Bihar elections 2020: बीजेपी के खांटी नेता हैं नंद किशोर यादव, ऐसे खत्म की सड़कों की बदहाली

Bihar elections 2020 nand kishor yadav profile: नंद किशोर यादव 1995 में पहली बार पूर्वी पटना विधान सभा क्षेत्र से विधायक चुने गए. उनकी लोकप्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए 1998 में प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. यादव के अध्यक्ष कार्यकाल में ही 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को शानदार जीत मिली और इसके 41 उम्मीदवार निर्वाचित हुए.

नंद किशोर यादव

नंद किशोर यादव बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बड़े नेता हैं. वे अभी बिहार सरकार में सड़क मंत्री हैं. नंद किशोर यादव की राजनीति भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से शुरू हुई है. वे शुरू से आरएसएस से जुड़े रहे हैं और अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है. पिछली बार जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का जब गठबंधन टूटा और बिहार में एनडीए की सरकार बनी, तब से नंद किशोर यादव कैबिनेट मंत्री का पद संभाले हुए हैं. उन्होंने बिहार सरकार में पर्यटन मंत्री का पद भी संभाला है.

नंद किशोर यादव पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र से चुन कर आते रहे हैं. पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र भी है जो बीजेपी के कब्जे में है. यहां से केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद सांसद हैं. रविशंकर प्रसाद ने पिछले लोकसभा चुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा को हराया था. शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे. उससे पहले वे ही पटना साहिब से बीजेपी के सांसद रहते आए थे लेकिन उन्हें 2019 में पार्टी से निकाल दिया गया था. इसी संसदीय क्षेत्र के पटना साहिब विधानसभा सीट से नंद किशोर यादव विधायक हैं. 26 अगस्त 1953 को जन्मे नंद किशोर यादव बीएससी हैं और उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पटना यूनिवर्सिटी से पूरी की है.

आरएसएस से नाता
नंद किशोर यादव 1969 में आरएसएस से जुड़े. दो साल के अंदर वे छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए और पटना सिटी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष बनाए गए. 1971 में उन्होंने छात्र संगठन विद्यार्थी परिषद जॉइन कर ली. 1974 में वे सामाजिक आंदोलन से जुड़ गए जिसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने शुरू किया था. 1974 में बीएससी की फाइनल परीक्षा छोड़ कर वे जेपी के आह्वान पर आंदोलन में शरीक हो गए और पटना सिटी छात्र कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए. नंद किशोर यादव 1978 में पटना नगर निगम के पार्षद बनाए गए. इसके साथ ही वे पटना जिले के जनता युवा मोर्चा के प्रमुख बन गए. 1982 में पटना नगर निगम के डिप्टी मेयर और उसके बाद पटना महानगर के बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने अपनी सक्रिय राजनीति शुरू की.1983 से 1990 तक नंद किशोर यादव ने पार्टी के अलग-अलग पदों पर सेवा दी. वे बीजेपी युवा मोर्चा के महासचिव, खजानची और उपाध्यक्ष रह चुके हैं.

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राजनीतिक सफर
नंद किशोर यादव 1995 में पहली बार पूर्वी पटना विधान सभा क्षेत्र से विधायक चुने गए. उनकी लोकप्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए 1998 में प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. यादव के अध्यक्ष कार्यकाल में ही 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को शानदार जीत मिली और इसके 41 उम्मीदवार निर्वाचित हुए. इनमें बीजेपी के 23 और जेडीयू के 18 सांसद चुने गए. नंद किशोर यादव 2003 तक बिहा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे. इससे पहले नंदकिशोर यादव 1995 से 1998 तक प्रदेश बीजेपी के महामंत्री रह चुके थे. आगे चलकर वर्ष 2000 में वे पूर्वी पटना क्षेत्र से दूसरी बार विधायक चुने गए. साल 2003 में उन्हें एनडीए के बिहार प्रदेश संयोजक के साथ-साथ बीजेपी राष्ट्रीय कार्यसमिति और केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य के रूप में बड़ी जिम्मेदारी मिली. फरवरी 2005 में नंद किशोर यादव पूर्वी पटना से तीसरी बार और उसी साल नवंबर में हुए चुनाव में चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए. बाद में पूर्वी पटना का नाम पटना साहिब हो गया. यादव ने 2010 में पांचवीं बार और 2015 के चुनाव में छठी बार पटना साहिब से जीत हासिल की.

सड़क विकास नंदकिशोर यादव के नाम
पहले बिहार का नाम सामने आते ही बदहाल सड़कों की तस्वीर उभरती थी. बिहार के किसी कोने में चले जाएं, खस्ताहाल सड़कें चर्चा का केंद्र बनी रहती थीं. दूसरे राज्य के लोग अक्सर इसकी शिकायत करते थे. एनडीए सरकार बनने से पहले तय यही दशा थी. लेकिन 2005 से इसमें परिवर्तन दिखना शुरू हुआ. एनडीए सरकार में नंद किशोर यादव को पथ निर्माण और पर्यटन मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई. नंद किशोर यादव ने पहला काम सड़कों को दुरुस्त करने का किया. एक समग्र योजना बनाकर सड़कों को सुधारना शुरू किया गया. प्रदेश में सड़कों के साथ-साथ पुल और पुलियों पर भी फोकस किया गया. इसमें सुधार दिखा और धीरे-धीरे बिहार की सड़कें विकसित हो गईं. आज इसमें बड़े स्तर पर तब्दीली आई है और अब भी नंद किशोर यादव ही सड़क मंत्रालय का काम संभाल रहे हैं. इससे पहले 2008 में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था. 2010 के विधान सभा चुनाव के बाद नंदकिशोर यादव को फिर पथ निर्माण मंत्री बनाया गया. 2017 में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन की सरकार बनी और नंद किशोर यादव को फिर से सड़क मंत्रालय का जिम्मा दिया गया.

 

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