bihar election 2020: बख्तियारपुर में 25 साल से कोई लगातार 2 बार विधायक नहीं बनता, क्या टूटेगा रिकॉर्ड

यहां यादव वोटों का सपोर्ट बहुत जरूरी है. बख्तियारपुर (bakhtiyarpur seat) में कुल ढाई लाख मतदाता हैं जिसमें 80 हजार के करीब यादव मतदाता हैं. इसलिए सभी दलों के प्रत्याशी अकसर यादव जाति के ही होते हैं.

पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र में आने वाली विधानसभा बख्तियारपुर में पिछले तीन दशक से बीजेपी और आरजेडी के बीच जंग होती रही है. आजादी के बाद से ही इस सीट पर 45 साल तक (एक बार छोड़कर) कांग्रेस का ही विधायक चुना जाता रहा है. केवल 1972 में यहां से सोशलिस्ट पार्टी के भोला प्रसाद सिंह ने जीत हासिल की थी. 1995 के बाद से इस सीट पर कभी भाजपा तो कभी आरजेडी को जीतने का सौभाग्य मिलता रहा है.

इस सीट पर 1995 में जनता दल के ब्रजनंदन यादव विजयी हुए. उसके बाद वर्ष 2000 में भाजपा के विनोद यादव यहां से विधायक बने. फिर 2005 ( फरवरी) में आरेजेडी अनिरुद्ध यादव को जनता ने अपना नेता बनाया, लेकिन 8 महीने बाद 2005 ( अक्टूबर) में हुए चुनाव में भाजपा के विनोद यादव बाजी मार ले गए. 2010 में फिर आरजेडी के अनिरुद्ध कुमार और 2015 में भाजपा के रणविजय सिंह लल्लू मुखिया को जनता ने अपना विधायक चुना. हर चुनाव में जोरदार भिड़ंत होती है और हार-जीत का अंतर बहुत कम होता है. भाजपा ने एक बार फिर रणविजय सिंह लल्लू पर ही भरोसा जताया है. इसलिए लड़ाई कांटे की होने की उम्मीद बढ़ गई है.

यादव बाहुल्य वाले इस विधानसभा में चुनाव जीतने के यादव वोटों का सपोर्ट बहुत जरूरी है. बख्तियार में कुल ढाई लाख मतदाता हैं जिसमें 80 हजार के करीब यादव मतदाता हैं. इसलिए सभी दलों के प्रत्याशी अकसर यादव जाति के ही होते हैं.

विकास का मुद्दा बहुत पुराना है

बख्तियारपुर के एक तरफ समस्तीपुर का मोहिद्दीनगर और दूसरी तरफ वैशाली जिले का बॉर्डर. दियारा क्षेत्र में पड़ने वाले बख्तियारपुर में विकास योजनाएं आते-आते दम तोड़ देती हैं. रोजगार के लिए स्थानीय लोगों को पलायन करना पड़ता है. उच्च शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. पशुपालन व दुग्ध उत्पादन ही क्षेत्र का मुख्य रोजगार है। क्षेत्र में अब तक विकास नहीं हुआ है. सतभैया पंचायत व हरनहिया गांव गंगा धाराओं में विलुप्त हो चुका है. मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र के बावजूद बख्तियारपुर में एक भी जगह शौचालय की व्यवस्था नहीं है. बख्तियारपुर से पटना जाने वाली एनएच अब (एसएच) 30 की हालत काफी खराब है. बख्तियारपुर को अनुमंडल का दर्जा देने, टाल योजना लागू करने , पेयजल व सिंचाई के साधनों का विकास करने की मांग बहुत पुरानी है. शुद्ध पेयजल के लिए लोग सालों से तरस रहे है. नब्बे प्रतिशत सरकारी नलकूप ठप पड़े हैं, किसान बेहाल हैं.

पिछले 7 चुनावों में जीते विधायक

2015-रणविजय सिंह ( बीजेपी)
2010- अनिरुद्ध कुमार (आरजेडी)
2005(अक्टूबर)- विनोद यादव ( बीजेपी)
2005(फरवरी)- अनिरुद्ध कुमार (आरजेडी)
2000- विनोद यादव ( बीजेपी)
1995- ब्रजनंदन यादव (जनता दल)
1990- रामजय पाल सिंह यादव( कांग्रेस)

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