कभी सड़कों पर बेचे थे गोलगप्पे, अब सेमीफाइनल में शतकवीर बन भारत को पहुंचाया वर्ल्ड कप फाइनल में

यशस्वी के शतक के दम पर भारतीय अंडर-19 टीम ने मंगलवार को पाकिस्तान अंडर-19 टीम को पहले सेमीफाइनल में 10 विकेट से हरा दिया.

आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 105 रनों की पारी खेलने वाले भारत के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने कहा है कि उनका विश्व कप में शतक लगाने का सपना पूरा हो गया. यशस्वी के शतक के दम पर भारतीय अंडर-19 टीम ने मंगलवार को पाकिस्तान अंडर-19 टीम को पहले सेमीफाइनल में 10 विकेट से हरा दिया. हालांकि सेमीफाइनल के इस शतकवीर का यहां तक का सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है.

क्रिकेट की अपना काबिलियत को सही मौके से मिलाने के लिए तेजस्वी उत्तर प्रदेश से मुंबई पहुंचे थे. हालांकि उम्र कम थी और आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं थी, ऐसे में क्रिकेट खेलने के साथ पेट भी पालना था. इस स्थिति में तेजस्वी ने क्रिकेट प्रैक्टिस के बाद गोलगप्पे का ठेला लगाना शुरू किया. संघर्ष के इन दिनों में उन्होंने कई मुसीबतों का भी सामना किया, लेकिन कोई भी मुश्किल उनके क्रिकेट खेलने के जुनून के बीच नहीं आ सकी.

जिस शिद्दत से उन्होंने इस खेल के लिए संघर्ष किया, वैसे ही इस खेल ने भी उन्हें शोहरत और नाम दिया. पाकिस्तान के खिलाफ शतक जड़कर भारत को फाइनल में ले जाने वाले यशस्वी को इस साल IPL 2020 की नीलामी में 2.40 करोड़ रुपए में खरीदा गया है. वह इस बार राजस्थान रॉयल्स की ओर से IPL 2020 में चौके-छक्के लगाते हुए दिखेंगे. IPL से पहले ही इस धाकड़ बल्लेबाज ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपने शानदार खेल का ट्रेलर दिखा दिया है.

मैच के बाद बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, “यह मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है. मैंने अपने देश के लिए जो किया, उससे मैं काफी खुश हूं. मैं इसे शब्दों में बयां नहीं करता. मैं यह बात कभी नहीं भूल सकता कि मैंने पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप में शतक लगाया.” यशस्वी के साथ उनके जोड़ीदार दिव्यांश सक्सेना ने नाबाद 59 रनों की पारी खेल जीत में अहम योगदान दिया. यशस्वी ने कहा, “यह तो अभी शुरुआत है. मुझे भविष्य में भी कड़ी मेहनत करनी है.”

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