Bihar election 2020: कौन हैं जाले सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मस्कूर उस्मानी, जिनके ‘जिन्ना प्रेम’ को लेकर मचा बवाल

Bihar election 2020 congress candidate Usmani: डॉ. उस्मानी को कांग्रेस ने दरभंगा की जाले सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है. उस्मानी इससे पहले यूपी में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्र संगठन के अध्यक्ष रह चुके हैं. बता दें, यह वही यूनिवर्सिटी है जिसमें जिन्ना के लगे पोट्रेट को लेकर काफी हंगामा हो चुकी है. बीजेपी ने इसके खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया था.

मस्कूर अहमद उस्मानी (ANI)

कांग्रेस पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. दरभंगा के जाले सीट से कांग्रेस पार्टी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मस्कूर अहमद उस्मानी को टिकट दिया है. उस्मानी के नाम का ऐलान होते ही हंगामा शुरू हो गया है. उस्मानी मोहम्मद अली जिन्ना के समर्थक बनाए जाते हैं जिन्होंने पाकिस्तान के संस्थापक थे. जिन्ना के समर्थन की बात उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस और उस्मानी को घेरना शुरू कर दिया है. विरोध की इस कड़ी में आगे आए हैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जिन्होंने कांग्रेस से पूछा है कि वे ‘देश विरोधियों का साथ देने से कब बाज आएंगे.’

कौन हैं मस्कूर अहमद उस्मानी
डॉ. उस्मानी को कांग्रेस ने दरभंगा की जाले सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है. उस्मानी इससे पहले यूपी में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्र संगठन के अध्यक्ष रह चुके हैं. बता दें, यह वही यूनिवर्सिटी है जिसमें जिन्ना के लगे पोट्रेट को लेकर काफी हंगामा हो चुकी है. बीजेपी ने इसके खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया था. साल 2019 में उस्मानी के खिलाफ राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के लिए उनके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था. एक साल बाद 2020 में उस्मानी के खिलाफ सोशल नेटवर्किंग साइट टि्वटर ने कार्रवाई करते हुए उनका ट्विटर अकाउंट बंद कर दिया था. ट्विटर ने अकाउंट इसलिए बंद किया था क्योंकि उस्मानी ने अपनी पोस्ट में सफूरा जरगर और मीरान हैदर की गिरफ्तारी को लेकर अनलॉफुल एक्टिविटिज (प्रिंवेशन) एक्ट (यूएपीए) का खुलेआम विरोध किया था.

मीरान हैदर दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र हैं जिन्हें दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दिल्ली दंगों की साजिश रचने के लिए गिरफ्तार किया था. इसी तरह कश्मीर की रहने वाली सफूरा जरगर को दिल्ली दंगे के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इन दोनों की गिरफ्तारी यूएपीए के तहत किए जाने का उस्मानी ने विरोध जताया था. बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया है कि जब पुलिस ने उस्मानी के दफ्तर पर छापा मारा तो जिन्ना की तस्वीर हटाने पर उन्होंने खूब हंगामा किया था.

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कांग्रेस में भी विरोध
उस्मानी की दावेदारी पर बीजेपी के अलावा कांग्रेस में भी विरोध के स्वर फूट पड़े हैं. कांग्रेस के पूर्व विधायक और जाले सीट से दावेदार रहे ऋषि मिश्रा ने उस्मानी के जिन्ना प्रेमी होने का आरोप लगाया है. बता दें, कांग्रेस ने पूर्व रेलवे मंत्री ललित नारायण मिश्रा के पोते ऋषि मिश्रा को टिकट नहीं देकर मस्कूर उस्मानी को दिया है. ऋषि मिश्रा दरभंग की जाले सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में खड़े हुए थे लेकिन उनकी हार हो गई थी. इस सीट पर हुए उपचुनाव में ऋषि मिश्रा को फिर मौका मिला लेकिन इस बार भी वे बीजेपी प्रत्याशी जिबेश कुमार के हाथों हार गए. इस बार ऋषि मिश्रा को उम्मीद थी कि कांग्रेस उन्हें जाले से टिकट देगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका. अब ऋषि मिश्रा ने बीजेपी के सुर में सुर मिलाते हुए उस्मानी का विरोध किया है.

बीजेपी का कांग्रेस से सवाल
बीजेपी के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने उस्मानी के टिकट पर सवाल उठाए हैं. गिरिराज सिंह ने कांग्रेस से पूछा है कि वह ‘राष्ट्रविरोधी’ लोगों का समर्थन लेना कब बंद करेगी. गिरिराज सिंह ने पूछा कि देश गांधी के रास्ते पर चलेगा या जिन्ना के? गिरिराज सिंह ने पूछा कि देश में जिन्ना का क्या काम है. उन्होंने कहा, कांग्रेस ने जिन्ना के समर्थक को टिकट दिया है जिसने देश के दो टुकड़े करा दिए. अब महागठबंधन के नेताओं को जनता को जवाब देना चाहिए कि क्या वे भी पाकिस्तान के संस्थापक की विचारधारा का समर्थन करते हैं?

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कांग्रेस की सफाई
बीजेपी के हमले पर कांग्रेस ने जवाब दिया है. पार्टी प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने शनिवार को कहा कि बीजेपी का काम केवल नफरत फैलाना है. सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी नफरत की आड़ में विवाद खड़ा कर लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, हमारे जाले उम्मीदवार जिन्ना के समर्थक नहीं हैं और न कभी रहे. जब वे अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र थे, तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यूनिवर्सिटी से जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की थी. सुरजेवाला ने कहा कि उस्मानी ने संसद और बॉम्बे हाईकोर्ट से उस्मानी की तस्वीर हटाने की मांग उठाई थी. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके पत्र का कभी जवाब नहीं दिया. उस्मानी भी कह चुके हैं कि उनके दफ्तर में जिन्ना की फोटो का मतलब ये नहीं हुआ कि वे जिन्ना की विचारधारा से प्रेरणा लेते हैं.

 

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