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बेलसंड विधानसभा सीट: यहां देखें प्रत्याशी, वोटर्स, जातिगत आंकड़े और इस सीट का पूरा डेटा

Belsand Saidpur Vidhan Sabha constituency: बेलसंड विधानसभा सीट पर मुस्लिम, यादव और राजपूत वोटर लगभग बराबर ही हैं. रविदास और पासवान निर्णायक भूमिका में हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 7:47 am, Sun, 18 October 20
बेलसंड विधानसभा सीट पर मुस्लिम, यादव और राजपूत वोटर लगभग बराबर ही हैं. रविदास और पासवान निर्णायक भूमिका में हैं.

बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. 3 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. राज्य की बेलसंड विधानसभा सीट पर जेडीयू (JDU) की वर्तमान विधायक सुनीता सिंह चौहान एनडीए की प्रत्याशी हैं. वहीं, आरजेडी (RJD) के टिकट पर संजय कुमार गुप्ता यहां से महागठबंधन के उम्मीदवार हैं. एलजेपी (LJP) ने मो. नसीर अहमद को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया है.

सीट का इतिहास
सीतामढ़ी जिले की बेलसंड विधानसभा की सीट को पहचान रघुवंश प्रसाद सिंह से मिली. वो यहां से साल 1977, 1980, 1985 और 1995 में विधायक चुने गए. हालांकि, रघुवंश प्रसाद सिंह हर चुनाव में नई पार्टी के निशान पर मैदान में उतरे और जीते. पहली बार वो जनता पार्टी, दूसरी बार जनता पार्टी सोशलिस्ट, तीसरी बार लोकदल और चौथी बार जनता दल के टिकट पर चुनकर विधानसभा पहुंचे थे.

1996 में रघुवंश प्रसाद सिंह के लोकसभा में जाने के बाद हुए उप-चुनाव में समता पार्टी वृषिन पटेल को यहां से जीत मिली थी. 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू की सुनीता सिंह तीसरी बार यहां से विधायक बनी. उन्होंने लोजपा के निसार अहमद को करीब चार हजार वोटों से हराया था. 2010 में सुनीता जदयू के टिकट पर जबकि फरवरी 2005 में लोजपा के टिकट पर जीती थीं. अक्टूबर 2005 में राजद के संजय गुप्ता ने सुनीता सिंह को हराया था.

इस सीट पर अब तक 16 बार चुनाव हुए हैं. इनमें तीन-तीन बार कांग्रेस और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, दो-दो बार राजद, जदयू, और एक-एक बार लोजपा, समता पार्टी, जनता दल, लोकदल, जनता पार्टी सेक्युलर और जनता पार्टी ने यहां से जीत दर्ज की है. बेलसंड उन सीटों में शामिल है जहां भाजपा को आज तक जीत हासिल नहीं हो सकी है.

जातीय समीकरण
इस सीट पर मुस्लिम, यादव और राजपूत वोटर लगभग बराबर ही हैं. रविदास और पासवान निर्णायक भूमिका में हैं. मुस्लिम और यादव वोटरों का गठजोड़ यहां परल राजद के लिए पिछले चुनाव में असरदार साबित नहीं हुआ था. 2010 की तुलना में 2015 में यहां वोटिंग प्रतिशत बढ़ा था. 2010 में इस सीट पर 49.5% वोट पड़े थे और 2015 में 52% वोटिंग हुई थी.

कुल वोटरः 2.54 लाख

पुरुष वोटरः 1.36 लाख (53.5%)
महिला वोटरः 1.18 लाख (46.4%)
ट्रांसजेंडर वोटरः 4 (0.001%)