क्या मुथैया मुरलीधरन का रिकॉर्ड तोड़ देंगे रविचंद्रन अश्विन?

अनिल कुंबले के बाद अश्विन दूसरे सबसे ज्यादा 'एक पारी में 5 विकेट' हासिल करने वाले भारतीय गेंदबाज हैं.

रविचंद्रन अश्विन ने विशाखापत्तनम टेस्ट में इतिहास रच दिया. अश्विन ने श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के रिकॉर्ड की बराबरी की. अश्विन सबसे तेज 350 टेस्ट विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज बने. सिर्फ इतना ही नहीं अश्विन टेस्ट में सबसे तेज 250 और 300 विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं.

रिकॉर्ड के लिहाज से अश्विन के विकेट हासिल करने की रफ्तार उन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों की फेहरिस्त में रखती है. सवाल ये है कि क्या अश्विन मुरलीधरन के सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं?

जवाब इन आंकड़ों में ढूंढने की कोशिश करते हैं. हालांकि अश्विन की उम्र और टीम में जगह बनाने के लिए बाकी स्पिनर्स से उनकी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए ये बहुत ही मुश्किल टास्क है. बावजूद इसके आकड़ों का दिलचस्प खेल देखते हैं.

लगातार पांच साल खेले तो झटक सकते हैं और 250 विकेट

अश्विन फिलहाल 33 साल के हैं यानी कि वो अभी भी करीब 5 साल क्रिकेट खेल सकते हैं. अगर अश्विन हर साल करीब 10 मैच खेले तो वो अगले 5 साल में करीब 50 टेस्ट खेल सकते हैं.

अश्विन हर मैच में औसतन 5 विकेट हासिल कर रहे हैं इसका मतलब है कि अगले 50 टेस्ट में वो करीब 250 विकेट अपने नाम कर सकते हैं. यानी कि उनके करियर के खत्म होने तक करीब 600 विकेट उनके नाम होंगे. जबकि मुरलीधरन के टेस्ट में 800 विकेट हैं. बहरहाल अश्विन अनिल कुंबले के रिकॉर्ड के बराबर जरूर पहुंच सकते हैं, कुंबले ने अपने करियर में 619 विकेट हासिल किए हैं.

हालाकि अश्विन खुद रिकॉर्ड्स के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं. अश्विन बेसिक्स पर जितना ध्यान देते हैं उतना ही ध्यान वो वेरिएशन पर भी रखते हैं. विशाखापत्तनम टेस्ट में अश्विन ने 8 विकेट अपने नाम किए. पहली पारी में 7 विकेट हासिल करने वाले अश्विन ने दूसरी पारी में 1 विकेट लिया और टीम इंडिया के लिए जीत में अहम रोल अदा किया.

‘दूसरा’ में फंसे क्विंटन डी कॉक

जिस ओवर में क्विंट डी कॉक आउट हुए, उस ओवर में अश्विन का चक्रव्यूह देखिए. अश्विन की पहली दो गेंद डी कॉक के लिए मिडिल स्टंप पर गिरने के बाद बाहर की ओर गई. लेकिन तीसरी गेंद पर अश्विन ने ‘दूसरा’ डाला. डी कॉक को गेंद समझ तक नहीं आई. शतक लगाने के बाद वो बोल्ड हो गए.

बल्लेबाजों का फ्लाइट में फंसाया

पहली पारी में अश्विन ने फ्लाइट का बेहतरीन इस्तेमाल किया और इसी फ्लाइट के जरिए, एडन मार्करम, ब्रुयेन और फिलेंडर जैसे बल्लेबाजों को फंसाया. अश्विन के चक्रव्यूह में फंसकर आसानी से साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज पवेलियन लौटते रहे.

धीमी गेंद का इस्तेमाल

अश्विन की गेंदबाजी में रफ्तार का बड़ा रोल रहा. अश्विन ने धीमी गेंदबाजी की. अश्विन ने ज्यादातर गेंद 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से की. जिसका फायदा ये हुआ कि बल्लेबाज को शॉट्स खेलने में दिक्कत हुई. फाफ डूप्लेसी अश्विन की धीमी गेंद पर ही गलत शॉट खेलकर आउट हुए. अश्विन ने 27वीं बार एक पारी में 5 से ज्यादा विकेट अपने नाम किए.

अनिल कुंबले के बाद अश्विन दूसरे सबसे ज्यादा ‘एक पारी में 5 विकेट’ हासिल करने वाले भारतीय गेंदबाज हैं. क्रिकेट की पहली परिभाषा ही कहती है कि ये खेल अनिश्तताओं से भरा हुआ है इसलिए अश्विन कहां तक जाएंगे ये अंदाज लगाना मुश्किल है. लेकिन अगर अश्विन के विकेट हासिल करने की रफ्तार ऐसी ही रही और वो फिट रहे तो भारत के सबसे महान गेंदबाजों में से एक जरूर कहलाएंगे.

ये भी पढ़ें: अश्विन और जडेजा की जोड़ी कैसे बन गई जीत की नंबर 1 जोड़ी ?