Bihar election 2020: बिहार में NDA से क्यों अलग हुई चिराग की LJP, सुशील मोदी ने बताई वजह

Bihar election 2020 bjp ljp seat sharing: एलजेपी बिहार चुनाव में 36 सीटें चाह रही थी, जबकि उसे 20 सीटों का प्रस्ताव दिया गया था. सुशील मोदी ने कहा, मैंने इस बारे में (सीट शेयरिंग) फोन पर अमित शाह से बात की और उन्होंने चिराग पासवान के दावे को खारिज कर दिया कि सीटों को लेकर कोई बात हुई थी.

सुशील कुमार मोदी

बिहार चुनाव में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) एनडीए से क्यों अलग हुई? ये सवाल लोगों के दिमाग में तब से तैर रहे हैं जब से एलजेपी ने बिहार की 143 सीटों पर अलग लड़ने का ऐलान किया है. हालांकि चिराग यह कह चुके हैं कि बीजेपी के खिलाफ वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे लेकिन इससे यह बात कभी साफ नहीं हो पाई कि केंद्र में साथ रहने वाली पार्टी आखिर बिहार में चुनाव से ऐन पहले क्यों छिटक गई? बिहार के डिप्टी सीएम और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को इस सवाल का जवाब दिया और एलजेपी के अलग जाने की असल वजह बताई.

अमित शाह से नहीं हुई बात
डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने चिराग पासवान के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था सीट शेयरिंग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात हुई थी. सुशील मोदी ने कहा कि चिराग पासवान की ऐसी कोई बात अमित शाह से नहीं हुई और सीटों को लेकर निचले स्तर पर दोनों पार्टियों में बात असफल रही थी. सुशील मोदी ने चिराग पासवान के दावे को आधारहीन बताया और समाचार पत्र इकोनॉमिक टाइम्स से कहा कि एलजेपी बिहार चुनाव में 36 सीटें चाह रही थी, जबकि उसे 20 सीटों का प्रस्ताव दिया गया था. सुशील मोदी ने इकोनॉमिक टाइम्स से कहा, मैंने इस बारे (सीट शेयरिंग) में फोन पर अमित शाह से बात की और उन्होंने चिराग पासवान के दावे को खारिज कर दिया कि सीटों को लेकर कोई बात हुई थी. यह पूरी तरह से आधारहीन बात है. सच्चाई ये है कि सीट शेयरिंग की बात निचले स्तर पर पूरी नहीं हो पाई क्योंकि चिराग पासवान 36 सीटें लेने पर अड़े थे, बीजेपी उन्हें 20 सीटों से ज्यादा देने को तैयार नहीं थी. इतनी सीटें देने का प्रस्ताव इसलिए था क्योंकि 2015 में एलजेपी ने 42 में केवल दो सीटों पर जीत दर्ज की थी.

ये भी पढ़ें: Bihar election 2020: बिहार में बनेगी BJP की सरकार और साथ होगी LJP! पढ़ें, चिराग की क्या है रणनीति

वोटकटवा पार्टी है एलजेपी
सुशील कुमार मोदी ने अभी हाल में कहा था कि निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर कहा जाएगा कि वह एनडीए से बाहर की पार्टियों को पीएम मोदी की तस्वीर इस्तेमाल करने से रोके. बीजेपी के केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शुक्रवार को एलजेपी पर खुला हमला बोलते हुए उसे वोटकटवा पार्टी करार दिया. जावडेकर ने कहा कि चिराग पासवान बीजेपी के नेताओं का नाम लेकर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं, जबकि सच्चाई ये है कि एलजेपी ने बिहार चुनाव में अपना अलग रास्ता चुना है और बीजेपी को उससे कोई मतलब नहीं है. एलजेपी पर बीजेपी की बी टीम होने का भी आरोप लग रहा है, जिसके बारे में जावडेकर ने साफ किया कि बिहार में बीजेपी की कोई ए,बी,सी या डी पार्टी नहीं है. बीजेपी के साथ गठबंधन में जेडीयू, हम और विकासशील इंसान पार्टी है जिसकी तीन चौथाई से सरकार बनने जा रही है. जावडेकर ने एलजेपी को वोटकटवा पार्टी कहा जिस पर चिराग का जवाब आया कि बीजेपी नेताओं के ये बयान नीतीश कुमार के इशारे पर आ रहे हैं.

बीजेपी के खिलाफ साजिश?
चिराग पासवान का नीतीश कुमार का विरोध जगजाहिर हो चुका है क्योंकि वे खुलेआम उन्हें चुनौती दे रहे हैं और अगली सरकार किसी सूरत में जेडीयू की न बनने की दुहाई दे रहे हैं. चिराग यहां तक बोल रहे हैं कि अगली सरकार बीजेपी की बनेगी और एलजेपी उसका एक हिस्सा होगी. नीतीश कुमार के खिलाफ चिराग पासवान के बयानों पर डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बड़ी बात कही और बताया कि चिराग का नीतीश कुमार के खिलाफ जाने का मतलब है प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के खिलाफ जाना क्योंकि ये उन दोनों का फैसला था. सुशील मोदी ने कहा, जो लोग अपने दम पर एक सीट नहीं जीत सकते, वे बाद में हमारे साथ सरकार बनाने की बात कर रहे हैं. जब आप ये कहते हैं कि नीतीश कुमार की सरकार नहीं बनने दूंगा, इसका मतलब ये हुआ कि आप बीजेपी की सरकार भी नहीं बनने देना चाहते हैं. यह एक तरह से सोची समझी रणनीति है बीजेपी को सरकार में नहीं आने देने के लिए. दूसरी ओर चिराग पासवान ने शनिवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि बिहार में अगली सरकार बीजेपी की बनेगी और एलजेपी उसका हिस्सा होगी.

 

Related Posts