युवराज सिंह ने कहा, धोनी ने दिखाई सही तस्वीर, कहा था-नहीं खेल पाओगे 2019 विश्व कप

युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा कि वो धोनी (Dhoni) थे, जिन्होंने 2019 विश्व-कप (2019 World Cup) को लेकर मुझे सही तस्वीर दिखाई. धोनी ने मुझे समझाया कि सेलेक्टर्स मेरे नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं.
You will not be able to play 2019 World Cup, युवराज सिंह ने कहा, धोनी ने दिखाई सही तस्वीर, कहा था-नहीं खेल पाओगे 2019 विश्व कप
भारतीय टीम (Indian Team) के स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने एक इंटरव्यू में अपने करियर को लेकर विराट कोहली (Virat Kohli) और धोनी (Dhoni) के नज़रिए के बारे में बात की. युवी ने कहा कि- “कैंसर के बाद जब मैंने कमबैक किया तो विराट कोहली ने मेरा साथ दिया. अगर उस वक़्त उन्होंने मुझे ‘बैंक’ नहीं किया होता तो मैं ‘कमबैक’ नहीं कर पाता. लेकिन वो धोनी थे जिन्होंने 2019 विश्व-कप को लेकर मुझे सही तस्वीर दिखाई. धोनी ने मुझे समझाया कि सेलेक्टर्स मेरे नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं. उन्होंने मुझे सही तस्वीर दिखाई, वो जितना कर सकते थे उन्होंने सब कुछ किया.
युवराज सिंह ये भी कहा कि 2011 विश्व कप (World Cup 2011) तक धोनी को मुझ पर काफ़ी भरोसा था, वो मुझसे कहा करते थे कि मैं उनका ‘मेन’ खिलाड़ी हूं. लेकिन कैंसर से इलाज के बाद जब मैं लौटा तो टीम में स्थिति काफ़ी बदल चुकी थी.” युवराज सिंह ने कहा कि जहं तक 2015 विश्व कप (World Cup 2015) की बात है वो एक व्यक्तिगत फ़ैसला था. मैं मानता हूं कि कप्तान के तौर पर आप हमेशा हर चीज़ के साथ न्याय नहीं कर सकते. आपको ये देखना होता है कि टीम कैसा खेल रही है.

युवराज ने पिछले साल किया था संन्यास का ऐलान

युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने पिछले साल जब संन्यास का ऐलान किया तो वो लंबे समय से टीम से बाहर थे. युवराज सिंह लगातार इस बात के इंतज़ार में थे कि उन्हें टीम में वापसी का एक और मौक़ा मिलेगा. इस बीच 2019 में इंग्लैंड में विश्व कप भी था. 2011 विश्व कप के ‘मैन ऑफ़ द सीरीज़’ रहे युवराज सिंह को उम्मीद थी कि उनके नाम पर कम से कम विचार तो किया ही जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. 2017 में जून के महीने में वेस्टइंडीज़ (West Indies) के ख़िलाफ़ उन्होंने अपना आख़िरी वनडे मैच खेला था.
इसके बाद वो लगातार टीम से बाहर ही रहे. इस मियाद में भारतीय चयनकर्ताओं ने नंबर 4 पर बल्लेबाज़ी के लिए तमाम प्रयोग भी किए. कई खिलाड़ियों को आजमाया गया. इसके अलावा भी बल्लेबाज़ी क्रम में कुछ ऐसी जगहें थीं जहां युवराज सिंह के नाम पर विचार किया जा सकता था, लेकिन भारतीय क्रिकेट उस वक़्त तक युवराज सिंह से आगे बढ़ चुका था. यही वजह थी कि 2 साल के इंतज़ार के बाद युवराज सिंह को पिछले साल संन्यास का ऐलान करना पड़ा था.

2011 विश्व कप के स्टार थे युवराज सिंह

2011 विश्व कप में भारत की ख़िताबी जीत में युवराज सिंह का योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. उस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन करिश्माई था, युवराज सिंह ने 2011 विश्व कप में 362 रन बनाए थे. इसके अलावा उन्होंने पंद्रह विकेट भी लिए थे. यही वजह है कि उन्हें टूर्नामेंट में ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुना गया था.
विश्व कप (World Cup) के बाद ही युवराज सिंह को पता चला कि उन्हें कैंसर है. लंबे समय तक वो मैदान से दूर रहे, उन्होंने कैंसर को मात दी. इसके बाद वो क्रिकेट के मैदान में वापसी करने में भी क़ामयाब रहे. वापसी के बाद भी युवराज सिंह ने कुछ शानदार पारियां खेली. 2007 T20 विश्व कप (T20 World Cup 2007) में युवराज सिंह के बल्ले से निकले छह गेंद पर छह छक्के आज भी हर किसी को याद हैं. इस बात में कोई दो राय नहीं कि युवराज सिंह जैसा खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट में बार-बार नहीं आता.

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