Bihar elections 2020: RJD में MY समीकरण का चला सिक्का, 58 यादव और 17 मुस्लिमों को बांटे टिकट

Bihar elections 2020 caste factor: आरजेडी ने मुस्लिम-यादव समीकरण का खयाल रखते हुए 17 मुसलमानों को विधानसभा का टिकट दिया है. ऐसा नहीं है कि यादव वोटों पर सिर्फ आरजेडी का ही ध्यान है. बीजेपी ने भी इस जाति का वोट पाने के लिए 16 यादव उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 2:33 pm, Fri, 16 October 20
तेजस्वी यादव

क्या बिहार का विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है? यह सवाल इसलिए मौजूं है कि टिकट बंटवारे को देखें तो कुछ और ही तस्वीर सामने निकल कर आती ही है. अलग-अलग पार्टियों के लिए विकास भले ही नारा हो लेकिन जब टिकट देने की बात आती है तो जात-पात को ही ध्यान में रखा जाता है. इसे समझने के लिए बिहार की तीन बड़ी पार्टियों का टिकट वितरण पैटर्न देख सकते हैं. आरजेडी ने जहां यादवों पर फोकस किया है तो जेडीयू ने ईबीसी और बीजेपी ने राजपूत और वैश्य जातियों पर.

टिकट वितरण में उम्मीदवारों का चयन जिस लिहाज से हुआ है उससे पता चलता है कि अति पिछड़ी जाति (ईबीसी) के वोट बैंक को सबसे ज्यादा तवज्जो दी गई है. किस सीट पर ईबीसी का प्रतिशत कितना है, उसी हिसाब से उम्मीदवार तय किए गए हैं. समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने क्रमशः 24 फीसद और 26 फीसद ईबीसी को टिकट दिया है. बिहार में ईबीसी की तादाद 25 फीसद के आसपास है जिसे इन दोनों पार्टियों ने नजर में रखते हुए अपने उम्मीदावर उतारे हैं. ईबीसी जातियों का वोट ‘फ्लोटिंग’ (इधर-उधर होने वाला) कैटगरी में आता है, यानी कि इनके वोट उम्मीदवारों के लिहाज से तय होते हैं.

बीजेपी में राजपूत प्रत्याशियों का बोलबाला

आरजेडी का टिकट वितरण देखें तो पता चलेगा कि पार्टी में यादवों पर ज्यादा फोकस किया गया है. महागठबंधन में आरजेडी को 144 सीटें दी गई हैं जिनमें आरजेडी ने 40 फीसद सीटों पर यादव उम्मीदवार उतारे हैं. यह संख्या 58 उम्मीदवारों की है, जबकि आरजेडी ने मुस्लिमों का खयाल रखते हुए 12 फीसद मुस्लिम कैंडिडेट्स को टिकट दिया है. आरजेडी ने मुस्लिम-यादव समीकरण का खयाल रखते हुए 17 मुसलमानों को विधानसभा का टिकट दिया है. ऐसा नहीं है कि यादव वोटों पर सिर्फ आरजेडी का ही ध्यान है. बीजेपी ने भी इस जाति का वोट पाने के लिए 16 यादव उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने अभी तक 110 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है जिनमें 21 राजपूत, 17 वैश्य, 16 यादव, 15 भूमिहार, अनुसूचित जाति के 14 और 11 ब्राह्मण उम्मीदवार हैं.

ये भी पढ़ें: Bihar elections 2020: बिहार के श्रम मंत्री के इलाके में ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के नारों का जोर

एनडीए में 20 ब्राह्मणों को टिकट

जेडीयू ने अब तक 115 उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं. इनमें सबसे ज्यादा महत्व ईबीसी को दिया गया है जिनमें 26 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे हैं. जेडीयू में दूसरे नंबर पर कुशवाहा हैं और 15 उम्मीदवारों को टिकट थमाया गया है. बिहार में कुशवाहा (कोइरी) जाति की संख्या अच्छी-खासी है जिसे देखते हुए जेडीयू ने इस जाति के प्रत्याशियों पर दांव लगाया है. जेडीयू ने 13 एससी, 12 कुर्मी, 11 मुस्लिम, 9 भूमिहार और 7 राजपूत कैंडिडेट्स को टिकट दिया है. एनडीए में जेडीयू और बीजेपी शामिल हैं और इन दोनों ने मिलकर 28 राजपूत, 20 ब्राह्मण, 24 भूमिहार और 24 एससी जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया है.

बीजेपी-जेडीयू का टिकट वितरण बताता है कि बीजेपी ने अपने कोर बेस अगड़ी जाति-बनिया और ओबीसी पर ध्यान दिया है तो जेडीयू ने कुर्मी-कोइरी जातियों पर ज्यादा भरोसा जताया है. बीजेपी की लिस्ट में 50 फीसद अगड़ी जाति और 17 ओबीसी वैश्य प्रत्याशी हैं तो जेडीयू ने 18 अगड़ी जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया है. आरजेडी में यह संख्या 12 है. जेडीयू ने 12 कुर्मी और 15 कुशवाहा जातियों को वोट दिया है, जबकि बीजेपी ने इस जाति से 4-4 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है.