युवा क्रिकेटरों को घरेलू क्रिकेट में तलाशने चाहिए मौके- अब्दुल खादिर

खादिर का एक ही सपना है कि मिजोरम में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाया जाए और जो खिलाड़ी बीच में ही क्रिकेट को छोड़ देते हैं उन्हें यह समझाया जाए

मंगलौर: क्रिकेट भारत की आत्मा में बसता है. यहां का बच्चा पैदा होने के बाद मां-बाप से सबसे पहले बैट-बॉल की ही जिद्द करता है. कई बच्चे आगे चलकर राष्ट्रीय क्रिकेट में शामिल होने की ख्वाइश भी रखते हैं लेकिन कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी इसमें नाकाम हो जाते हैं. युवा क्रिकेटर ऐसे में आशा छोड़ देते है और साथ में क्रिकेट भी छोड़ देते हैं. ऐसे में एक युवा खिलाड़ी उन युवा क्रिकेटरों को एक सलाह दे रहा है जोकि निराश होकर क्रिकेट से दूरी अख्तियार कर लेतें है.

3 मार्च 1991 को पैदा हुए सिनन अब्दुल खादिर की उम्र जब 14-15 साल की थी तो क्रिकेट के प्रति उनके भीतर एक आकर्षण पैदा हुआ. वह क्रिकेट खेलने भी लगा, लेकिन दसवीं क्लास तक पहुंचने के बाद भी उनके भीतर किसी तरह की कोई गंभीरता नहीं थी. जीवन के इस मोड़ पर खादिर की मुलाकात केएल राहुल और करुण नायर से हुई. ये दोनों क्रिकेट प्रति बेहद गंभीर थे और इनका सपना टीम इंडिया के लिए खेलना था. जो बाद में पूरा हुआ.

इन दोनों खिलाड़ियों ने ही सिनन अब्दुल खादिर के मन में क्रिकेट के प्रति गंभीरता पैदा की. समय गुजरा और खादिर एक बेहतरीन लेग स्पिनर के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुए. लेकिन इस समय ने खादिर को यह भी समझा दिया कि उनका चयन कर्नाटक टीम में होना भी कठिन है.

अब्दुल खादिर, युवा क्रिकेटरों को घरेलू क्रिकेट में तलाशने चाहिए मौके- अब्दुल खादिर

हालांकि वह कर्नाटक की तरफ से अंडर 19 खेल चुके थे. बावजूद इसके उन्हें आगे के रास्ते बंद नजर आए. उन्होंने फैसला किया कि वह मिजोरम के लिए खेलेंगे. संयोग से 2019 में ही मिजोरम ने रणजी में डेब्यू किया. यह खादिर का भी डेब्यू ही था. खादिर ने शानदार गेंदबाजी की और मिजोरम की तरफ सात मैचों में 22 विकेट लिए.

मिजोरम के लिए खेलते हुए खादिर यह भी जानते हैं कि उनके लिए टीम इंडिया में खेलना आसान नहीं है. वह कहते हैं, मिजोरम में भी कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो निराश होकर क्रिकेट छोड़ देते हैं. मैं उनस सिर्फ यही कहना चाहता हूं कि अगर आप नेशनल टीम में नहीं खेल पाते तो आपको घरेलू क्रिकेट में मौके तलाशने चाहिए.

आज भारत का घरेलू क्रिकेट भी खासा आकर्षक है. करण नायर और केएल राहुल को अपना रोल मॉड्ल मानने वाले सनिन खादिर गेंदबाजी आल राउंडर हैं. उन्होंने 2018-19 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में डेब्यू किया और सात फर्स्ट क्लास मैचों की 13 पारियों में 133रन भी बना चुके हैं. उनका अधिकतम स्कोर 30रन है.

खादिर का एक ही सपना है कि मिजोरम में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाया जाए और जो खिलाड़ी बीच में ही क्रिकेट को छोड़ देते हैं उन्हें यह समझाया जाए कि नेशनल टीम के अलावा और क्या विकल्प हो सकते हैं. मैं उन्हें यह समझाना चाहता हूं कि जब मैं नेशनल टीम में आने की समाप्त हो चुकी उम्मीदों के बावजूद क्रिकेट खेल सकता हूं तो वे क्यों नहीं.