विराट को बड़े ही तीखे लहजे में जवाब दिया. विराट कोहली के बयान पर गावस्कर ने कहा – विराट जब पैदा भी नहीं हुए थे तबसे जीत रही है टीम इंडिया.

कोलकाता टेस्ट में टीम इंडिया को पारी और 46 रन से जीत मिली. महज 71.4 ओवर में बांग्लादेश की टीम को टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों ने दो बार आउट किया. टीम इंडिया के नाम एक और टेस्ट सीरीज हुई. जीत के बाद कप्तान विराट कोहली से पूछा गया कि टीम इंडिया की ऐसी जीत का राज क्या है तो विराट कुछ ऐसा कह गए जो सुनील गावस्कर को नाराज कर गया.

विराट कोहली ने कहा कि – हम अब लड़ना सीख गए हैं. ये सब दादा (सौरव गांगुली) की टीम के साथ शुरू हुआ था. हमारी बॉलिंग ग्रुप अब निडर है. वो खुद पर विश्वास करते हैं. विश्वास जरूरी है. हमने मेहनत की है. हम अब उस फल का मजा ले रहे हैं जिसके लिए हमने पिछले 3-4 सालों से कड़ी मेहनत की थी. विराट कोहली ने टीम इंडिया के लड़ने और जीतने के जज्बे का श्रेय सौरव गांगुली को दिया. जिन्होंने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को विदेशी जमीन पर भी जीत दिलाई. लेकिन विराट कोहली के इस बयान से सुनील गावस्कर खुश नजर नहीं आए. उन्होंने विराट को 1970 और 80 के दशक की जीत याद दिलाई.

गावस्कर ने कहा – टीम इंडिया के कप्तान ने कहा कि जीतने की शुरुआत दादा (गांगुली) की टीम के साथ साल 2000 में हुई. मुझे मालूम है कि दादा अभी बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं. इसलिए विराट कोहली उनके बारे में अच्छी बातें कहना चाह रहे होंगे. लेकिन भारतीय टीम 70 और 80 के दशक में भी जीत रही थी. उस वक्त विराट पैदा भी नहीं हुए होंगे.

सुनील गावस्कर सिर्फ यहीं नहीं रुके उन्होंने विराट के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि 70 और 80 के दशक में भी क्रिकेट खेली जा रही थी. बहुत से लोगों को लगता है कि क्रिकेट 2000 में शुरू हुआ. लेकिन भारतीय टीम 70 के दशक में विदेश में भी जीत रही थी. भारतीय टीम 1986 में भी जीती थी. भारतीय टीम ने विदेशी जमीन पर टेस्ट सीरीज ड्रॉ भी कराई और दूसरी टीमों की तरह हारी भी.

गावस्कर के बयानों की गवाही आंकड़ों में तलाश की जाए तो ये सच सामने आता है.

1 जनवरी 1970 से लेकर 31 दिसंबर 1989 के बीच टीम इंडिया ने कुल 145 टेस्ट खेले. जिसमें से 28 में जीत मिली और 40 मैच में हार. इसी दौरान टीम इंडिया ने विदेशी जमीन पर 69 मैच खेले जिसमें से 9 में इन्हें जीत मिली और 24 में हार. इस दौरान सुनील गावस्कर की कप्तानी में टीम इंडिया ने 47 में से 9 मैच जीते और 8 में हार मिली. गावस्कर की कप्तानी में ही टीम इंडिया ने साल 1976 में न्यूजीलैंड में जीत दर्ज की और 1981 में ऑस्ट्रेलिया को मेलबर्न में हराया.

70 और 80 के दशक में टीम इंडिया ने विदेशी जमीन पर टेस्ट सीरीज भी अपने नाम की. 1971 में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती और 1986 में भी इंग्लैंड को उन्हीं के घर पर हराया.

जाहिर है कि उस वक्त टीम इंडिया की जीत की उतनी चर्चा नहीं हुई जितनी की आज एक जीत पर होती है. लेकिन सच ये भी है कि साल 2000 के बाद सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने विदेशी पिचों पर मजबूती से कदम रखा. जीत एक आदत सी बनती गई. यानी विराट और गावस्कर दोनों ही बात ठीक कर रहे हैं फर्क बस लहजे का है.

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